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कानपुर: डेंगू, बुखार के साथ अब निमोनिया का हमला, दो की मौत, पांच मरीज गंभीर हालत में हैलट में भर्ती
Sat, 25 Sep 2021 07:17 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 25 Sep 2021 07:17 PM IST
सार
सीनियर फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि वायरल फीवर के बाद रोगियों को न्यूमोनाइटिस की शिकायत हो रही है। डेंगू और वायरल फीवर के साथ रोगियों की टायफाइड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ रही है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर में डेंगू, बुखार के साथ ही अब निमोनिया का भी हमला तेज हो गया है। शनिवार को वायरल निमोनिया से दो लोगों की मौत हो गई। पांच गंभीर रोगियों को हैलट में भर्ती कराया गया है। इन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। कुछ बच्चों को भी बाल रोग अस्पताल में भर्ती किया गया है।
हैलट और बालरोग अस्पताल में शहर के अलावा आसपास के जिलों के रोगी आ रहे हैं। वायरल निमोनिया के रोगियों में बच्चों की संख्या भी बढ़ रही है। शनिवार को चकेरी के राघव की डेढ़ साल की बेटी गुड़िया की मौत हो गई। उसे लालबंगला के निजी अस्पताल ले जाया गया था।
परिजनों ने बताया कि दो दिन से बच्ची की पसली चल रही थी। सुबह बच्ची की सांस अटक गई और मौत हो गई। इसी तरह कल्याण के रत्नेश (48) की वायरल निमोनिया से मौत हुई है। रत्नेश का टीबी का इलाज डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल में चल रहा था।
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उसके भाई ने बताया कि वह ठीक था। बुखार आने के बाद सीने में जकड़न हो गई। इसके बाद सांस नहीं ले पाए। सीनियर फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि वायरल फीवर के बाद रोगियों को न्यूमोनाइटिस की शिकायत हो रही है। डेंगू और वायरल फीवर के साथ रोगियों की टायफाइड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ रही है।
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हैलट और बालरोग अस्पताल में शहर के अलावा आसपास के जिलों के रोगी आ रहे हैं। वायरल निमोनिया के रोगियों में बच्चों की संख्या भी बढ़ रही है। शनिवार को चकेरी के राघव की डेढ़ साल की बेटी गुड़िया की मौत हो गई। उसे लालबंगला के निजी अस्पताल ले जाया गया था।
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परिजनों ने बताया कि दो दिन से बच्ची की पसली चल रही थी। सुबह बच्ची की सांस अटक गई और मौत हो गई। इसी तरह कल्याण के रत्नेश (48) की वायरल निमोनिया से मौत हुई है। रत्नेश का टीबी का इलाज डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल में चल रहा था।
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उसके भाई ने बताया कि वह ठीक था। बुखार आने के बाद सीने में जकड़न हो गई। इसके बाद सांस नहीं ले पाए। सीनियर फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि वायरल फीवर के बाद रोगियों को न्यूमोनाइटिस की शिकायत हो रही है। डेंगू और वायरल फीवर के साथ रोगियों की टायफाइड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ रही है।