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इस शायर को ‘सरकार’ ने ‘गुड़ दिखाकर मारा ढेला’

Sat, 29 Oct 2016 07:51 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 29 Oct 2016 07:51 PM IST
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poet nishtar banvi not called for yash bharti award from up government
शिल्पकार को ‘यश भारती’ सम्मान न दिए जाने के विरोध में डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते स्वयंसेवी। ( इनसेट- शायर एवं शिल्पकार हामिद हुसैन उर्फ निश्तर बांदवी - फोटो : अमर उजाला
‘यश भारती’ सम्मान में प्रदेश सरकार ने बांदा के एक शायर और शिल्पकार को ‘गुड़ दिखाकर ढेला मारा’। शिल्पकार होने के साथ वह शायर भी हैं। सम्मान के लिए लखनऊ में निमंत्रण देकर और यहां प्रशासन द्वारा आनन-फानन पूरी कराई गई औपचारिकता के बावजूद ऐन मौके पर सूची से नाम हटा दिया गया। इसमें प्रशासन के कुछ अधिकारियों की भी मिलीभगत बताई गई है। दो माह पूर्व मुख्यमंत्री ने खुद इस शिल्पकार को पुरस्कृत किया था।
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मर्दननाका निवासी हामिद हुसैन शजर पत्थर के बहुत पुराने शिल्पकार हैं। अपने हुनर में महारत रखने के बावजूद पूंजी के अभाव में बेहद गरीबी के दिन बिता रहे हैं। इसी वर्ष अगस्त माह में वह लखनऊ में आयोजित अवध मेले में गए थे। बुढ़ापे में शजर जैसा कठोर पत्थर काटते देख मुख्यमंत्री अखिलेश यादव काफी प्रभावित हुए और उन्हें दो लाख रुपये कैश तथा स्मार्ट मोबाइल फोन इनाम में दिया। आगे भी मदद का भरोसा दिलाया। इसी 26 अक्तूबर को उन्हें सूचना मिली कि 27 अक्तूबर को लखनऊ में उन्हें मुख्यमंत्री के हाथों ‘यश भारती’ सम्मान दिया जाएगा। उद्योग विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने 26 को ही उन्हें बुलाकर आनन-फानन सारी औपचारिकताएं पूरी कराईं। रात में लखनऊ पहुंचने की तैयारी थी। इसी बीच खबर मिली की ऐन मौके पर उनका नाम सम्मान पाने वाले लोगों की सूची से  हटा दिया गया है। हामिद हुसैन वरिष्ठ शायर भी हैं। उन्हें ‘निश्तर बांदवी’ नाम से जाना जाता है। 
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शिल्पकार और शायर के साथ हुए यह अपमानपूर्ण रवैए पर जिले के शायरों, शिल्पकारों तथा समाजसेवियों में रोष है। सपा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी ने मुख्यमंत्री कार्यालय में फोन पर इस बारे में बात की है। उन्होंने बताया कि 5 नवंबर को सपा की लखनऊ में हो रही रजत जयंती के बाद वह इस बारे में मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाएंगे। उधर, बताते हैं कि जिले के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कुछ शिल्पकार और भाजपा नेताओें की शिकायत पर शासन को पत्र भेजकर नाम कटवाया है। 
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