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पद्मश्री, पद्मभूषण डॉ. एसएस कटियार ने आखिर क्यों दी जहर खाकर जान? सुसाइड नोट कर सकता है बड़ा खुलासा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 10 Oct 2018 08:33 AM IST
सार
- दस साल रहे सीएसजेएमयू के कुलपति, आर्यनगर में रहते थे
- 21 दिन पहले घर में खाया था जहर, भर्ती थे अस्पताल में
- बीमारी और अकेलेपन से थे परेशान, पत्नी की पिछले साल हो चुकी है मौत
- घरवालों ने नहीं दी पुलिस को सूचना, अस्पताल प्रशासन ने दी
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एसएस कटियार की पुरानी फोटो
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विस्तार
पद्मभूषण और पद्मश्री से सम्मानित कानपुर यूनिवर्सिटी (सीएसजेएमयू) के पूर्व कुलपति डॉ. सर्वज्ञ सिंह कटियार (83) ने बीमारी व अकेलेपन के चलते जहर खाकर जान दे दी। सोमवार देर रात सर्वोदय नगर स्थित रीजेंसी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। 21 दिन पहले उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उनका विसरा सुरक्षित रखा है। पुलिस का कहना है कि जहर और उसकी तीव्रता का पता लगाने के लिए विसरा जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। पूर्व कुलपति के कमरे से सुसाइड नोट से उनके खुदकुशी करने की बात सामने आई है।
डॉ. सर्वज्ञ सिंह कटियार मूलरूप से फतेहगढ़ (फर्रुखाबाद) के रहने वाले थे। यहां आर्य नगर में मॉडर्न बेकरी के सामने बने मकान में रहते थे। वह वर्ष 1994 से 2007 से सीएसजेएमयू (छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय) के तीन बार कुलपति रहे। डॉ. कटियार को 2003 में पद्मश्री और 2009 में पद्मभूषण मिला था।
उनकी कोई संतान नहीं थी। डॉ. कटियार की पत्नी ईवा मैसी की 5 जनवरी 2017 को मौत हो गई थी। डॉ. सर्वज्ञ के छोटे भाई रघुवीर सिंह के बेटे रितेश ने बताया कि 18 सितंबर 2018 को ताऊ की हालत बिगड़ गई थी। उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया था। सोमवार देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन ने मंगलवार सुबह डॉ. कटियार की मौत की सूचना स्वरूप नगर पुलिस और परिजनों को दी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। सूत्रों के मुताबिक डॉ. कटियार का विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
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इधर, पुलिस को छानबीन के दौरान डॉ. कटियार की डायरी में अंग्रेजी में लिखा एक सुसाइड नोट मिला है। साथ ही एक छोटी शीशी भी मिली है। भतीजे रितेश के मुताबिक डॉ. कटियार को पेट और दस्त की बीमारी थी, जिसका इलाज चल रहा था। सीओ स्वरूप नगर अभय नारायण राय के मुताबिक अभी तक परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. सर्वज्ञ सिंह कटियार मूलरूप से फतेहगढ़ (फर्रुखाबाद) के रहने वाले थे। यहां आर्य नगर में मॉडर्न बेकरी के सामने बने मकान में रहते थे। वह वर्ष 1994 से 2007 से सीएसजेएमयू (छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय) के तीन बार कुलपति रहे। डॉ. कटियार को 2003 में पद्मश्री और 2009 में पद्मभूषण मिला था।
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उनकी कोई संतान नहीं थी। डॉ. कटियार की पत्नी ईवा मैसी की 5 जनवरी 2017 को मौत हो गई थी। डॉ. सर्वज्ञ के छोटे भाई रघुवीर सिंह के बेटे रितेश ने बताया कि 18 सितंबर 2018 को ताऊ की हालत बिगड़ गई थी। उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया था। सोमवार देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन ने मंगलवार सुबह डॉ. कटियार की मौत की सूचना स्वरूप नगर पुलिस और परिजनों को दी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। सूत्रों के मुताबिक डॉ. कटियार का विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
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इधर, पुलिस को छानबीन के दौरान डॉ. कटियार की डायरी में अंग्रेजी में लिखा एक सुसाइड नोट मिला है। साथ ही एक छोटी शीशी भी मिली है। भतीजे रितेश के मुताबिक डॉ. कटियार को पेट और दस्त की बीमारी थी, जिसका इलाज चल रहा था। सीओ स्वरूप नगर अभय नारायण राय के मुताबिक अभी तक परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी को संबोधित लिखा सुसाइड नोट
एसएस कटियार की पुरानी फोटो
एसएसपी को संबोधित पत्र में लिखा है कि मैंने सफलता पूर्वक अपनी जिंदगी जी, खूब नाम व यश कीर्ति कमाई है। मैंने यह मकान अपनी पत्नी ईवा मैसी के साथ मिलकर 1990 में बनवाया था। अब इन दिनों मैं गंभीर बीमारियों से जूझ रहा हूं। अकेलेपन और डिप्रेशन में आकर मैं अपना जीवन स्वयं समाप्त कर रहा हूं। यह मेरा खुद का निर्णय है। किसी को इसके लिए परेशान न किया जाए। मैं विनम्रता पूर्व निवेदन करता हूं कि मेरी फैमिली को मेरा सम्मानजनक अंतिम संस्कार करने दिया जाए।
हत्या और खुदकुशी को बिंदु पर जांच
पूर्व कुलपति डॉ. सर्वज्ञ सिंह ने खुद जहर खाया या किसी ने खिलाया। यह बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ नहीं हुई है। पुलिस सुसाइड नोट के आधार पर मामला खुदकुशी का मान रही है, लेकिन प्रापर्टी या किसी से विवाद की पड़ताल कर रही है।
पुलिस को नहीं दी सूचना
डॉ. सर्वज्ञ सिंह कटियार 21 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन परिवार या रिश्तेदारों में किसी ने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी कि उन्होंने जहर खाया है। मौत के बाद भी जहर खाने और सुसाइड नोट की बात को पुलिस से छिपाए रखा। सीओ स्वरूप नगर अभय नारायण राय ने बताया कि सुसाइड नोट को हैंड राइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा जाएगा, जिससे साफ हो सके कि यह लिखा किसने है। जरूरत हुई तो डॉ. कटियार के परिवार और ससुराल पक्ष के लोगों से पूछताछ भी की जाएगी।
...तो नहीं मिला गार्ड ऑफ ऑनर
एडीएम फाइनेंस/प्रभारी एडीएम सिटी संजय चौहान का कहना है कि पद्मभूषण और पद्मश्री से सम्मानित होने वाले व्यक्ति के निधन पर गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने का प्रावधान है। डॉ. सर्वज्ञ सिंह कटियार ने आत्महत्या की है। इसलिए गार्ड ऑफ ऑनर नहीं दिया जा सकता है।
हत्या और खुदकुशी को बिंदु पर जांच
पूर्व कुलपति डॉ. सर्वज्ञ सिंह ने खुद जहर खाया या किसी ने खिलाया। यह बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ नहीं हुई है। पुलिस सुसाइड नोट के आधार पर मामला खुदकुशी का मान रही है, लेकिन प्रापर्टी या किसी से विवाद की पड़ताल कर रही है।
पुलिस को नहीं दी सूचना
डॉ. सर्वज्ञ सिंह कटियार 21 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन परिवार या रिश्तेदारों में किसी ने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी कि उन्होंने जहर खाया है। मौत के बाद भी जहर खाने और सुसाइड नोट की बात को पुलिस से छिपाए रखा। सीओ स्वरूप नगर अभय नारायण राय ने बताया कि सुसाइड नोट को हैंड राइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा जाएगा, जिससे साफ हो सके कि यह लिखा किसने है। जरूरत हुई तो डॉ. कटियार के परिवार और ससुराल पक्ष के लोगों से पूछताछ भी की जाएगी।
...तो नहीं मिला गार्ड ऑफ ऑनर
एडीएम फाइनेंस/प्रभारी एडीएम सिटी संजय चौहान का कहना है कि पद्मभूषण और पद्मश्री से सम्मानित होने वाले व्यक्ति के निधन पर गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने का प्रावधान है। डॉ. सर्वज्ञ सिंह कटियार ने आत्महत्या की है। इसलिए गार्ड ऑफ ऑनर नहीं दिया जा सकता है।