{"_id":"58a5f90b4f1c1b1235d87ace","slug":"plum-and-went-away-lives-of-innocent-child-caught-in-throat","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुष्पेंद्र ने खा लिया था बेर, नहीं मिली सांस, तड़प कर चली गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुष्पेंद्र ने खा लिया था बेर, नहीं मिली सांस, तड़प कर चली गई जान
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 17 Feb 2017 12:40 AM IST
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रोते बिलखते मृतक बच्चे के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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स्कूल में लंच के दौरान बेर खाते वक्त कक्षा दो के छात्र की सांस न ले पाने के कारण तड़पकर मौत हो गई। कानपुर के झींझक क्षेत्र के सबलपुर गांव निवासी पुष्पेंद्र उर्फ शिवम (8) पुत्र अरविंद कुमार मंगलपुर स्थित मौलाना अबुल कलाम विद्यालय में कक्षा दो का छात्र था। गुरुवार दोपहर इंटरवल के दौरान पुष्पेंद्र बस्ते में रखे बेर खाने लगा।
अचानक गले में बेर फंसने से वह वहीं तड़पने लगा। उसे तड़पता देख साथी बच्चों ने शिक्षकों को इसकी जानकारी दी। जब पुष्पेंद्र की हालत और बिगड़ने लगी तो शिक्षक उसे लेकर झींझक सीएचसी गए, जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीएचसी पहुंची मां कुसमा देवी मौत की खबर सुनकर बदहवास सी हो गईं। परिजन शव लेकर अपने घर चले गए। अस्पताल में मौजूद डॉ. शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि बच्चे की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो चुकी थी। उसकी श्वास नली में कुछ फंसने से मौत हुई।
सबका दुलारा था पुष्पेंद्र
पुष्पेंद्र चार भाई-बहन पुष्पा (12), कोमल (10) और अंकित (5) में तीसरे नंबर का था। उसके पिता पंजाब में प्राइवेट नौकरी करते हैं। पुष्पेंद्र परिवार का दुलारा था, उसे अचानक हुई मौत से परिवार और क्षेत्रीय लोग स्तब्ध है।
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अचानक गले में बेर फंसने से वह वहीं तड़पने लगा। उसे तड़पता देख साथी बच्चों ने शिक्षकों को इसकी जानकारी दी। जब पुष्पेंद्र की हालत और बिगड़ने लगी तो शिक्षक उसे लेकर झींझक सीएचसी गए, जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीएचसी पहुंची मां कुसमा देवी मौत की खबर सुनकर बदहवास सी हो गईं। परिजन शव लेकर अपने घर चले गए। अस्पताल में मौजूद डॉ. शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि बच्चे की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो चुकी थी। उसकी श्वास नली में कुछ फंसने से मौत हुई।
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सबका दुलारा था पुष्पेंद्र
पुष्पेंद्र चार भाई-बहन पुष्पा (12), कोमल (10) और अंकित (5) में तीसरे नंबर का था। उसके पिता पंजाब में प्राइवेट नौकरी करते हैं। पुष्पेंद्र परिवार का दुलारा था, उसे अचानक हुई मौत से परिवार और क्षेत्रीय लोग स्तब्ध है।
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