यूपी: रिश्वतखोरी में पकड़े गए पीएफ इंस्पेक्टर के घर भी गई सीबीआई, हाल में खरीदीं कई संपत्तियां, दस्तावेज मिले
जयपाल से तीन लाख रुपये लेते सीबीआई ने पीएफ इंस्पेक्टर के कंसल्टेंट को पकड़ा था। उसी ने पीएफ इंस्पेक्टर की पूरी पोल खोली। इसके बाद सीबीआई ने दोनों को पकड़ लिया था। सीबीआई सोमवार रात में पीएफ इंस्पेक्टर के घर पहुंची। यहां से प्रापर्टी के दस्तावेज जब्त किए।
विस्तार
कानपुर में सर्वोदय नगर स्थित क्षेत्रीय भविष्यनिधि आयुक्त कार्यालय से सोमवार को तीन लाख की रिश्वतखोरी के आरोप में पकड़े गए पीएफ इंस्पेक्टर प्रवर्तन अधिकारी अमित श्रीवास्तव को सीबीआई लखनऊ लेकर चली गई। रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही उसे सीबीआई के स्पेशल जज के सामने पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में लिया गया।
इससे पहले 15 घंटे तक चली पूछताछ के दौरान सीबीआई पीएफ इंस्पेक्टर के घर भी गई। यहां से कई संपत्तियों के कागजात जब्त किए हैं। ये संपत्तियां हाल में गीतानगर और काकादेव में खरीदी गई हैं। अब इन संपत्तियों की भी जांच होगी। वहीं पूछताछ के बाद बिचौलिया बने कंसल्टेंट को सीबीआई ने छोड़ दिया है। हालांकि एक असिस्टेंट कमिश्नर की मिलीभगत सामने आ रही है। चौबेपुर के स्कूल संचालक जयपाल सिंह पर 7-ए की कार्रवाई के 50 लाख के पीएफ निर्धारण की कार्रवाई की गई थी।
जयपाल सिंह ने पीएफ इंस्पेक्टर पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। बताया था कि मामले के पटाक्षेप के लिए उनसे चार लाख घूस मांगी जा रही है। अंत में तीन लाख में समझौता हुआ है। शिकायत के बाद सीबीआई तीन दिन से छानबीन में लगी थी। सोमवार को जयपाल से तीन लाख रुपये लेते सीबीआई ने पीएफ इंस्पेक्टर के कंसल्टेंट को पकड़ा था। उसी ने पीएफ इंस्पेक्टर की पूरी पोल खोली। इसके बाद सीबीआई ने दोनों को पकड़ लिया था। सीबीआई सोमवार रात में पीएफ इंस्पेक्टर के घर पहुंची। यहां से प्रापर्टी के दस्तावेज जब्त किए।
पीएफ इंस्पेक्टर का कार्य क्षेत्र बदला, लेकिन आईडी नहीं
पीएफ इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव का कार्य क्षेत्र पहले चौबेपुर था। 15 दिन पहले उसे काकादेव व आसपास के क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई। हालांकि उसकी आईडी चौबेपुर में ही बनी रही। आरोप है कि इसके चलते ही वह चौबेपुर के मामले को निपटाने का दंभ भरते हुए धन उगाही के प्रयास में था। सीबीआई की कार्रवाई के बाद उसकी आईडी और पासवर्ड बदला गया है।