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Kanpur News: सिर्फ पुखरायां ने कराई पानी के पांच नमूनों की जांच, अन्य 12 निकाय बेपरवाह
Sat, 17 Jan 2026 02:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 17 Jan 2026 02:10 AM IST
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कानपुर देहात। इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद डीएम ने सभी निकायों को पानी की जांच कराने और रिपोर्ट सुरक्षित रखने के निर्देश दिए थे। 12 दिन बीत चुके हैं। अब तक केवल पुखरायां ने नलकूप के पानी के पांच नमूनों की जांच कराई है। अन्य 12 निकाय बेपरवाह हैं। अब तक अन्य किसी निकाय ने कोई पानी नमूना जांच के लिए जल निगम की प्रयोगशाला में नहीं भेजा है।
जिले में अकबरपुर, पुखरायां, झींझक, रूरा, शिवली, रनियां, राजपुर समेत कुल 13 निकाय हैं। करीब 40 हजार घरों में पाइप लाइन से जलापूर्ति की जाती है। नगर निकाय शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के प्रति कतई संजीदा नजर नहीं आ रहे हैं। डीएम के आदेश के बाद केवल पुखरायां पालिका की ओर से माती स्थित जल निगम की प्रयोगशाला में पांच नलकूपों से लिया गए एक-एक पानी का नमूना जांच के लिए भेजा गया।
प्रयोगशाला जांच में नलकूपों का पानी पीने योग्य पाया गया है। पानी जांच के लिए निकाय ने जल निगम की प्रयोगशाला को पांच हजार रुपये भुगतान भी कर दिया। हालांकि नलकूप के नजदीक लगी टोटी व दूरस्थ लगी टोटी के पानी की जांच की जरूरत थी। यह पुखरायां निकाय के जिम्मेदारों ने नजर अंदाज कर दिया। इधर अन्य 12 निकायों ने डीएम के आदेश को ठंडे बस्ते में डाल दिया। आदेश के 12 दिन बीत चुके हैं लेकिन किसी अन्य निकाय ने कोई पानी नमूना जांच के लिए माती प्रयोगशाला भेजने की जरूरत नहीं समझी है। यह तब है जबकि सालों से पानी गुणवत्ता की जांच निकायों ने नहीं कराई है।
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इन निकायों में जलापूर्ति का बुरा हाल
राजपुर में दो पंप हाउस से जुड़ी पाइप लाइनें नाले या फिर गंदे पानी भरे तालाब से होकर निकलने की स्थिति है। मूसानगर में भी गंदगी के बीच जलापूर्ति की स्थिति है। वहीं रनियां निकाय में भी लीकेज व दूषित जलस्रोत के बीच से निकली पाइप लाइनों से घरों में पेयजल पहुंच रहा है। अकबरपुर नगर निकाय में भी मुख्य पाइप लाइन का लीकेज दुरुस्त नहीं हो सका है। (संवाद)
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नलकूप के पास व सबसे दूर टोटी से लिया जाए पानी का नमूना
शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर पानी नमूनों की जांच जरूरी है। माती में जल निगम की एनएवीएल प्रयोगशाला में पूरी विशेषज्ञता से पानी नमूनों की जांच की जाती है। बीते दिनों पुखरायां नगर पालिका से पांच नलकूपों के पानी नमूनों की जांच में सब ठीक मिला है। नलकूप के पास व सबसे दूर वाली टोटी से पानी का नमूना लिया जाना चाहिए। इससे पानी की सही गुणवत्ता का पता चलता है। - टीआर कटारिया, एक्सईएन जल निगम
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प्रति नमूना केवल हजार रुपये का खर्च
पानी की जांच के लिए प्रति नमूना 500 रुपये से 1000 रुपये तक का खर्च आता है। नगर निकायों में जलकर वसूली होती है। इस वजह से निकायों के पास बजट की कमी नहीं है। अर्से से नगर निकायों में पानी की जांच नहीं कराई गई है। केवल डोजर से क्लोरोनीकरण पर ही निकाय निर्भर हैं। अकबरपुर निकाय में करीब एक साल पहले पानी नमूनों की जांच कराई गई है। अन्य निकायों ने इसकी सुध नहीं ली।
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जिले में अकबरपुर, पुखरायां, झींझक, रूरा, शिवली, रनियां, राजपुर समेत कुल 13 निकाय हैं। करीब 40 हजार घरों में पाइप लाइन से जलापूर्ति की जाती है। नगर निकाय शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के प्रति कतई संजीदा नजर नहीं आ रहे हैं। डीएम के आदेश के बाद केवल पुखरायां पालिका की ओर से माती स्थित जल निगम की प्रयोगशाला में पांच नलकूपों से लिया गए एक-एक पानी का नमूना जांच के लिए भेजा गया।
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प्रयोगशाला जांच में नलकूपों का पानी पीने योग्य पाया गया है। पानी जांच के लिए निकाय ने जल निगम की प्रयोगशाला को पांच हजार रुपये भुगतान भी कर दिया। हालांकि नलकूप के नजदीक लगी टोटी व दूरस्थ लगी टोटी के पानी की जांच की जरूरत थी। यह पुखरायां निकाय के जिम्मेदारों ने नजर अंदाज कर दिया। इधर अन्य 12 निकायों ने डीएम के आदेश को ठंडे बस्ते में डाल दिया। आदेश के 12 दिन बीत चुके हैं लेकिन किसी अन्य निकाय ने कोई पानी नमूना जांच के लिए माती प्रयोगशाला भेजने की जरूरत नहीं समझी है। यह तब है जबकि सालों से पानी गुणवत्ता की जांच निकायों ने नहीं कराई है।
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इन निकायों में जलापूर्ति का बुरा हाल
राजपुर में दो पंप हाउस से जुड़ी पाइप लाइनें नाले या फिर गंदे पानी भरे तालाब से होकर निकलने की स्थिति है। मूसानगर में भी गंदगी के बीच जलापूर्ति की स्थिति है। वहीं रनियां निकाय में भी लीकेज व दूषित जलस्रोत के बीच से निकली पाइप लाइनों से घरों में पेयजल पहुंच रहा है। अकबरपुर नगर निकाय में भी मुख्य पाइप लाइन का लीकेज दुरुस्त नहीं हो सका है। (संवाद)
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नलकूप के पास व सबसे दूर टोटी से लिया जाए पानी का नमूना
शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर पानी नमूनों की जांच जरूरी है। माती में जल निगम की एनएवीएल प्रयोगशाला में पूरी विशेषज्ञता से पानी नमूनों की जांच की जाती है। बीते दिनों पुखरायां नगर पालिका से पांच नलकूपों के पानी नमूनों की जांच में सब ठीक मिला है। नलकूप के पास व सबसे दूर वाली टोटी से पानी का नमूना लिया जाना चाहिए। इससे पानी की सही गुणवत्ता का पता चलता है। - टीआर कटारिया, एक्सईएन जल निगम
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प्रति नमूना केवल हजार रुपये का खर्च
पानी की जांच के लिए प्रति नमूना 500 रुपये से 1000 रुपये तक का खर्च आता है। नगर निकायों में जलकर वसूली होती है। इस वजह से निकायों के पास बजट की कमी नहीं है। अर्से से नगर निकायों में पानी की जांच नहीं कराई गई है। केवल डोजर से क्लोरोनीकरण पर ही निकाय निर्भर हैं। अकबरपुर निकाय में करीब एक साल पहले पानी नमूनों की जांच कराई गई है। अन्य निकायों ने इसकी सुध नहीं ली।