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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   On Sharad Purnima, the moon attains its full 16 phases; there is a tradition of placing kheer out in the moonlight

Kanpur News: शरद पूर्णिमा पर 16 कलाओं में पूर्ण होता चंद्रमा, चांदनी में खीर रखने की है परंपरा

Fri, 23 Oct 2026 01:47 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 01:47 AM IST
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On Sharad Purnima, the moon attains its full 16 phases; there is a tradition of placing kheer out in the moonlight
कानपुर। शरद पूर्णिमा 25 अक्तूबर को है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी किरणें अमृत के समान गुणों वाली मानी जाती हैं। वर्ष में एक बार आने वाली यह पूर्णिमा धार्मिक, आध्यात्मिक और पारंपरिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। इसे कोजागर पूर्णिमा, रास पूर्णिमा और कौमुदी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व मां महालक्ष्मी की पूजा और भगवान श्रीकृष्ण की महारास लीला से जुड़ा है।
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सीएसजेएमयू के दीन दयाल शोध केंद्र के आचार्य संगम बाजपेई के अनुसार मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की चंद्र किरणों से जड़ी-बूटियों में रस का संचार होता है। हिमालय से लेकर समुद्र तक पाई जाने वाली औषधियों में इस रात विशेष गुणों के विकसित होने की धारणा प्रचलित है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार इस रात मां महालक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं, इसी के कारण इसे कोजागर पूर्णिमा कहा जाता है।
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ज्योतिषाचार्य प्रीति पवन तिवारी ने बताया कि शरद पूर्णिमा व्यापारी वर्ग और धन-समृद्धि की कामना करने वाले लोगों के लिए विशेष शुभ मानी जाती है। यह पर्व आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन में राधा और गोपियों के साथ दिव्य महारास रचाया था। इसी वजह से ब्रज क्षेत्र और वैष्णव परंपरा में इसे रास पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है।
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चांदनी में खीर रखने की परंपरा

शरद पूर्णिमा पर खीर बनाकर रात में चांदनी के नीचे रखने की परंपरा है। मान्यता है कि चंद्रमा की शीतल किरणें खीर को अमृततुल्य बनाती हैं। खीर के कार्बोहाइड्रेट और लैक्टोज चंद्रमा की ऊर्जा और शीतलता को अवशोषित करने में सहायक होते हैं। ज्योतिष में चंद्रमा की पूजा को मानसिक शांति और सकारात्मकता से जोड़ा जाता है। इस रात श्रद्धालु चंद्र देव की आराधना कर सुख, शांति और आरोग्य की कामना करते हैं।
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