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पाक नागरिक इदरीश का मामलाः पासपोर्ट में खेल या पूछताछ में बोल रहा झूठ
मनीष निगम, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 24 Aug 2017 08:30 AM IST
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पाक नागरिक इदरीश
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पाक नागरिक इदरीश अपने ही फेर में फंस गया है। इदरीश के पासपोर्ट पर उसका जन्म स्थान पाकिस्तान लिखा है। जबकि वह कानपुर में जन्मा है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक 2009 में पुलिस की देखरेख में इदरीश को अटारी बार्डर ले जाया गया था। वहां पाकिस्तान अफसरों ने उसे अपनी सुपुर्दगी में लेने से इनकार दिया था। इसके बाद उसे दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल के रिटेशन सेंटर ले जाया गया था। वहां के अफसरों ने भी उसे अपने यहां रखने से मना कर दिया था। वहां से उसे पाकिस्तान दूतावास पुलिस टीम ले गई थी।
वहां अफसरों ने इदरीश का पासपोर्ट देखा था, जिसमें उसका जन्म स्थान पाकिस्तान लिखा है। जबकि अफसरों को पूछताछ में उसने अपना जन्म स्थान भारत के उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का बताया था। पासपोर्ट और इदरीश के बयान में जन्म स्थान अलग-अलग होने पर मामला उलझ गया था। अफसरों ने उसे पाकिस्तान नागरिक मानने से इनकार कर दिया था। इसके बाद टीम उसे शहर ले आई थी। करीब चार साल तक वह शहर में रहा था। 2013 में उसे बिना वीजा भारत में रहने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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वहां अफसरों ने इदरीश का पासपोर्ट देखा था, जिसमें उसका जन्म स्थान पाकिस्तान लिखा है। जबकि अफसरों को पूछताछ में उसने अपना जन्म स्थान भारत के उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का बताया था। पासपोर्ट और इदरीश के बयान में जन्म स्थान अलग-अलग होने पर मामला उलझ गया था। अफसरों ने उसे पाकिस्तान नागरिक मानने से इनकार कर दिया था। इसके बाद टीम उसे शहर ले आई थी। करीब चार साल तक वह शहर में रहा था। 2013 में उसे बिना वीजा भारत में रहने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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विदेश मंत्रालय तक जाएगा पाक नागरिक इदरीश का मामला
पाक नागरिक इदरीश
पाकिस्तानी नागरिक इदरीश का मामला विदेश मंत्रालय तक पहुंचाने की तैयारी की गई है। पुलिस अफसर इदरीश के जुड़े दस्तावेजों को विदेश मंत्रालय के अधीन दिल्ली स्थित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण दफ्तर (एफएफआरओ) ले जाएगी। वहां पुलिस और पंजीकरण दफ्तर के अफसर पाकिस्तानी नागरिक का ठिकाना तय करने केलिए मंथन करेंगे। इसके बाद इदरीश पर फैसला होगा कि जेल से छूटने के बाद इदरीश किसी शेल्टर होम में रहेगा या वह फिर जेल जाएगा।
दस्तावेजों की पड़ताल तेज
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आईजी आलोक सिंह ने पाकिस्तानी नागरिक इदरीश के मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने एसएसपी सोनिया सिंह को मामला विदेश मंत्रालय से जुड़े एफएफआरओ को पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही, पुलिस विभाग का एक अफसर टीम के साथ इदरीश से जुड़े पूरे दस्तावेज लेकर दिल्ली स्थित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण दफ्तर लेकर जाएंगे। वहां अफसरों के साथ बैठक कर इदरीश से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी। देखा जाएगा कि इदरीश ने भारत आने की सूचना एफएफआरओ दफ्तर में दी थी या नहीं। वहां उसका पंजीकरण हुआ था या नहीं। जरूरत हुई तो मामले में विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से भी मशविरा लिया जाएगा। फिर मंथन होगा कि जेल से छूटने के बाद इदरीश को कहां रखा जाए। शेल्टर होम या जेल में।
एफएफआरओ दफ्तर में होता है विदेशी का ब्योरा
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एफएफआरओ दफ्तर में वीजा पर भारत आने वाले विदेशी नागरिकों का पूरा ब्योरा रहता है। वीजा पर भारत आने वाले पाकिस्तानी नागरिक को 24 घंटे केभीतर इस पंजीकरण दफ्तर को देना जरूरी होता है। वहीं, अन्य देशों से आने वाले नागरिकों को एक हफ्ते के भीतर यहां अपना पंजीकरण कराना जरूरी है। 16 वर्ष से कम आयु और बीमार विदेशियों को इस नियम से मुक्त रखा गया है। नियम का उल्लंघन करने पर जुर्माने का भी प्रावधन है। अब अफसर यह भी जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इदरीश ने पाकिस्तान से भारत आने पर एफएफआरओ दफ्तर में अपना रजिस्ट्रेशन कराया था या नहीं।
शासन को पत्र भेजा हैः एसएसपी सोनिया सिंह
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कानपुर की एसएसपी सोनिया सिंह ने बताया कि पाक नागरिक इदरीश के रिहाई होने से पहले शासन को पत्र भेजकर उसके बारे में दिशा-निर्देश मांगे थे। अभी तक वहां से पत्र नहीं आया है। जेल में बंद होने पर भी इदरीश पर पुलिस और एलआईयू नजर रख रही थी। 2009 से मामला चल रहा है। तत्कालीन पुलिस कप्तानों ने कई बार राज्य सरकार और केंद्र सरकार को पत्र भेज कर दिशा-निर्देश मांगे थे। कई बार रिमाइंडर लेटर भी भेजे गए, लेकिन इस बारे में कोई लेटर नहीं आया है।