2 घंटे अस्पताल में नहीं बांटी दवा तो मचा हाहाकार
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कानपुर. कानपुर के केपीएम अस्पताल में शनिवार सुबह दो घंटे दवा नहीं बांटे जाने से जबरदस्त बवाल खड़ा हो गया। दो घंटे के भीतर दवा के लिए तीमारदार व मरीजों में ऐसा हड़कम्प मचा कि अस्पताल के मंजर ने वहां मौजूद सभी लोगों के होश फाख़्ता कर दिए।
इससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जानकारी के मुताबिक अस्पताल के फार्मासिस्टों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 15 सितंबर तक आंदोलन करने की बात कही है। हालांकि यह पहले तय हो चुका था कि सभी फार्मासिस्ट 10 से 15 सितंबर तक काली पट्टी बांध कर ड्यूटी करेंगे। वहीं फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने यह भी तय किया था कि 16 से 19 सितंबर के बीच सुबह दो घंटे तक कार्य का सामूहिक बहिष्कार किया जाएगा।
लेकिन आलम यह है कि 10 सितंबर से ही फार्मासिस्टों ने सुबह दो घंटे दवा बांटना बंद कर दिया है। वहीं परेशान मरीजों का कहना है कि फार्मासिस्ट जानबूझकर दवा वितरण में ढुलमुल रवैया अपना रहे हैं। इससे आमजन को हानि पहुंच रही है। बता दें कि फार्मासिस्टों ने शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय के सामने धरना दे 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है।
ये हैं फार्मासिस्टों की 11 सूत्रिय मांगे
-छठवे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर कर आठवे वेतन आयोग का लाभ दिया जाए।
-संवर्ग में पदों के सृजन का मानक निर्धारित कर संवर्ग का पुनर्गठन किया जाए व साथ ही निर्णयों के अनुसार उच्च पदों का सृजन किया जाए।
-डिप्लोमा इंजीनियर की तरह डिप्लोमा फार्मासिस्ट के वेतन क्रम में ए.सी.पी का निर्धारण करते समय ग्रेड पे आधा किया जाए।
- स्वास्थय उप केंद्र पर फार्मासिस्टों के पदों का सर्जन किया जाए।
-ब्लड बैंक एवं पोस्टमार्टम में कार्यरत्त फार्मासिस्टों से फार्मेसी एक्ट 1948 एवं ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट तथा शासन द्वारा अनुमोदित ड्यूटी लिस्ट के अनुसार कार्य सम्पादित कराया जाए।
-इण्डोर फार्मेसी की व्यवस्था की जाए। वार्डों में भर्ती मरीजों हेतु प्रत्येक 50 बेड पर 24 घंटे संचालन हेतु एक इण्डोर स्टोर स्थापित किया जाए और उसमें फार्मेसिस्टों के पद सृजित किए जाए।
-2005 के उपरांत सेवा ग्रहण करने वाले फार्मेसिस्टों को पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए।
-पदोन्नति के रिक्त पदों पर तत्काल प्रोन्नती की जाए।
-ट्रामा सेंटर में फार्मेसिस्टों के पद सृजित किए जाए।
-कुल 10 वर्ष की सेवा पर राजपत्रित धोषित किया जाए।
-वरिष्ठ सूची में नवनियुक्त फार्मासिस्टों के नाम जोड़कर अधुनान्त किए जाए।