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कानपुर यूनिवर्सिटी के पीएचडी आर्डिनेंस में हाेगा बदलाव
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर
Updated Tue, 30 Aug 2016 07:46 PM IST
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कानपुर यूनिवर्सिटी की पीएचडी आर्डिनेंस में बदलाव के लिए मंगलवार को चार सदस्यीय (प्रो. आरसी कटियार, प्रो. नंदलाल, डॉ. नीरज और डॉ. नीता जैन) कमेटी गठित कर दी गई है। यह कमेटी जल्द ही रिपोर्ट देगी, फिर बदलाव को अंतिम रूप दिया जाएगा।
पीएचडी आर्डिनेंस 2016 में बदलाव का खाका तैयार कर लिया गया है। इसके मुताबिक, नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट), जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) और स्टेट एंट्रेंस टेस्ट (स्लैट) को भी पीएचडी की संयुक्त प्रवेश परीक्षा देनी होगी। इस पर चार सदस्यीय कमेटी अंतिम मुहर लगाएगी। असिस्टेंट प्रोफेसर को अब एक बार (तीन साल के दौरान) में चार रिसर्च स्कॉलर दिए जाएंगे। अभी तक छह रिसर्च स्कॉलर दिए जाते हैं। थीसिस जमा करने की न्यूनतम समय सीमा दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी गई है। कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने बताया कि आर्डिनेंस में बदलाव के बाद ही पीएचडी की प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी।
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पीएचडी आर्डिनेंस 2016 में बदलाव का खाका तैयार कर लिया गया है। इसके मुताबिक, नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट), जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) और स्टेट एंट्रेंस टेस्ट (स्लैट) को भी पीएचडी की संयुक्त प्रवेश परीक्षा देनी होगी। इस पर चार सदस्यीय कमेटी अंतिम मुहर लगाएगी। असिस्टेंट प्रोफेसर को अब एक बार (तीन साल के दौरान) में चार रिसर्च स्कॉलर दिए जाएंगे। अभी तक छह रिसर्च स्कॉलर दिए जाते हैं। थीसिस जमा करने की न्यूनतम समय सीमा दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी गई है। कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने बताया कि आर्डिनेंस में बदलाव के बाद ही पीएचडी की प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी।
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