Kanpur: पॉक्सो आरोपी के पिता को पुलिस फोबिया, बोला- पुलिस आई और छत से कूद गया…मौत, पढ़ें पूरा मामला
Kanpur News: चकेरी क्षेत्र के गांधीग्राम बेटे के पॉक्सो में जेल जाने से पुलिस फोबिया से ग्रसित पिता ने छत से छलांग लगा दी। इससे उनकी मौत हो गई, जबकि उनको बचाने में बड़े बेटे के दोनों पैर टूट गए।
विस्तार
कानपुर में छोटे बेटे के पॉक्सो में जेल जाने के सदमे में पिता पुलिस फोबिया के शिकार हो गए। पुलिस का नाम सुनते ही कभी घर के बेड के नीचे तो कभी दीवार के पीछे छिप जाते। सोमवार को वह मकान की पहली मंजिल की छत पर पहुंचे और बोले पुलिस आकर ले जाएगी। यह कहते हुए भागे और छत से नीचे गिर गए।
उन्हें गिरने से बचाने के चक्कर में बड़ा बेटा भी उनके साथ नीचे आ गिरा। घटना में पिता की जान चली गई जबकि घायल बेटे का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मामला चकेरी थानाक्षेत्र के गांधी ग्राम इलाके का है। गांधीग्राम निवासी जगन्नाथ (75) पत्नी, दो बेटे गगन, राजा के साथ रहते थे।
बेटी मोना के पति मनोज ने बताया कि 20 वर्ष पहले जगन्नाथ बल्ब की फैक्टरी में काम करते थे। काम करने की वजह से उनकी आंखों की रोशनी कमजोर हो गई थी। दो माह पहले उनके बेटे राजा को एक लड़की ने पॉक्सो व अन्य धाराओं में जेल भिजवा दिया।
मानसिक स्थिति देख परिजन रखते थे नजर
इसके बाद से जगन्नाथ की मानसिक हालत और खराब हो गई। बेटे के जेल जाने का उनपर ऐसा असर हुआ कि वह पुलिस फोबिया के शिकार हो गए। अचानक पुलिस का नाम सुनते ही डर जाते थे। कभी बेड के नीचे तो कभी दीवार के पीछे छिप जाते थे। जगन्नाथ की मानसिक स्थिति देख परिजन उन पर नजर रखते थे।
पहली मंजिल से लगा दी छलांग
मनोज के मुताबिक सोमवार सुबह करीब सात बजे जगन्नाथ मकान की पहली मंजिल की छत पर पहुंच गए। वहां खड़े होकर अचानक चिल्लाने लगे कि पुलिस आकर ले जाएगी। उनकी आवाज सुनकर बड़ा बेटा गगन वहां पहुंचा ही था कि जगन्नाथ ने पहली मंजिल से छलांग लगा दी। उन्हें पकड़कर बचाने के चक्कर में गगन भी नीचे गिर गया।
गगन के दोनों पैर टूट गए, चल रहा है इलाज
पिता-पुत्र की चीख सुनकर परिवार के लोग घर से बाहर आ गए और आनन फानन दोनों को कांशीराम अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने जगन्नाथ को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गगन के दोनों पैर टूट गए। उसका इलाज चल रहा है। चकेरी थाना प्रभारी अशोक दुबे ने बताया कि परिजनों से पूछताछ में जगन्नाथ ने मकान की पहली मंजिल से कूद कर जान देने की बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है।
खुद को निर्दोष बताने पर भी पुलिस ने भेजा जेल
परिजनों का आरोप है कि राजा दोस्तों के साथ एक किशोरी के घर गया था। वह घर के बाहर खड़ा होकर दोस्तों से बात करने लगा। इस दौरान कुछ दोस्त उसके घर के अंदर गए। उन लोगों ने क्या किया ये नहीं पता। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने राजा को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि वह अपने को निर्दोष बताता रहा, लेकिन पुलिस ने एक न सुनी।