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सब्जी लो या शर्ट, अब झोला मस्ट
अमर उजाला ब्यूरो/ कानपुर
Updated Sat, 23 Jan 2016 01:58 AM IST
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पॉलीथिन पर गुरुवार से शुरू हुई बंदी का शहर में असर दिखने लगा है। मिठाई के दुकानदारों, कपड़ा कारोबारियों, सब्जी विक्रेताओं ने पॉलीथिन बैग में सामान देने से मना कर दिया। आम ग्राहकों से कपड़े का झोला या बैग साथ लेकर चलने की नसीहत दी।
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वहीं पॉलीथिन के थोक और फुटकर बाजारों में इसकी बिक्री नही हुई। उत्पादन भी ठप रहा। कारोबारियों-व्यापारियों ने जगह-जगह बैठक कर डीएम से समस्याएं बताने की रणनीति तय की है। गुमटी नंबर पांच में आगरा स्वीट हाउस के कमल खंडेलवाल ने बताया कि मिठाई सिर्फ फैब्रिक्स या कपड़े के बैग में दी जा रही है।
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किसी भी प्रकार की पॉलीथिन का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। ग्राहकों को भी इसके न इस्तेमाल करने के प्रति जागरूक कर रहे हैं। बाजार के ही कपड़ा कारोबारी इकबाल ने बताया कि पहले कपड़ों को पॉलीथिन में ही देते थे। अब पूरी तरह से इसे बंद करके कपड़े के झोले में ग्राहकों को सामान दिया जा रहा है।
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विजय नगर में सब्जी बेचने वाले राकेश ने बताया कि पॉलीथिन में सब्जी देना बंद कर दिया है। पता नहीं कब छापा पड़ जाए। वहीं, नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को आर्य नगर चौराहे से सब्जी मंडी तक अभियान चलाकर 20 किलो पॉलीथिन जब्त की।
खादी का झोला दो वर्ष चलता है
उप्र खादी ग्रामोद्योग महासंघ के अध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने दावा किया कि खादी या हैंडमेड पेपर से बने झोले बहुत टिकाऊ होते हैं। एक खादी का झोला दो वर्ष तक उपयोग में रहता है। शनिवार से बाबूपुरवा सेंट्रल पार्क में शुरू होने वाली खादी प्रदर्शनी में खादी बोर्ड के अफसर आ रहे हैं।
व्यापारी नहीं करेंगे आंदोलन
कानपुर प्लास्टिक ट्रेडर्स एसोसिएशन की बैठक शुक्रवार को घंटाघर स्थित कार्यालय में हुई। इसमें व्यापारियों ने तय किया कि तीन फरवरी को हाईकोर्ट में तारीख लगी है। इस दौरान पॉलीथिन कारोबारी किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन नहीं करेंगे। हालांकि यदि बाजारों में छापेमारी हुई तो इसका विरोध किया जाएगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष इखलाक मिर्जा ने कहा कि काम बंद है, दुकानें और गोदाम खाली कर दिए गए हैं। बैठक में राजकुमार सचिवानी ,अमन अरोड़ा, जयकिशन ताहिलरमानी, सुरेश केसरवानी आदि मौजूद रहे। वहीं यूपी प्लास्टिक मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन की कोपेस्टेट में हुई बैठक में तय हुआ कि शनिवार को डीएम कौशलराज शर्मा से भेंटकर समस्याएं बताई जाएंगी।
एसोसिएशन के महामंत्री हरीश ईशरानी ने बताया कि पॉलीथिन बंदी के आदेश जारी होने से पहले ही फैक्ट्री संचालकों ने उत्पादन ठप कर दिया था। डीएम से विकल्प दिलाने की मांग की जाएगी। बैठक में कोपेस्टेट के चेयरमैन विजय मलिक कपूर, हरविंदर सिंह, राकेश कुमार, अमित टुटेजा अजय अरोड़ा आदि तमाम कारोबारी मौजूद रहे।
पॉलीथिन दो, चालान से बचो
नगर आयुक्त देवेंद्र सिंह कुशवाहा ने आह्वान किया कि दुकानदार स्वेच्छा से पॉलीथीन दे दें तो वे चालान से बच जाएंगे। नगर आयुक्त ने इस संबंध में 25 जनवरी को व्यापार मंडलों की बैठक बुलाई है। दूसरी तरफ व्यापारियों ने नगर आयुक्त के प्रस्ताव का सहर्ष स्वागत किया है।
नयागंज सहित अन्य थोक मंडियों और घनी आबादी वाले मोहल्लों से लेकर नवविकसित क्षेत्रों की दुकानों में कई सौ कि्वंटर पॉलीथिन मौजूद है। नगर आयुक्त के अनुसार व्यापार मंडलों के माध्यम से दुकानदारों से पॉलीथिन एकत्रित की जाएगी। यह भी विचार किया जा रहा है कि दुकानदार नगर निगम मुख्यालय, जोनल दफ्तरों, वार्ड कार्यालयों आदि में पॉलीथिन जमा कर सकें।
कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के संरक्षक श्याम बिहारी मिश्र ने कहा कि व्यापारी नगर निगम को पॉलीिथन दे देंगे। बशर्ते वे हमें लागत मूल्य दे दें। सरकार पैसा दे तो हम सरकार को पॉलीथिन देने को तैयार हैं, वरना दुकानदार पॉलीथिन कारखाने वालों को वापस कर देंगे। प्लास्टिक एसोसिएशन के अध्यक्ष इकलाख मिर्जा ने भी फैसले का साथ दिया।