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36 दिनों में 21 मरीजों को हुआ स्वाइन फ्लू, हैलट में खत्म हुई ऑक्सीजन

Fri, 22 Feb 2019 04:00 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 22 Feb 2019 04:00 PM IST
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oxygen finish in hallet hospital kanpur
डेमो
स्वाइन फ्लू की चपेट में हर दिन लोग आ रहे हैं। गुरुवार को 50 वर्षीय एक और रोगी को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। 15 जनवरी से शहर में फैले स्वाइन फ्लू की गिरफ्त में 36 दिनों में 21 लोग आए हैं। इन रोगियों की पुष्टि मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलोजी विभाग ने की है। वहीं कानपुर के हैलट अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने की बात भी सामने आई है।
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निजी पैथोलोजी से भी रोगियों को स्वाइन फ्लू पॉजीटिव रिपोर्ट दी गई। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उनमें स्वाइन फ्लू रोगियों की मौत की संख्या शून्य बताई गई है, जबकि निजी लैब से पुष्ट दो महिला रोगियों की मौत हुई है।
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हैलट में बढ़ी ऑक्सीजन की खपत

संक्रामक रोग अस्पताल (आईडीएच) से सात संदिग्ध स्वाइन फ्लू रोगियों का सैंपल जांच के लिए मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलोजी विभाग को भेजा गया। सैंपल की जांच में एक रोगी स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आया है। एक रोगी का सैंपल खराब हो गया है। इसे दुबारा लिया जाएगा। 15 फरवरी से अब तक संक्रामक रोग विभाग 105 मरीजों के सैंपल जांच के लिए माइक्रो बायोलोजी विभाग को भेज चुका है।
स्वास्थ्य विभाग की 20 फरवरी को जारी रिपोर्ट में 89 रोगियों के सैंपल भेजे जाने का आंकड़ा दिया गया है। दो मौतों में एक रोगी की उर्सला और एक की आईडीएच में मौत हुई। इन रोगियों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि निजी लैब से हुई थी। वेक्टर बोर्न डिसीजेज अभियान प्रभारी डॉ. आरएन सिंह का कहना है कि शासन की गाइडलाइन के मुताबिक मेडिकल कॉलेज या एसजीपीजीआई लखनऊ की लैब से पुष्ट रोगियों को नोटिफाई किया जाएगा।

ऑक्सीजन घटने के पहले हुई मरीज की मौत
मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी से पहले ही आईसीयू में भर्ती मरीज की मौत हो गई थी। वह सेप्टीसीमिया का मरीज था। इसमें संक्रमण फैलने से मरीज के सभी अंग फेल होने लगते हैं। साथ ही उसे सांस रोग सीओपीडी भी था। बताया कि आजकल अस्थमा, सीओपीडी और दूसरे गंभीर रोगी अधिक आ रहे हैं। इससे ऑक्सीजन की खपत बढ़ी है।
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