{"_id":"68dd74622882182a17068cb4","slug":"peoples-health-is-deteriorating-due-to-change-in-weather-kanpur-news-c-220-1-akb1007-132426-2025-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: मौसम में बदलाव से बिगड़ रही लोगों की सेहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: मौसम में बदलाव से बिगड़ रही लोगों की सेहत
Thu, 02 Oct 2025 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 02 Oct 2025 12:05 AM IST
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के दवा काउंटर पर मौजूद लोगों की भीड़। संवाद
कानपुर देहात। पिछले दिनों से लगातार मौसम में आ रहे बदलाव के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। इससे तेजी से फैल रहा वायरल लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। जिसका असर छोटे बच्चों व उम्रदराज लोगों पर अधिक दिखाई दे रहा है। अस्पतालों में खांसी, जुकाम, बुखार और वायरल से पीड़ित लोग ज्यादा दिखाई दे रहे हैं।
बुधवार हो हाफ डे होने के चलते ओपीडी में 663 लोग उपचार करवाने पहुंचे। इनमें से ज्यादातर मरीज वायरल रोगों से पीड़ित रहे। करीब 200 लोगों की खून की जांच की गई। चिकित्सकों ने बताया कि ऐसे मौसम में नमी व उमस बढ़ने से संक्रामक व वायरल से होने वाली बीमारियां अधिक तेजी से फैलती है। मौसम परिवर्तन का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश व बदलते मौसम की मार से वायरल इंफेक्शन का खतरा ज्यादा बढ़ गया है। दिन और रात के तापमान में अंतर के कारण शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है। सीएमएस डॉ. वंदना सिंह ने ऐसे मौसम में बचाव की सलाह देते हुए कहा कि बच्चों को धूल-मिट्टी से बचाएं, घर में स्वच्छता बनाए रखें और खानपान पर विशेष ध्यान दें।
...................
पांच दिन से नहीं है टाइफाइड की किट, मरीज परेशान
डेरापुर। मौसम में बदलाव के साथ बुखार रोगियों की संख्या बढ़ी है। वहीं सीएचसी डेरापुर में पांच दिन से टाइफाइड की जांच किट न होने से यहां आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को मजबूरी वश निजी अस्पताल में जांच करवानी पड़ रही है।
विज्ञापन
सीएचसी डेरापुर में बुधवार को बुखार, खांसी, जुकाम से ग्रसित 150 से अधिक मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। डॉक्टर 40 से 50 मरीजों को सीबीसी, मलेरिया व टाइफाइड की जांच लिख रहे हैं। बुधवार को सीएचसी पहुंचे कस्बे के रवींद्र नगर निवासी कमर जहां 80 इलाज करवाने के लिए पहुंची। उन्होंने बताया कि उन्हें कई दिन से बुखार आ रहा है। डॉ. मनोज को दिखाने पर उन्होंने सीबीसी, टाइफाइड, चेस्ट एक्स-रे सहित अन्य जांच करवाने के लिए कहा था। पैथोलॉजी में टाइफाइड की जांच किट न होने की बात कहकर नहीं की गई।
भड़ावल निवासी अभिषेक ने बताया कि डॉक्टर ने उसे बुखार आने पर मलेरिया व टाइफाइड की जांच करवाने के लिए कहा था मलेरिया की जांच तो हो गई मगर टाइफाइड की जांच नहीं हुई। इससे मजबूरी वश उसे 200 रुपये खर्च कर निजी पैथोलॉजी में जांच करवानी पड़ी। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि टाइफाइड की किट समाप्त होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। लैब टेक्नीशियन जरूरी दवाइयां व किट लेने के लिए जिला ड्रग वेयर हाउस गए थे। वहां भी किट उपलब्ध नहीं थीं। किट मिलने पर टाइफाइड की जांच शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
बुधवार हो हाफ डे होने के चलते ओपीडी में 663 लोग उपचार करवाने पहुंचे। इनमें से ज्यादातर मरीज वायरल रोगों से पीड़ित रहे। करीब 200 लोगों की खून की जांच की गई। चिकित्सकों ने बताया कि ऐसे मौसम में नमी व उमस बढ़ने से संक्रामक व वायरल से होने वाली बीमारियां अधिक तेजी से फैलती है। मौसम परिवर्तन का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश व बदलते मौसम की मार से वायरल इंफेक्शन का खतरा ज्यादा बढ़ गया है। दिन और रात के तापमान में अंतर के कारण शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है। सीएमएस डॉ. वंदना सिंह ने ऐसे मौसम में बचाव की सलाह देते हुए कहा कि बच्चों को धूल-मिट्टी से बचाएं, घर में स्वच्छता बनाए रखें और खानपान पर विशेष ध्यान दें।
विज्ञापन
...................
पांच दिन से नहीं है टाइफाइड की किट, मरीज परेशान
डेरापुर। मौसम में बदलाव के साथ बुखार रोगियों की संख्या बढ़ी है। वहीं सीएचसी डेरापुर में पांच दिन से टाइफाइड की जांच किट न होने से यहां आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को मजबूरी वश निजी अस्पताल में जांच करवानी पड़ रही है।
विज्ञापन
सीएचसी डेरापुर में बुधवार को बुखार, खांसी, जुकाम से ग्रसित 150 से अधिक मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। डॉक्टर 40 से 50 मरीजों को सीबीसी, मलेरिया व टाइफाइड की जांच लिख रहे हैं। बुधवार को सीएचसी पहुंचे कस्बे के रवींद्र नगर निवासी कमर जहां 80 इलाज करवाने के लिए पहुंची। उन्होंने बताया कि उन्हें कई दिन से बुखार आ रहा है। डॉ. मनोज को दिखाने पर उन्होंने सीबीसी, टाइफाइड, चेस्ट एक्स-रे सहित अन्य जांच करवाने के लिए कहा था। पैथोलॉजी में टाइफाइड की जांच किट न होने की बात कहकर नहीं की गई।
भड़ावल निवासी अभिषेक ने बताया कि डॉक्टर ने उसे बुखार आने पर मलेरिया व टाइफाइड की जांच करवाने के लिए कहा था मलेरिया की जांच तो हो गई मगर टाइफाइड की जांच नहीं हुई। इससे मजबूरी वश उसे 200 रुपये खर्च कर निजी पैथोलॉजी में जांच करवानी पड़ी। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि टाइफाइड की किट समाप्त होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। लैब टेक्नीशियन जरूरी दवाइयां व किट लेने के लिए जिला ड्रग वेयर हाउस गए थे। वहां भी किट उपलब्ध नहीं थीं। किट मिलने पर टाइफाइड की जांच शुरू की जाएगी।

मेडिकल कॉलेज के दवा काउंटर पर मौजूद लोगों की भीड़। संवाद