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डेंगू आते ही बिकने लगीं प्लेटलेट्स, अवैध पैथोलॉजी करती हैं धंधा, रोगियों की जान से खिलवाड़
Tue, 13 Oct 2020 10:32 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 13 Oct 2020 10:32 AM IST
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डेंगू आते ही रेवड़ी की तरह बिकने लगीं प्लेटलेट्स
- फोटो : BBC
कानपुर में डेंगू का सीजन आते ही अवैध पैथोलॉजियों ने प्लेटलेट्स और पीआरपी बेचने का धंधा शुरू कर दिया है। बर्रा में एक मामला पकड़ में आने के बाद खाद्य एवं औषधि नियंत्रण विभाग चौकन्ना हो गया है। नर्सिंगहोमों में बाहर से प्लेटलेट्स लाने वालों से प्लेटलेट्स बेचने वालों की सुरागरसी की जा रही है। अवैध तरीके से प्लेटलेट्स उर्सला और हैलट के लेवल लगाकर बेचे जाते हैं।
बर्रा में जो मामला पकड़ा गया है उस पर उर्सला का लेवल लगा हुआ था। उर्सला के ब्लड बैंक प्रभारी ने दो पाउच नर्सिंगहोम से जब्त कर लिए थे। ड्रग इंस्पेक्टर संदेश मौर्या ने बताया कि पकड़ी गई प्लेटलेट्स की क्वालिटी की जांच मेडिकल कालेज के ब्लड एंड ट्रांसफ्युजन विभाग में कराई जाएगी। अवैध तरीके से प्लेटलेट्स बेचने वाले गिरोह ने शहर के करीब 50 अस्पतालों में पीआरपी पाउच बेचे हैं।
सोमवार को एक और व्यक्ति प्लेटलेट्स का पाउच लेकर उर्सला ब्लड बैंक पहुंचा। इस पर सर्वोदय नगर के एक अस्पताल का टैग लगा हुआ था। लेकिन बाद में भाग गया। उर्सला के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एसके मिश्रा ने बताया कि पहली झलक में उसका भी पाउच बर्रा के नर्सिंगहोम के रोगी को सप्लाई किए गए पाउच की तरह रहा है। सूत्रों ने बताया कि बहुत से लोग अवैध पैथोलॉजी चला रहे हैं।
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बर्रा में जो मामला पकड़ा गया है उस पर उर्सला का लेवल लगा हुआ था। उर्सला के ब्लड बैंक प्रभारी ने दो पाउच नर्सिंगहोम से जब्त कर लिए थे। ड्रग इंस्पेक्टर संदेश मौर्या ने बताया कि पकड़ी गई प्लेटलेट्स की क्वालिटी की जांच मेडिकल कालेज के ब्लड एंड ट्रांसफ्युजन विभाग में कराई जाएगी। अवैध तरीके से प्लेटलेट्स बेचने वाले गिरोह ने शहर के करीब 50 अस्पतालों में पीआरपी पाउच बेचे हैं।
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सोमवार को एक और व्यक्ति प्लेटलेट्स का पाउच लेकर उर्सला ब्लड बैंक पहुंचा। इस पर सर्वोदय नगर के एक अस्पताल का टैग लगा हुआ था। लेकिन बाद में भाग गया। उर्सला के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एसके मिश्रा ने बताया कि पहली झलक में उसका भी पाउच बर्रा के नर्सिंगहोम के रोगी को सप्लाई किए गए पाउच की तरह रहा है। सूत्रों ने बताया कि बहुत से लोग अवैध पैथोलॉजी चला रहे हैं।
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वे ब्लड से प्लेटलेट्स और प्लाज्मा रिट प्लेटलेट्स निकलवाते हैं और रोगियों के तीमारदारों को फंसा कर बेच देते हैं। ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स के बदले में एक यूनिट खून देना पड़ता है। लेकिन अवैध पैथोलोजी वाले पैसे लेकर प्लेटलेट्स दे देते हैं। इसी चक्कर में लोग फंस जाते हैं।
लोगों को झांसा देने के लिए खानापूरी के तौर पर फार्म भी भरवाते हैं और रोगी का ब्लड सैंपल भी लिया जाता है। इसके साथ ही अवैध पैथोलॉजी वाले गांवों में अपने एजेंट भेजकर लोगों की डेंगू की जांच कर रहे हैं। वहां से ब्लड सैंपल लाकर अगले दिन रिपोर्ट दे आते हैं। सरसौल में मामला पकड़ में आने के बाद सीएमओ की टीम एजेंटों की जांच कर रही है।
ब्लड बैंक के काउंटर से ही लें प्लेटलेट्स
उर्सला के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एसके मिश्रा ने लोगों से अपील की है कि ब्लड, प्लेटलेट्स, पीआरपी ब्लड बैंक के काउंटर से ही लें। इसके साथ ही रसीद चेक कर लें। किसी बाहरी व्यक्ति से कहीं बाहर कतई ब्लड या प्लेटलेट्स न लें। इससे रोगी की जान को खतरा हो सकता है।
लोगों को झांसा देने के लिए खानापूरी के तौर पर फार्म भी भरवाते हैं और रोगी का ब्लड सैंपल भी लिया जाता है। इसके साथ ही अवैध पैथोलॉजी वाले गांवों में अपने एजेंट भेजकर लोगों की डेंगू की जांच कर रहे हैं। वहां से ब्लड सैंपल लाकर अगले दिन रिपोर्ट दे आते हैं। सरसौल में मामला पकड़ में आने के बाद सीएमओ की टीम एजेंटों की जांच कर रही है।
ब्लड बैंक के काउंटर से ही लें प्लेटलेट्स
उर्सला के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एसके मिश्रा ने लोगों से अपील की है कि ब्लड, प्लेटलेट्स, पीआरपी ब्लड बैंक के काउंटर से ही लें। इसके साथ ही रसीद चेक कर लें। किसी बाहरी व्यक्ति से कहीं बाहर कतई ब्लड या प्लेटलेट्स न लें। इससे रोगी की जान को खतरा हो सकता है।