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वृद्ध ने परिजनों को दी धमकी: कहा- मैंने पाक में 8 साल जेल काटी, 28 साल सेना की यातनाएं झेली, अब डर नहीं लगता..

Tue, 18 Jul 2023 10:16 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 18 Jul 2023 10:16 PM IST
सार

पाक जेल से छूटे शमसुद्दीन ने संपत्ति के लिए परिजनों को जान से मारने की धमकी दी है। परिजनों ने सीएम समेत पुलिस अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है।

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Old man released from Pak jail threatens to kill family members for property
पीड़ित भाई-बहन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैंने पाकिस्तान में आठ साल जेल काटी। 28 साल सेना की यातनाएं झेली हैं। अब मुझे जेल और पुलिस का कोई डर नहीं रहा। तुम लोग अब अपनी चिंता करों। अगर पूरी पैतृक संपत्ति मेरे नाम नहीं की तो तुम लोगों का कत्ल भी कर दूंगा। ये धमकी तीन साल पहले पाकिस्तानी सेना की चंगुल से छूटे कंघी मोहाल निवासी शमसुद्दीन ने अपने परिवार के लोगों को दी। शुमसुद्दीन की धमकी से सहमे परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पुलिस कमिश्नर बीपी जोदगंड और बजरिया थाने में पत्र भेज कर मदद की गुहार लगाई है।

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पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। कंघी मोहाल निवासी शमसुद्दीन चार भाइयों फहीमुद्दीन, नसीरुद्दीन, चांदबाबू और दो बहनों शाहीन और चंदा में सबसे बड़ा है। शमसुद्दीन पहले दिल्ली में नौकरी करता था। मोहल्ले में रहने वाले सादुल्लाह की बेटी की शादी पाकिस्तान में हुई थी। सादुल्लाह के बेटी और दामाद पाकिस्तान से कंघी मोहाल आए थे।

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शमसुद्दीन का उनके घर आना-जाना था। वर्ष 1992 में वह सादुल्लाह की बेटी और दामाद के साथ पाकिस्तान घूमने चला गया था। वहां वीजा एक्सपायर होने के बाद पाकिस्तानी पुलिस ने उसे जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। आठ साल बाद पुलिस की निगरानी में उसे छोड़ा गया तो शमसुद्दीन पाकिस्तान में रहकर काम धंधा करने लगा था। इस बीच उनकी फोन पर घर वालों से बात भी होने लगी।

तभी पाकिस्तानी सेना ने उन पर भारतीय जासूस होने का आरोप लगाकर जेल में बंद कर दिया। जानकारी के बाद परिवार के लोगों ने उसे वतन वापस बुलाने के लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर विदेश मंत्रालय तक गुहार लगाई। काफी प्रयास के बाद 28 साल बाद 2020 में उसे वतन लाया गया था।
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जिसे जीवन दिया वहीं बन गया जान का दुश्मन
भाई फहीमुद्दीन और बहन शुबीना का आरोप है कि पाकिस्तान से लौटने बाद कुछ माह तक सब ठीक चलता रहा, लेकिन अब उसके बर्ताव में बदलाव आने लगा है। वह पूरी पैतृक संपत्ति अकेले हड़पना चाहता है। परिजनों ने जब विरोध किया तो पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। अब परिवार के लोगों को लग रहा है कि इससे अच्छा तो पाकिस्तान में ही बंधक रहता तो ज्यादा ठीक था। उसे वतन बुलाकर गलती कर दी है।

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