सुविधा: रोगियों को पर्चे व पैथोलॉजिकल रिपोर्ट के लिए नहीं लगानी पड़ेगी लाइन, लागू होगा ई-हॉस्पिटल सिस्टम
Kanpur News: मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि ई-हॉस्पिटल सिस्टम मल्टी सुपर स्पेशियलिटी, हैलट और संबद्ध अस्पतालों में पूरी तरह लागू किया जाएगा। अभी कुछ हिस्सों में इसे लागू किया गया है।
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कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, हैलट और संबद्ध अस्पतालों में अब रोगियों को दिखाने के लिए लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। साथ ही पैथोलॉजी में रिपोर्ट लेने के लिए भी काउंटर पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रोगी पर्चा ऑनलाइन बन जाएगा और रोगी के मोबाइल पर पैथोलॉजिकल रिपोर्ट का मैसेज भेज दिया जाएगा।
रोगी को लिंक भी दिया जाएगा जिससे वह अपनी रिपोर्ट और इलाज का सारा ब्योरा ऑनलाइन जान सकेगा। अगर रोगी कोई दूसरे डॉक्टर से परामर्श लेना चाहता है तो फाइल दिखाने के बजाय लिंक पर एक क्लिक से सारा ब्योरा दिखा देगा। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि ई-हॉस्पिटल सिस्टम मल्टी सुपर स्पेशियलिटी, हैलट और संबद्ध अस्पतालों में पूरी तरह लागू किया जाएगा।
सभी अस्पतालों को पेपरलैस बनाया जाएगा
अभी कुछ हिस्सों में इसे लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा किंजल सिंह के निर्देश के बाद इसे अपडेट किया गया है। इसके साथ ही कंप्यूटर और दूसरे उपकरणों के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। रोगियों और उनके तीमारदारों को यूजर्स चार्ज जमा करने के लिए ही काउंटर तक जाना पड़ेगा। सभी अस्पतालों को पेपरलैस बनाया जाएगा।
ये भी व्यवस्थाएं होंगी
प्राचार्य ने बताया कि रोगी को दूसरे विभाग के विशेषज्ञ से संपर्क करने के लिए अभी रेफरेंस पेपर भेजा जाता है लेकिन अब इसे ऑनलाइन भेजा जाएगा। ई-हॉस्पिटल में इसे भेजने की व्यवस्था रहेगी। हर फैकल्टी सदस्य का एक ईमेल एकाउंट बनेगा। इसी एकाउंट पर शासन से आने वाले निर्देशों को भी भेजा जाएगा। हर फैकल्टी सदस्य को दिन में तीन बार मेल देखना होगा। फार्मेसी की व्यवस्था शत-प्रतिशत ऑनलाइन रहेगी। साथ ही अस्पतालों के पास भी लिंक रहेगा। इस पर क्लिक कर डॉक्टर और रोगी इलाज का ब्योरा देख सकते हैं।