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तेज हवा व बारिश से धान की फसल चौपट, सरसों, लाही, आलू को भी हुआ नुकसान
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माधव नगर में बारिश व तेज हवा से गिरी धान की फसल दिखाता किसान। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। बेमौसम बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। तेज हवा के साथ हुई बारिश से धान की तैयार खड़ी फसल खेत में गिर गई। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं लाही व सरसों की बुआई करने वाले किसानों की फसल का जमाव ठीक से न होने के आसार हैं। चना, मटर की बुआई प्रभावित हुई है।
धान की फसल लगभग तैयार खड़ी है। रविवार शाम को तेज हवाओं के साथ आसमान में बादल छा गए। कुछ ही देर में बारिश शुरू हो गई थी। इसके बाद रात से लेकर सोमवार को पूरे दिन तेज हवा के साथ कई बार रुक-रुक कर बारिश हुई। इससे धान की फसल तबाह हो गई। रसूलाबाद क्षेत्र के अधिकांश खेतों में फसल गिर गई है।
सरवनखेड़ा क्षेत्र के कौसम, कोरारी, मंगटा, दुआरी लोहारी, पेराजोर क्षेत्र में भी धान की काफी फसल गिर गई है। जिले में करीब सवा लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल बोई गई थी। कुछ अगेती प्रजातियां तैयार होकर काटी भी जा चुकी है। अभी 80 प्रतिशत से अधिक फसल खेतों में लगभग तैयार खड़ी थी।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद यादव ने बताया कि फसल गिरने से हार्वेस्टर से कटाई करने में समस्या होगी। वहीं जो फसल पूरी तरह से नहीं पकी है उसका दाना हल्का हो जाएगा। साथ ही फसल पीली पड़ने की संभावना है।
जो फसल पूरी तरह से पक गई है उसका दाना खराब हो जाएगा उसमें फफूंद लगने की संभावना है। कड़ी मेहनत व लागत के बाद तैयार की गई फसल को खेतों में गिरा देख किसान परेशान हैं।
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धान की फसल लगभग तैयार खड़ी है। रविवार शाम को तेज हवाओं के साथ आसमान में बादल छा गए। कुछ ही देर में बारिश शुरू हो गई थी। इसके बाद रात से लेकर सोमवार को पूरे दिन तेज हवा के साथ कई बार रुक-रुक कर बारिश हुई। इससे धान की फसल तबाह हो गई। रसूलाबाद क्षेत्र के अधिकांश खेतों में फसल गिर गई है।
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सरवनखेड़ा क्षेत्र के कौसम, कोरारी, मंगटा, दुआरी लोहारी, पेराजोर क्षेत्र में भी धान की काफी फसल गिर गई है। जिले में करीब सवा लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल बोई गई थी। कुछ अगेती प्रजातियां तैयार होकर काटी भी जा चुकी है। अभी 80 प्रतिशत से अधिक फसल खेतों में लगभग तैयार खड़ी थी।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद यादव ने बताया कि फसल गिरने से हार्वेस्टर से कटाई करने में समस्या होगी। वहीं जो फसल पूरी तरह से नहीं पकी है उसका दाना हल्का हो जाएगा। साथ ही फसल पीली पड़ने की संभावना है।
जो फसल पूरी तरह से पक गई है उसका दाना खराब हो जाएगा उसमें फफूंद लगने की संभावना है। कड़ी मेहनत व लागत के बाद तैयार की गई फसल को खेतों में गिरा देख किसान परेशान हैं।