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Kanpur News: पीएचसी में इमरजेंसी सेवाएं बंद होने पर लोगों में नाराजगी, डॉक्टर का किया घेराव
Wed, 14 Oct 2026 01:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 14 Oct 2026 01:23 AM IST
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राजपुर (कानपुर देहात)। नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आपातकालीन चिकित्सा सुविधा बंद किए जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। मंगलवार को लोगों ने पीएचसी अधीक्षक का घेराव कर सुविधा दोबारा शुरू करवाए जाने की मांग की। साथ ही जल्द सुविधा शुरू न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। पीएचसी अधीक्षक ने नाराज लोगों को शांत करवाकर घर भेजा है।
राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब 20 साल से नगर सहित आसपास के 40 गांवों के करीब 90 हजार लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही थीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए सोमवार को पीएचसी में इमरजेंसी सुविधा बंद कर दी गई। इसकी जानकारी होने पर मंगलवार को मुखर्जी नगर के सभासद अजय शुक्ला, समाजसेवी दीपक मिश्रा, कृष्णा ठाकुर, वीरेंद्र अवस्थी, दीपेंद्र सिंह, प्रद्युम्न सिंह, रामू कटियार सहित काफी संख्या में लोग पीएचसी पहुंचे और पीएचसी अधीक्षक का घेराव किया। लोगों ने कहा कि पीएचसी में इमरजेंसी सुविधा बंद होने से आसपास के 40 गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
विभाग की ओर से पीएचसी में इमरजेंसी बंद करने से पहले चार किलोमीटर दूर संचालित सलेमपुर सीएचसी में भी इमरजेंसी सेवा शुरू नहीं की है। वहां भी महज ओपीडी की सुविधा है। ऐसे में रात के समय परेशानी होने पर लोगों को परेशानी का सामना पड़ेगा। यदि किसी व्यक्ति की इमरजेंसी सुविधा न मिल पाने से हालत बिगड़ी तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। लोगों ने कहा कि जल्द ही पीएचसी में इमरजेंसी की सुविधा शुरू नहीं की गई तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस पर पीएचसी अधीक्षक डॉ. सलिल सचान ने बताया कि स्टाफ की कमी के चलते इमरजेंसी बंद की गई थी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जो व्यवस्थाएं पहले से थी उसमें किसी तरह का बदलाव न हो इसके लिए वह उच्च अधिकारियों से बात करेंगे।
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इमरजेंसी सेवाएं शुरू कराने के लिए मुख्यमंत्री से मांग
राजपुर पीएचसी में इमरजेंसी सेवाएं बंद होने पर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। मंगलवार को पूरे दिन सोशल मीडिया व एक्स हैंडल के जरिये लोगों ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, जिलाधिकारी से पीएचसी में दोबारा इमरजेंसी शुरू करवाए जाने की मांग की। पंचायतीराज प्रधान संगठन के प्रदेश महासचिव दिनेश मिश्रा ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को पत्राचार कर पीएचसी में बंद की गई इमरजेंसी सेवा को चालू करवाने और पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं की जांच कराने की मांग की। समाजसेवी दीपक मिश्रा ने डीएम को पत्राचार कर इमरजेंसी सुविधा बहाल करने की मांग की। इसके अलावा सोशल मीडिया पर देवेंद्र कटियार, विशाल ठाकुर, शिवम आदि नागरिकों ने जिला प्रशासन से पीएचसी में डॉक्टरों की तैनाती कर इमरजेंसी सुविधाओं को बरकरार रखने की मांग की है।
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बयान....
राज्यमंत्री बोले सीएमओ से लेंगे जानकारी
राजपुर पीएचसी मेरे विधानसभा क्षेत्र में आती है। पीएचसी में संचालित इमरजेंसी सेवाओं के बंद किए जाने की जानकारी नहीं है और न ही किसी व्यक्ति ने इसकी शिकायत की है। सीएमओ से पूरे मामले की जानकारी की जाएगी। - अजीत सिंह पाल, विधायक सिकंदरा/राज्यमंत्री
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राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब 20 साल से नगर सहित आसपास के 40 गांवों के करीब 90 हजार लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही थीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए सोमवार को पीएचसी में इमरजेंसी सुविधा बंद कर दी गई। इसकी जानकारी होने पर मंगलवार को मुखर्जी नगर के सभासद अजय शुक्ला, समाजसेवी दीपक मिश्रा, कृष्णा ठाकुर, वीरेंद्र अवस्थी, दीपेंद्र सिंह, प्रद्युम्न सिंह, रामू कटियार सहित काफी संख्या में लोग पीएचसी पहुंचे और पीएचसी अधीक्षक का घेराव किया। लोगों ने कहा कि पीएचसी में इमरजेंसी सुविधा बंद होने से आसपास के 40 गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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विभाग की ओर से पीएचसी में इमरजेंसी बंद करने से पहले चार किलोमीटर दूर संचालित सलेमपुर सीएचसी में भी इमरजेंसी सेवा शुरू नहीं की है। वहां भी महज ओपीडी की सुविधा है। ऐसे में रात के समय परेशानी होने पर लोगों को परेशानी का सामना पड़ेगा। यदि किसी व्यक्ति की इमरजेंसी सुविधा न मिल पाने से हालत बिगड़ी तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। लोगों ने कहा कि जल्द ही पीएचसी में इमरजेंसी की सुविधा शुरू नहीं की गई तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस पर पीएचसी अधीक्षक डॉ. सलिल सचान ने बताया कि स्टाफ की कमी के चलते इमरजेंसी बंद की गई थी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जो व्यवस्थाएं पहले से थी उसमें किसी तरह का बदलाव न हो इसके लिए वह उच्च अधिकारियों से बात करेंगे।
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इमरजेंसी सेवाएं शुरू कराने के लिए मुख्यमंत्री से मांग
राजपुर पीएचसी में इमरजेंसी सेवाएं बंद होने पर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। मंगलवार को पूरे दिन सोशल मीडिया व एक्स हैंडल के जरिये लोगों ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, जिलाधिकारी से पीएचसी में दोबारा इमरजेंसी शुरू करवाए जाने की मांग की। पंचायतीराज प्रधान संगठन के प्रदेश महासचिव दिनेश मिश्रा ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को पत्राचार कर पीएचसी में बंद की गई इमरजेंसी सेवा को चालू करवाने और पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं की जांच कराने की मांग की। समाजसेवी दीपक मिश्रा ने डीएम को पत्राचार कर इमरजेंसी सुविधा बहाल करने की मांग की। इसके अलावा सोशल मीडिया पर देवेंद्र कटियार, विशाल ठाकुर, शिवम आदि नागरिकों ने जिला प्रशासन से पीएचसी में डॉक्टरों की तैनाती कर इमरजेंसी सुविधाओं को बरकरार रखने की मांग की है।
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राज्यमंत्री बोले सीएमओ से लेंगे जानकारी
राजपुर पीएचसी मेरे विधानसभा क्षेत्र में आती है। पीएचसी में संचालित इमरजेंसी सेवाओं के बंद किए जाने की जानकारी नहीं है और न ही किसी व्यक्ति ने इसकी शिकायत की है। सीएमओ से पूरे मामले की जानकारी की जाएगी। - अजीत सिंह पाल, विधायक सिकंदरा/राज्यमंत्री