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एक कांटा हटा अब बचे डाकुओं पर निशाना, यूपी में अब भी इनामी डाकूओं की बड़ी फौज
सुधीर अग्रवाल, अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Sun, 30 Jul 2017 08:54 AM IST
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डाकू गोप्पा के पकडे़ जाने के बाद भी यूपी के चित्रकूट में कई इनामी डाकू बचे हैं। इसमें कुख्यात डाकू बबुली कोल भी शामिल है।
एसटीएफ ने जिला पुलिस की मदद से कुख्यात ईनामी डाकू गोप्पा यादव को पकड़ने में कामयाबी पायी है। इसके पकड़े जाने के बाद भी जिले में इनामी डाकू बचे हुए हैं।
इसमें मानिकपुर क्षेत्र मेें पांच लाख तीस हजार का इनामी डाकू बबुली कोल, पचास हजार का ईनामी लवलेश कोल, 50 हजार का इनामी ललित पटेल और एक लाख का ईनामी गौरी यादव प्रमुख रूप से हैं। इन गैंगों में कई हार्डकोर सदस्य हैं। साथ ही अपराधी गैंग में शामिल होकर वारदात करते रहते हैं। इस सफलता के बाद पुलिस व एसटीएफ के हौसले में बढ़ोत्तरी हुई है। एसपी प्रताप गोपेंद्र ने बताया कि अब बचे डाकुओं की ओर ध्यान लगाने का समय है।
गौरी गैंग में जा सकते हैं बचे डाकू
डाकू गोप्पा के पकडे़ जाने के बाद गैंग में बचे पांच सदस्य गौरी यादव गैंग के साथ जा सकते हैं। कहा जाता है कि ये बदमाश समय-समय पर डाकू गौरी के साथ भी चलते थे।
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अपहृतों ने जताई खुशी
डाकू गोप्पा के पकड़े जाने पर शहर के अपहृत बोरिंग मशीन संचालक के सह ठेकेदार संदीप सिंह और मिथलेश सिंह ने खुशी जताई है। रिश्तेदार फूलचंद्र सिंह के आवास पर मिले दोनों युवकों ने बताया कि 19 जून को गोप्पा ने अपहरण कर तीन दिन तक जंगल में घुमाया था। उनकी आंखों के सामने करोड़ों की बोरिंग मशीन पर आग लगा दी थी। उसके पकड़े जाने से राहत मिली है।
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एसटीएफ ने जिला पुलिस की मदद से कुख्यात ईनामी डाकू गोप्पा यादव को पकड़ने में कामयाबी पायी है। इसके पकड़े जाने के बाद भी जिले में इनामी डाकू बचे हुए हैं।
इसमें मानिकपुर क्षेत्र मेें पांच लाख तीस हजार का इनामी डाकू बबुली कोल, पचास हजार का ईनामी लवलेश कोल, 50 हजार का इनामी ललित पटेल और एक लाख का ईनामी गौरी यादव प्रमुख रूप से हैं। इन गैंगों में कई हार्डकोर सदस्य हैं। साथ ही अपराधी गैंग में शामिल होकर वारदात करते रहते हैं। इस सफलता के बाद पुलिस व एसटीएफ के हौसले में बढ़ोत्तरी हुई है। एसपी प्रताप गोपेंद्र ने बताया कि अब बचे डाकुओं की ओर ध्यान लगाने का समय है।
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गौरी गैंग में जा सकते हैं बचे डाकू
डाकू गोप्पा के पकडे़ जाने के बाद गैंग में बचे पांच सदस्य गौरी यादव गैंग के साथ जा सकते हैं। कहा जाता है कि ये बदमाश समय-समय पर डाकू गौरी के साथ भी चलते थे।
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अपहृतों ने जताई खुशी
डाकू गोप्पा के पकड़े जाने पर शहर के अपहृत बोरिंग मशीन संचालक के सह ठेकेदार संदीप सिंह और मिथलेश सिंह ने खुशी जताई है। रिश्तेदार फूलचंद्र सिंह के आवास पर मिले दोनों युवकों ने बताया कि 19 जून को गोप्पा ने अपहरण कर तीन दिन तक जंगल में घुमाया था। उनकी आंखों के सामने करोड़ों की बोरिंग मशीन पर आग लगा दी थी। उसके पकड़े जाने से राहत मिली है।