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ककवन नहर का पचद्वारा खुलवाया, 15 गांवों में घटने लगा पांडु नदी का पानी
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गंगादीन निवादा में खेत से घटता पानी। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
रसूलाबाद। ककवन नहर का पचद्वारा बुधवार को खोल दिए जाने से खेतों में पानी कम होने लगा है। इससे पांडु नदी के तटवर्ती इलाके में स्थित करीब 15 गांवों के किसानों ने राहत की सांस ली है। हालांकि अभी मछलियों का अवैध शिकार करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ककवन नहर में कुछ दिन पहले मछली का अवैध शिकार करने वालों ने बंधा लगा दिया था। साथ ही नहर का पानी पांडु नदी की तरफ मोड़ दिया था। इससे पांडु नदी में पानी बढ़ गया था।
इस कारण क्षेत्र के गंगादीन निवादा, खेड़ा, कुर्सी, लुदाखर, भीतरगांव, भीटी कुर्सी, खेम निवादा, सुक्खा निवादा, चमरहिया, तोरना, थान हमीरपुर, कुडऱा, औरंगपुर गहदेवा, दलिकपुर महाराजपुर, खड़कपुर समेत 15 से अधिक गांवों के किसानों की धान की फसल जलमग्न हो गई थी।
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वहीं कई गांव के संपर्क मार्ग में जलभराव हो गया था। किसानों ने इसकी शिकायत एसडीएम जितेंद्र कटियार से की। उन्होंने बिल्हौर एसडीएम से बात कर बुधवार को नहर का पचद्वारा खुलवाया। अब खेतों में जलभराव कम होने लगा। संपर्क मार्गों में पानी कम हो रहा है। इससे किसानों ने राहत की सांस ली है।
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ककवन नहर में कुछ दिन पहले मछली का अवैध शिकार करने वालों ने बंधा लगा दिया था। साथ ही नहर का पानी पांडु नदी की तरफ मोड़ दिया था। इससे पांडु नदी में पानी बढ़ गया था।
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इस कारण क्षेत्र के गंगादीन निवादा, खेड़ा, कुर्सी, लुदाखर, भीतरगांव, भीटी कुर्सी, खेम निवादा, सुक्खा निवादा, चमरहिया, तोरना, थान हमीरपुर, कुडऱा, औरंगपुर गहदेवा, दलिकपुर महाराजपुर, खड़कपुर समेत 15 से अधिक गांवों के किसानों की धान की फसल जलमग्न हो गई थी।
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वहीं कई गांव के संपर्क मार्ग में जलभराव हो गया था। किसानों ने इसकी शिकायत एसडीएम जितेंद्र कटियार से की। उन्होंने बिल्हौर एसडीएम से बात कर बुधवार को नहर का पचद्वारा खुलवाया। अब खेतों में जलभराव कम होने लगा। संपर्क मार्गों में पानी कम हो रहा है। इससे किसानों ने राहत की सांस ली है।