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कानपुर देहात से भेजे गए 60 सैंपल में नहीं हुई ओमिक्रॉन की पुष्टि
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पुखरायां बस अड्डे के पास युवक का सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद
- फोटो : PUKHRAYAN
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कानपुर देहात। जिले में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब तक 60 से ज्यादा सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लखनऊ स्थित लैब भेजे जा चुके हैं। राहत की बात यह है कि किसी में भी ओमिक्रॉन की पुष्टि नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोरोना संदिग्धों की आरटीपीसीआर जांच जिला अस्पताल की एफएसएल लैब (कोविड लैब) में जांच कराई जाती है। अभी इस लैब में 100 लोगों की ही जांच होती है। इसके अलावा सैंपल केजीएमसी लखनऊ भी भेजे जाते हैं।
संक्रमण की पुष्टि होने के बाद ओमिक्रॉन की जांच के लिए सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग लैब भेजा जाता है। इसकी रिपोर्ट तीन से चार दिन में मिलती है। गुरुवार तक जिले में कुल 85 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
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इसमें 19 लोगों का पता नहीं चल पा रहा। जिले में सिर्फ 66 केस एक्टिव हैं। इनमें 60 लोगों के सैंपल जीमोन सीक्वेंसिंग लैब भेजे गए जहां नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की पुष्टि नहीं हुई।
ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से आ चुके 26 लोग
सरकार की तरफ से जारी गाइड लाइन के अनुसार ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से भारत आने वाले मरीजों की जांच अनिवार्य है। अभी तक 26 लोग जिले में ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से आ चुके हैं। सभी का सैंपल लेकर जीनोम सीक्वेंसिंग लैब भेजा गया था, लेकिन किसी में ओमिक्रॉन की पुष्टि नहीं हुई।
अभी तक 60 लोगों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग लैब भेजे जा चुके हैं। किसी में भी ओमिक्रॉन की पुष्टि नहीं हुई। - डॉ. एके सिंह, सीमएओ।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोरोना संदिग्धों की आरटीपीसीआर जांच जिला अस्पताल की एफएसएल लैब (कोविड लैब) में जांच कराई जाती है। अभी इस लैब में 100 लोगों की ही जांच होती है। इसके अलावा सैंपल केजीएमसी लखनऊ भी भेजे जाते हैं।
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संक्रमण की पुष्टि होने के बाद ओमिक्रॉन की जांच के लिए सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग लैब भेजा जाता है। इसकी रिपोर्ट तीन से चार दिन में मिलती है। गुरुवार तक जिले में कुल 85 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
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इसमें 19 लोगों का पता नहीं चल पा रहा। जिले में सिर्फ 66 केस एक्टिव हैं। इनमें 60 लोगों के सैंपल जीमोन सीक्वेंसिंग लैब भेजे गए जहां नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की पुष्टि नहीं हुई।
ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से आ चुके 26 लोग
सरकार की तरफ से जारी गाइड लाइन के अनुसार ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से भारत आने वाले मरीजों की जांच अनिवार्य है। अभी तक 26 लोग जिले में ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से आ चुके हैं। सभी का सैंपल लेकर जीनोम सीक्वेंसिंग लैब भेजा गया था, लेकिन किसी में ओमिक्रॉन की पुष्टि नहीं हुई।
अभी तक 60 लोगों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग लैब भेजे जा चुके हैं। किसी में भी ओमिक्रॉन की पुष्टि नहीं हुई। - डॉ. एके सिंह, सीमएओ।