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Kanpur News: टेबल पर नोटों की गड्डियों संग मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व डॉक्टर की तस्वीर वायरल

Wed, 22 Jul 2026 01:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Wed, 22 Jul 2026 01:33 AM IST
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Photo of medical college principal and doctor with stacks of currency notes on the table goes viral.
कानपुर देहात। अकबरपुर मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य व एक डॉक्टर की टेबल पर नोटों की गड्डियां रखी तस्वीर वायरल हो गई। एक युवक ने फेसबुक पर अपनी वॉल से दोनों की तस्वीर के साथ एक पोस्ट लिखकर वायरल की है। पोस्ट में युवक ने प्राचार्य, पूर्व सीएमएस, एक डॉक्टर व फार्मासिस्ट पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही मामले में अकबरपुर सांसद, राज्यमंत्री से जांच कर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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फेसबुक पर सोमवार को एक युवक ने मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. हरप्रीत सिंह की एक तस्वीर वायरल की। तस्वीर में प्राचार्य के टेबल के सामने नोटों की गड्डियां रखी हैं और वह शांत बैठे हैं। वहीं, दूसरी तस्वीर में मेडिकल कॉलेज डॉ. विमल यादव बैठे हैं। फोटो में वह टेबल पर रखीं नोटों की गड्डियां पकड़े दिखाई दे रहे। इसके अलावा युवक ने कुछ प्रपत्रों की तस्वीरें भी वायरल की हैं।
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पोस्ट करने वाले युवक ने लिखा कि स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय अकबरपुर में बीते पांच माह में कार्यवाहक प्राचार्य, सेवानिवृत्त सीएमएस डॉ. वंदना सिंह, डॉ. विमल यादव व एक फार्मासिस्ट ने जो भ्रष्टाचार किए हैं उनके प्रमाण वह सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा है। आरोप लगाया कि पूर्व प्राचार्य डॉ. सज्जन लाल वर्मा के स्थानांतरण के बाद कार्यवाहक प्राचार्य ने हरदोई में रहे सहयोगी डॉ. विमल यादव को मेडिकल कॉलेज में बतौर कंसाइनी के पद पर नियुक्त किया। आरोप है कि इसके बाद कई वेंडरों को गलत तरीके से काम दिलवाए। साथ ही कुछ समय पहले हुई 146 नर्सिंग स्टाफ की भर्ती में भी गड़बड़ी की।
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युवक ने आरोप लगाया कि डॉक्टर एक पूर्व एमएलसी के रिश्तेदार हैं, इससे वह राजनीतिक लाभ भी लेते हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में पूर्व सीएमएस पर अपने चहेते फार्मासिस्ट के एक रिश्तेदार की दीक्षा ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर फर्जी तरीके से बिल लगा कर भुगतान करने के भी आरोप लगाए हैं। हालांकि वायरल पोस्ट व तस्वीर की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करता है। हालांकि जिन पर ये आरोप हैं, सभी ने इसे फेक बताया है। साथ ही फर्जी फंसाने के लिए साजिश रचने की बात कही है।
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लॉन्ड्री टेंडर में गड़बड़ी करने का आरोप
सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में युवक ने लॉन्ड्री के नाम पर गड़बड़ी करने का भी आरोप लगाया है। पोस्ट में लिखा कि एक मार्च को महिला अस्पताल व महिला विंग के 230 बेड का लॉन्ड्री का टेंडर किया गया। इसमें एक साल तक एक बेड की चादर की धुलाई का 12, 000 रुपये सालाना दिया जाएगा। जबकि महिला अस्पताल में महज 180 बेड उपलब्ध हैं। आरोप है कि 50 फर्जी बेड जोड़कर गड़बड़ी की गई है।
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दवा खरीद में भी नियमों की अनदेखी का आरोप
पोस्ट करने वाले युवक ने लिखा कि शासनादेश के अनुसार किसी भी संस्थान में जो दवा खरीदी जाती है उसका एक मानक तय होता है। इसके बाद भी मनमाने तरीके से करोड़ों रुपये की दवा प्राइवेट सेक्टर से खरीदकर कमीशनबाजी की गई। जबकि शासनादेश में साफ तौर पर लिखा है जो दवा शासन में नहीं होगी सिर्फ वही दवा खरीदी जा सकती है। आरोप लगाया है कि करीब 80 फीसदी दवा बाहर से खरीदी गई।
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बयान...
जो कुछ भी है, सब कुछ पूरी तरह से निराधार, असत्य है। जानबूझ कर किसी की छवि धूमिल की जा रही है, और जो कुछ भी वह प्राचार्य बताएंगे। - डॉ. वंदना सिंह, पूर्व सीएमएस
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सोशल मीडिया पर जो कुछ चल रहा है पूरी तरह फेक है। कुछ दिन पहले शिकायतों पर फार्मासिस्ट दिनेश यादव को हटाया गया था। वह तीन दिन पहले मेरे पास आया था उसने आकर रुपये रख दिए और पहले की तरह काम देने की बात कहने लगा। हमने उससे कहा यह सब हटाओ, नाराजगी जाहिर करने पर वह चेंबर छोड़ कर चला गया था। सब कुछ साजिश के तहत बदनाम करने के लिए किया गया है। - डॉ. हरप्रीत सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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ये एआई बेस तस्वीरें हैं। ऐसा कुछ नहीं है जो कुछ भी किया गया है। यह एक साजिश के तहत किया गया है। सब कुछ निराधार है। कभी भी ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। - डॉ. विमल यादव

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मैं अभी सदन में हूं, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और एक डॉक्टर की फोटो व कुछ प्रपत्र वायरल होने की जानकारी मिली है। इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए शासन को लिखूंगा। उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। - देवेंद्र सिंह भोले, सांसद अकबरपुर
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