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Kanpur News: सोमवार को चक्काजाम तो दूसरे दिन सर्वर ने रुलाया, नहीं मिले सिलिंडर

Wed, 15 Apr 2026 02:20 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Apr 2026 02:20 AM IST
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On Monday, the blockade and the next day the server made us cry, cylinders were not available.
कानपुर। पनकी भऊसिंह स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के बॉटलिंग प्लांट में सोमवार को ट्रक चालकों के चक्का जाम से उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिले। देर रात सिलिंडर लदे ट्रक पहुंचे तो मंगलवार को सर्वर खराबी और ओटीपी की दिक्कतों ने उपभोक्ताओं को परेशान किया। लोगों को घंटों लाइन में खड़े होने के बाद सिलिंडर मिल सके। इससे लोग मायूस होकर लाैट गए।
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दरअसल, सोमवार सुबह करीब 300 ट्रक चालकों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्लांट में चक्का जाम कर दिया था। सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही जिससे गैस आपूर्ति प्रभावित हुई। चालकों का आरोप था कि उन्हें मात्र 12 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है और कोई अतिरिक्त सुविधा भी नहीं मिल रही। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों और सेंट्रल लेबर विभाग के हस्तक्षेप के बाद चालकों को न्यूनतम वेतन दिलाने का आश्वासन दिया गया जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ और सप्लाई दोबारा शुरू हो सकी। सोमवार रात को एजेंसियों में गैस सिलिंडर के ट्रक पहुंच गए। मंगलवार सुबह फिर से लोगों ने लाइन लगाई लेकिन सर्वर दगा दे गया। इससे सिलिंडर नहीं मिले।
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मांग 10 से 20 सिलिंडर की, प्रावधान पांच का मिल रहे तीन से चार

कानपुर। सहालग के चलते शहर में काॅमर्शियल गैस सिलिंडर की मांग बढ़ते ही आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई है। हालात यह हैं कि उपभोक्ताओं को तय संख्या के मुकाबले कम सिलिंडर मिल रहे हैं। एक उपभोक्ता को पांच सिलिंडर तक दिए जाने का प्रावधान है, वहीं गैस एजेंसियां सिर्फ तीन से चार सिलिंडर ही उपलब्ध करा रही हैं जबकि लोग 10 से 20 सिलिंडर की मांग कर रहे हैं।
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सहालग के दौरान एक कार्यक्रम के लिए करीब सात से आठ सिलिंडरों की आवश्यकता होती है लेकिन एजेंसियों द्वारा सीमित संख्या में ही गैस दी जा रही है। कई लोगों ने जिला पूर्ति विभाग में प्रार्थना पत्र में 10 से 20 सिलिंडर तक की मांग की है लेकिन उन्हें पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल पा रही। स्थिति यह हो गई है कि सिलिंडर प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को एजेंसी संचालकों से सिफारिश तक करनी पड़ रही है। इसके बावजूद समय पर गैस नहीं मिलने से कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि कम सिलिंडर मिलने के कारण उन्हें बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि सहालग के चलते अचानक मांग बढ़ने से आपूर्ति पर दबाव पड़ा है। इसके चलते गैस एंजेसियां सभी को तीन से चार सिलिंडर ही उपलब्ध करा पा रही हैं जिससे सभी को सिलिंडर मिल सके। ज्यादा सिलिंडर किसी को नहीं दिए जा रहे हैं। क्यों कि कामर्शियल सिलिंडर का आवक 20 फीसदी ही रह गई है।
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