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Kanpur News: रमजान के पहले जुमे पर रोजेदारों ने मुल्क में अमन चैन की मांगी दुआ

Sat, 21 Feb 2026 02:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sat, 21 Feb 2026 02:01 AM IST
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On the first Friday of Ramadan, fasting people prayed for peace in the country.
कानपुर देहात। रमजान-उल मुबारक का पहले जुमा पूरे अकीदत के साथ लोग मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए पहुंचे। मस्जिदों में उमड़े रोजेदारों ने नमाज के बाद हाथ उठाकर मुल्क में अमन चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी।
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गुरुवार को पवित्र रमजान की शुरुआत होने पर तरावीह की नमाज का सिलसिला जारी है। रोजा रखने वालों में उत्साह है और खुदा की इबादत में अपना दिन गुजार रहे हैं। शुक्रवार को रमजान का पहला जुमा यानि शुक्रवार को मस्जिदों में रोजेदारों ने पाबंदी से नमाज अदा कर मुल्क की हिफाजत और तरक्की की दुआ मांगी। अकबरपुर के अहमद नगर गैसिया मस्जिद, हरीगंज, सदर बाजार समेत जिले के सिकंदरा, राजपुर, भोगनीपुर, डेरापुर, रूरा, रसूलाबाद, संदलपुर, सट्टी, अफसरिया, पीतमपुर की प्रमुख मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग जुमा की नमाज अदा करने पहुंचे। मस्जिदों में शांति पूर्वक नमाज अदा कराई गई।
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अकबरपुर के गौसिया मस्जिद में नमाज पढ़ने पहुंचे लोगों को हाफिज मोहम्मद अकरम रजा ने जानकारी देते हुए कहा कि रमजान में हर किसी को रोजा रखना चाहिए। पूरे माह लोग मोबाइल से दूरी बनाएं। उन्होंने कहा कि सिर्फ अल्लाह की इबादत करें और रोजा रखें। उन्होंने बुरे कामों से बचने व झूठ बोलने से बचने की नसीहत दी।
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सिकंदरा की खजूर वाली मस्जिद में हाफिज मुजीब रजा ने जुमा की नमाज अदा कराई। उन्होंने खुतवे से पहले रमजान की तफ्सील बताते हुए कहा कि रमजान का पवित्र महीना अल्लाह की रहमतों का खजाना होता है। इस माह में रोजा रखकर ज्यादा से ज्यादा इबादत करने से गुनाहों से माफी मिलती है। रोजा में सब्र रखने का इनाम जन्नत है। रोजा इंसान को बुराइयों के रास्ते से दूर कर नेकी के रास्ते पर ले जाता है । बेशुमार रहमतें हासिल करने के लिए रोजेदारों को गरीबों की मदद करना चाहिए। बताया कि रमजान के महीने में आमदनी का ढाई फीसदी हिस्सा गरीबों में दान करना फर्ज है। जुमा की नमाज के बाद मुल्क में खुशहाली की दुआ की गई। उसके बाद रोजेदारों ने गरीबों की आर्थिक रूप से मदद की और बाद में बाजार में खरीदारी के लिए निकल पड़े।
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