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Kanpur: सेवन एयरफोर्स हॉस्पिटल में खुलेगा ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर, ब्रेन डेड रोगियों के अंग हो सकेंगे सुरक्षित

Tue, 02 Apr 2024 02:06 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 02 Apr 2024 02:06 PM IST
सार

Kanpur News: सेवन एयरफोर्स हॉस्पिटल में आर्गन रिट्रीवल सेंटर के लिए केंद्र ने हरी झंडी दे दी है। सेंटर के लाइसेंस के संबंध में सोमवार को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा की ओर से गठित छह सदस्यीय टीम ने एयर फोर्स हॉस्पिटल का निरीक्षण किया।

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Organ retrieval center will open in Seven Air Force Hospital, organs of brain dead patients will be safe
सेवन एयरफोर्स हॉस्पिटल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर के सेवन एयरफोर्स हॉस्पिटल में ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर खुलेगा। सेंट्रल खुलने से एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में हृदय प्रत्यारोपण और हैलट में गुर्दा प्रत्यारोपण का रास्ता खुल जाएगा। ब्रेन डेड रोगियों के अंगों को यहां सुरक्षित किया जाएगा और यहां से ही हैलट और कॉर्डियोलॉजी में भेजकर दूसरे रोगियों की जान बचाई जा सकेगी।

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सेवन एयरफोर्स हॉस्पिटल में आर्गन रिट्रीवल सेंटर के लिए केंद्र ने हरी झंडी दे दी है। सेंटर के लाइसेंस के संबंध में सोमवार को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा की ओर से गठित छह सदस्यीय टीम ने एयर फोर्स हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। टीम की संस्तुति के बाद हॉस्पिटल को सेंटर का लाइसेंस मिल जाएगा।

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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला की अगुवाई में टीम ने हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, नेत्र रोग विभाग, हाई डिपेंडेंसी यूनिट और वार्डों का निरीक्षण किया। टीम में कार्डियोलॉजी के निदेशक डॉ. राकेश कुमार वर्मा तथा केजीएमयू के डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सा संस्थान लखनऊ और झांसी के विशेषज्ञ रहे।

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हॉस्पिटल को लाइसेंस देने के संबंध में टीम अपनी रिपोर्ट देगी। लाइसेंस मिल जाता है तो हैलट और कार्डियोलॉजी में अंग प्रत्यारोपण शुरू किया जा सकेगा। सेंटर से कैडबर (मृत शरीर) और ब्रेन डेड (लाइव) दोनों दिए जा सकेंगे। गुर्दा प्रत्यारोपण के संबंध में प्रस्ताव तैयार करने पर विचार किया जाएगा। सेंटर से कार्निया भी मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग को मिल सकती हैं। कॉलेज में यूरो सर्जन और नेफ्रोलॉजिस्ट उपलब्ध हैं।  -डॉ. संजय काला, प्राचार्य, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज

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ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर खुलेगा को लाइसेंस मिलने के बाद इससे करार करके ब्रेन डेड लोगों का हृदय लिया जा सकता है। इससे कार्डियोलॉजी में हृदय प्रत्यारोपण की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।  -डॉ. राकेश कुमार वर्मा, निदेशक, कार्डियोलॉजी

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