{"_id":"60b3e7468ebc3e34fb488db6","slug":"only-one-doctor-per-16-thousand-population-akbarpur-news-knp631315449","type":"story","status":"publish","title_hn":"16 हजार की आबादी पर सिर्फ एक डॉक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
16 हजार की आबादी पर सिर्फ एक डॉक्टर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर देहात। जिले में आंकड़ों के मुताबिक करीब बीस लाख आबादी है। इसके सापेक्ष महज 129 डॉक्टरों की ही तैनाती है। इस हिसाब से करीब 16 हजार की आबादी पर एक डॉक्टर तैनात है। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर से कैसे निपटा जाएगा, यह सवाल बना हुआ है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि शासन को रिक्त पदों पर डॉक्टर की तैनाती किए जाने के लिए कई बार पत्र लिखा जा चुका है।
जिला प्रशासन भले ही कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए तैयार होने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि जिले में डॉक्टरों की संख्या बेहद कम हैं। यहां तक स्वीकृत पद के हिसाब से भी डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। 2020 में जारी किए स्वास्थ्य विभाग के एक आंकड़े के मुताबिक जिले में 211 डॉक्टरों के स्वीकृत पद पर केवल 129 डॉक्टर ही तैनात हैं।
वहीं जिले की आबादी करीब बीस लाख से अधिक है। ऐसे में 16 हजार की आबादी पर एक डॉक्टर की तैनाती है। बड़ी बात यह है कि जिले में फिलहाल करीब 82 डॉक्टरों की कमी है। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर से जिले के लोग कैसे जंग लड़ेंगे, यह बड़ा सवाल है।
विज्ञापन
हालांकि विभाग का यह आंकड़ा एक साल पहले का है, लेकिन उसके बाद जिले से कई डॉक्टर स्थानांतरित होकर चले गए। जबकि उनकेे एवज में आने वाले डॉक्टरों की संख्या कम है। इसके बाद विभाग की ओर से आंकड़े जारी नहीं किए गए।
128 में काम करने वाले है 85 डॉक्टर
कानपुर देहात। स्वास्थ्य विभाग भी यह मानता है कि जिले में डॉक्टरों की कमी है। जिले में 129 डॉक्टरों में महज 80 से 85 डॉक्टर काम करने वाले हैं। ऐसा स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी मान रहे हैं। अफसरों का कहना है कि 129 में कई डॉक्टर प्रशासनिक पद पर तैनात है। इससे समस्या और बढ़ जाती है।
स्त्री रोग व फिजीशियन की है कमी
कानपुर देहात। वैसे तो जिले में डॉक्टरों की भारी कमी है, लेकिन स्त्री रोग व फिजीशियन की कुछ ज्यादा ही कमी है। जिले में स्त्री रोग के 12 पद स्वीकृत हैं, जबकि इसके सापेक्ष तीन डॉक्टर ही तैनात है। इसी प्रकार फिजीशियन के 12 पद स्वीकृत हैं, जबकि जिले में चार फिजीशियन तैनात है और आठ की कमी है।
जिले में डॉक्टरों की कमी है। शासन को लगातार पत्र लिखा जाता है। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के बेहतर इंतजाम किए जा रहे हैं। इससे अफसरों को अवगत करा दिया गया है। - डॉ. राजेश कटियार, सीएमओ
पदनाम स्वीकृत पद कार्यरत
चिकित्साधिकारी (लेवल 1,2,3) 135 112
सर्जन 12 05
स्त्री रोग विशेषज्ञ 12 03
एनेस्थेटिस्ट 12 03
रेडियोलॉजिस्ट 12 00
फिजीशियन 12 04
चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य 16 02
विज्ञापन
जिला प्रशासन भले ही कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए तैयार होने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि जिले में डॉक्टरों की संख्या बेहद कम हैं। यहां तक स्वीकृत पद के हिसाब से भी डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। 2020 में जारी किए स्वास्थ्य विभाग के एक आंकड़े के मुताबिक जिले में 211 डॉक्टरों के स्वीकृत पद पर केवल 129 डॉक्टर ही तैनात हैं।
विज्ञापन
वहीं जिले की आबादी करीब बीस लाख से अधिक है। ऐसे में 16 हजार की आबादी पर एक डॉक्टर की तैनाती है। बड़ी बात यह है कि जिले में फिलहाल करीब 82 डॉक्टरों की कमी है। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर से जिले के लोग कैसे जंग लड़ेंगे, यह बड़ा सवाल है।
विज्ञापन
हालांकि विभाग का यह आंकड़ा एक साल पहले का है, लेकिन उसके बाद जिले से कई डॉक्टर स्थानांतरित होकर चले गए। जबकि उनकेे एवज में आने वाले डॉक्टरों की संख्या कम है। इसके बाद विभाग की ओर से आंकड़े जारी नहीं किए गए।
128 में काम करने वाले है 85 डॉक्टर
कानपुर देहात। स्वास्थ्य विभाग भी यह मानता है कि जिले में डॉक्टरों की कमी है। जिले में 129 डॉक्टरों में महज 80 से 85 डॉक्टर काम करने वाले हैं। ऐसा स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी मान रहे हैं। अफसरों का कहना है कि 129 में कई डॉक्टर प्रशासनिक पद पर तैनात है। इससे समस्या और बढ़ जाती है।
स्त्री रोग व फिजीशियन की है कमी
कानपुर देहात। वैसे तो जिले में डॉक्टरों की भारी कमी है, लेकिन स्त्री रोग व फिजीशियन की कुछ ज्यादा ही कमी है। जिले में स्त्री रोग के 12 पद स्वीकृत हैं, जबकि इसके सापेक्ष तीन डॉक्टर ही तैनात है। इसी प्रकार फिजीशियन के 12 पद स्वीकृत हैं, जबकि जिले में चार फिजीशियन तैनात है और आठ की कमी है।
जिले में डॉक्टरों की कमी है। शासन को लगातार पत्र लिखा जाता है। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के बेहतर इंतजाम किए जा रहे हैं। इससे अफसरों को अवगत करा दिया गया है। - डॉ. राजेश कटियार, सीएमओ
पदनाम स्वीकृत पद कार्यरत
चिकित्साधिकारी (लेवल 1,2,3) 135 112
सर्जन 12 05
स्त्री रोग विशेषज्ञ 12 03
एनेस्थेटिस्ट 12 03
रेडियोलॉजिस्ट 12 00
फिजीशियन 12 04
चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य 16 02