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बारिश से खुले में रखा हजारों बोरी धान भीगा
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डेरापुर के फत्तेपुर क्रय केंद्र में बारिश से भीगी खुले में रखी धान की बोरियां।
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। गुरुवार की रात हुई बारिश से जिले के क्रय केंद्रों पर खुले में रखा हजारों बोरी धान भीग गया। यदि दोबारा बारिश हुई तो खुले में रखा धान भीगकर खराब होने की आशंका है।
क्रय केंद्रों पर सरकारी खरीद के धान की उठान धीमी है। ऐसे में क्रय केंद्रों पर हजारों क्विंटल धान डंप है। किसानों का धान अभी क्रय केंद्रों पर रखा है। मौसम खराब होने और बारिश का अलर्ट पूर्व में मिलने की वजह से सरकारी खरीद का धान पॉलीथिन से ढक कर रखा गया है। जागरूक किसानों ने तौल के लिए क्रय केंद्र पर लाई गई धान की खेप पॉलीथिन से ढक दी है।
हालांकि काफी किसानों का धान खुले में रखा है। गुरुवार रात तेज हवा चलने से कई बोरियों से पालिथीन हट गई, जिससे देररात हुई बारिश से धान के बोरे भीग गए। डेरापुर के फत्तेपुर क्रय केंद्र पर 13 हजार से अधिक बोरी धान खुले में रखा होने से भीग गया। क्रय केंद्र प्रभारी राजमुनि ने बताया कि धीमी उठान से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। अकबरपुर क्रय केंद्र पर अधिकांश धान ढक कर रखा गया है।
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झींझक कस्बा के मंडी समिति परिसर में क्रय केंद्र पर खुले आसमान के नीचे रखा धान हल्की बारिश से भीग गया। किसान अधिक बारिश होने पर धान खराब होने को लेकर डरे हैं। रसूलाबाद क्रय केंद्र पर रखी हजारों बोरी धान रात में हुई बूंदाबांदी से भीग गई केंद्र प्रभारी आकाश वर्मा ने बताया कि परिवहन ठेकेदार धीमी उठान करा रहा है। इसकी वजह से क्रय केंद्र पर धान डंप है। धान न भीगे इसके लिए पॉलीथिन से बोरी ढकी गई हैं।
हल्की बारिश में क्रय केंद्रों पर केवल कुछ बारदाना ही भीगा है, धान का नुकसान नहीं होगा। धान बोरियां ढक कर रखने के निर्देश हैं। शुक्रवार को सभी क्रय केंद्रों पर धान की तौल कराई जा रही है।
- शिशिर कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
टीन शेड टूटने से आई समस्या
झींझक। क्रय केंद्र पर खरीदा गया धान चबूतरा पर टीन शेड के नीचे रखा है। हालाकि यह टीन शेड भी कई जगह पर टूटा है। हल्की बारिश में यहां रखी धान की बोरियां तो नहीं भीगी हैं, लेकिन तेज बारिश में धान भीगने की आशंका बनी है। केंद्र प्रभारी मृदुला सिंह ने बताया कि उठान के लिए ठेकेदार को निर्देशित किया गया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पॉलिथीन का प्रबंध कर लिया गया है। तेज बारिश की आशंका पर शेड के नीचे रखी बोरियां ढकी जाएंगी।
ट्रैक्टर-ट्रालियों पर लदी बोरियां भी भीगीं
डेरापुर। बारिश का अलर्ट पहले से था, लेकिन किसान केवल बूंदाबांदी की उम्मीद लगाए थे। तौल कराने के लिए ट्रैक्टर-ट्रालियों पर लदी धान की बोरियां किसानों ने नहीं ढकी थी। देर रात बारिश हुई तो धान की बोरियां भीग गई। अब किसानों ने तिरपाल या फिर पॉलिथीन का इंतजाम किया है।
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क्रय केंद्रों पर सरकारी खरीद के धान की उठान धीमी है। ऐसे में क्रय केंद्रों पर हजारों क्विंटल धान डंप है। किसानों का धान अभी क्रय केंद्रों पर रखा है। मौसम खराब होने और बारिश का अलर्ट पूर्व में मिलने की वजह से सरकारी खरीद का धान पॉलीथिन से ढक कर रखा गया है। जागरूक किसानों ने तौल के लिए क्रय केंद्र पर लाई गई धान की खेप पॉलीथिन से ढक दी है।
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हालांकि काफी किसानों का धान खुले में रखा है। गुरुवार रात तेज हवा चलने से कई बोरियों से पालिथीन हट गई, जिससे देररात हुई बारिश से धान के बोरे भीग गए। डेरापुर के फत्तेपुर क्रय केंद्र पर 13 हजार से अधिक बोरी धान खुले में रखा होने से भीग गया। क्रय केंद्र प्रभारी राजमुनि ने बताया कि धीमी उठान से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। अकबरपुर क्रय केंद्र पर अधिकांश धान ढक कर रखा गया है।
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झींझक कस्बा के मंडी समिति परिसर में क्रय केंद्र पर खुले आसमान के नीचे रखा धान हल्की बारिश से भीग गया। किसान अधिक बारिश होने पर धान खराब होने को लेकर डरे हैं। रसूलाबाद क्रय केंद्र पर रखी हजारों बोरी धान रात में हुई बूंदाबांदी से भीग गई केंद्र प्रभारी आकाश वर्मा ने बताया कि परिवहन ठेकेदार धीमी उठान करा रहा है। इसकी वजह से क्रय केंद्र पर धान डंप है। धान न भीगे इसके लिए पॉलीथिन से बोरी ढकी गई हैं।
हल्की बारिश में क्रय केंद्रों पर केवल कुछ बारदाना ही भीगा है, धान का नुकसान नहीं होगा। धान बोरियां ढक कर रखने के निर्देश हैं। शुक्रवार को सभी क्रय केंद्रों पर धान की तौल कराई जा रही है।
- शिशिर कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
टीन शेड टूटने से आई समस्या
झींझक। क्रय केंद्र पर खरीदा गया धान चबूतरा पर टीन शेड के नीचे रखा है। हालाकि यह टीन शेड भी कई जगह पर टूटा है। हल्की बारिश में यहां रखी धान की बोरियां तो नहीं भीगी हैं, लेकिन तेज बारिश में धान भीगने की आशंका बनी है। केंद्र प्रभारी मृदुला सिंह ने बताया कि उठान के लिए ठेकेदार को निर्देशित किया गया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पॉलिथीन का प्रबंध कर लिया गया है। तेज बारिश की आशंका पर शेड के नीचे रखी बोरियां ढकी जाएंगी।
ट्रैक्टर-ट्रालियों पर लदी बोरियां भी भीगीं
डेरापुर। बारिश का अलर्ट पहले से था, लेकिन किसान केवल बूंदाबांदी की उम्मीद लगाए थे। तौल कराने के लिए ट्रैक्टर-ट्रालियों पर लदी धान की बोरियां किसानों ने नहीं ढकी थी। देर रात बारिश हुई तो धान की बोरियां भीग गई। अब किसानों ने तिरपाल या फिर पॉलिथीन का इंतजाम किया है।