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छह साल बाद खुले पीएचडी के रजिस्ट्रेशन
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Wed, 07 Jan 2015 03:06 AM IST
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सीएसजेएम यूनिवर्सिटी के संशोधित पीएचडी आर्डिनेंस को राज्यपाल राम नाईक ने मंजूरी दे दी है। अब एडमिशन की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। छह साल बाद फरवरी 2015 से पीएचडी की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होगी।
सबसे पहले उन रिसर्च स्कॉलर को मौका मिलेगा, जो कॉमन इंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) 2012 को पास करके आए हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन की पहल पर 6000 से ज्यादा आवेदन फार्म भी जमा हैं।
सीईटी की मेरिट से रजिस्ट्रेशन होंगे। पीएचडी आर्डिनेंस के अनुमोदन की पुष्टि कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने कर दी है।आर्डिनेंस में संशोधन की वजह से ही पीएचडी का रजिस्ट्रेशन 2009 से बंद है।
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इससे रिसर्च वर्क प्रभावित है। पिछले छह साल से पीएचडी की 3000 सीटें नहीं भरी जा सकी हैं। इसका संज्ञान लेकर ही कुलपति ने पीएचडी आर्डिनेंस 2014 को संशोधित कराकर मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा।
कुलपति ने कहा कि यदि प्रदेश स्तर का कॉमन इंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) हुआ तो पीएचडी की सभी सीटें उससे भरी जाएंगी। सीईटी नहीं हुआ तो यूनिवर्सिटी अपना इंट्रेंस टेस्ट कराएगी और सीटें भर लेगी।
इस आर्डिनेंस को राज्यपाल ने 5 जनवरी 2015 को मंजूरी दे दी। अब 42 सब्जेक्ट की 500 से ज्यादा पीएचडी की सीटें भरी जा सकेंगी। कुलपति ने बताया कि पीएचडी की एडमिशन प्रक्रिया फरवरी से शुरू होगी।
इसका प्रभारी जल्द ही नामित कर दिया जाएगा। इस बार की सीटें सीईटी क्वालीफाई करने वालों से भरी जाएंगी। 2015-16 से सीईटी होगी या फिर यूनिवर्सिटी अपना इंट्रेंस टेस्ट कराके सीटें भरेगी।
ये होगी फीस
एंट्रेंस टेस्ट पास करने के बाद सामान्य, ओबीसी के अभ्यर्थी को 25 हजार रुपये फीस जमा करनी पड़ेगी। एससी, एसटी की फीस 12,500 रुपये है। इसके बाद छह महीने के सेमेस्टर कोर्स की पढ़ाई करनी होगी।
फिर सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी अभ्यर्थी को 10 हजार रुपये फीस और जमा करनी होगी। यह फीस मूल्यांकन के लिए ली जाएगी।
कानपुर यूनिवर्सिटी ने सामान्य, ओबीसी के लिए आवेदन फार्म जमा करने का शुल्क 1000 रुपये निर्धारित किया है। एससी, एसटी 500 रुपये फीस देंगे।
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सबसे पहले उन रिसर्च स्कॉलर को मौका मिलेगा, जो कॉमन इंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) 2012 को पास करके आए हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन की पहल पर 6000 से ज्यादा आवेदन फार्म भी जमा हैं।
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सीईटी की मेरिट से रजिस्ट्रेशन होंगे। पीएचडी आर्डिनेंस के अनुमोदन की पुष्टि कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने कर दी है।आर्डिनेंस में संशोधन की वजह से ही पीएचडी का रजिस्ट्रेशन 2009 से बंद है।
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इससे रिसर्च वर्क प्रभावित है। पिछले छह साल से पीएचडी की 3000 सीटें नहीं भरी जा सकी हैं। इसका संज्ञान लेकर ही कुलपति ने पीएचडी आर्डिनेंस 2014 को संशोधित कराकर मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा।
कुलपति ने कहा कि यदि प्रदेश स्तर का कॉमन इंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) हुआ तो पीएचडी की सभी सीटें उससे भरी जाएंगी। सीईटी नहीं हुआ तो यूनिवर्सिटी अपना इंट्रेंस टेस्ट कराएगी और सीटें भर लेगी।
इस आर्डिनेंस को राज्यपाल ने 5 जनवरी 2015 को मंजूरी दे दी। अब 42 सब्जेक्ट की 500 से ज्यादा पीएचडी की सीटें भरी जा सकेंगी। कुलपति ने बताया कि पीएचडी की एडमिशन प्रक्रिया फरवरी से शुरू होगी।
इसका प्रभारी जल्द ही नामित कर दिया जाएगा। इस बार की सीटें सीईटी क्वालीफाई करने वालों से भरी जाएंगी। 2015-16 से सीईटी होगी या फिर यूनिवर्सिटी अपना इंट्रेंस टेस्ट कराके सीटें भरेगी।
ये होगी फीस
एंट्रेंस टेस्ट पास करने के बाद सामान्य, ओबीसी के अभ्यर्थी को 25 हजार रुपये फीस जमा करनी पड़ेगी। एससी, एसटी की फीस 12,500 रुपये है। इसके बाद छह महीने के सेमेस्टर कोर्स की पढ़ाई करनी होगी।
फिर सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी अभ्यर्थी को 10 हजार रुपये फीस और जमा करनी होगी। यह फीस मूल्यांकन के लिए ली जाएगी।
कानपुर यूनिवर्सिटी ने सामान्य, ओबीसी के लिए आवेदन फार्म जमा करने का शुल्क 1000 रुपये निर्धारित किया है। एससी, एसटी 500 रुपये फीस देंगे।