फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Patients will not stand in line for prescriptions and pathological reports e hospital system will implemented

सुविधा: रोगियों को पर्चे व पैथोलॉजिकल रिपोर्ट के लिए नहीं लगानी पड़ेगी लाइन, लागू होगा ई-हॉस्पिटल सिस्टम

Wed, 29 Jan 2025 03:25 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 29 Jan 2025 03:25 PM IST
सार

Kanpur News: मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि ई-हॉस्पिटल सिस्टम मल्टी सुपर स्पेशियलिटी, हैलट और संबद्ध अस्पतालों में पूरी तरह लागू किया जाएगा। अभी कुछ हिस्सों में इसे लागू किया गया है।

विज्ञापन
Patients will not stand in line for prescriptions and pathological reports e hospital system will implemented
हैलट हॉस्पिट कानपुर - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, हैलट और संबद्ध अस्पतालों में अब रोगियों को दिखाने के लिए लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। साथ ही पैथोलॉजी में रिपोर्ट लेने के लिए भी काउंटर पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रोगी पर्चा ऑनलाइन बन जाएगा और रोगी के मोबाइल पर पैथोलॉजिकल रिपोर्ट का मैसेज भेज दिया जाएगा।

विज्ञापन

रोगी को लिंक भी दिया जाएगा जिससे वह अपनी रिपोर्ट और इलाज का सारा ब्योरा ऑनलाइन जान सकेगा। अगर रोगी कोई दूसरे डॉक्टर से परामर्श लेना चाहता है तो फाइल दिखाने के बजाय लिंक पर एक क्लिक से सारा ब्योरा दिखा देगा। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि ई-हॉस्पिटल सिस्टम मल्टी सुपर स्पेशियलिटी, हैलट और संबद्ध अस्पतालों में पूरी तरह लागू किया जाएगा।
विज्ञापन

सभी अस्पतालों को पेपरलैस बनाया जाएगा
अभी कुछ हिस्सों में इसे लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा किंजल सिंह के निर्देश के बाद इसे अपडेट किया गया है। इसके साथ ही कंप्यूटर और दूसरे उपकरणों के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। रोगियों और उनके तीमारदारों को यूजर्स चार्ज जमा करने के लिए ही काउंटर तक जाना पड़ेगा। सभी अस्पतालों को पेपरलैस बनाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

ये भी व्यवस्थाएं होंगी
प्राचार्य ने बताया कि रोगी को दूसरे विभाग के विशेषज्ञ से संपर्क करने के लिए अभी रेफरेंस पेपर भेजा जाता है लेकिन अब इसे ऑनलाइन भेजा जाएगा। ई-हॉस्पिटल में इसे भेजने की व्यवस्था रहेगी। हर फैकल्टी सदस्य का एक ईमेल एकाउंट बनेगा। इसी एकाउंट पर शासन से आने वाले निर्देशों को भी भेजा जाएगा। हर फैकल्टी सदस्य को दिन में तीन बार मेल देखना होगा। फार्मेसी की व्यवस्था शत-प्रतिशत ऑनलाइन रहेगी। साथ ही अस्पतालों के पास भी लिंक रहेगा। इस पर क्लिक कर डॉक्टर और रोगी इलाज का ब्योरा देख सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed