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जमीन पर कब्जा करने के लिए भतीजों ने साधु को लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला, सिर पर फावड़ें से किए वार
Mon, 29 Jul 2019 10:38 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 29 Jul 2019 10:38 PM IST
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घटनास्थल पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद में खेत व मकान पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद में भतीजों ने अपने साधु चाचा को ही लाठी-डंडों व फावड़े से हमला कर दिनदहाड़े मार डाला। पुलिस ने शव उठाकर ट्रैक्टर-ट्राली में रख लिया। परिजनों व ग्रामीणों ने विरोध कर उतार लिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। मृतक की पत्नी ने जेठ के तीन बेटों पर हत्या का आरोप लगाया।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव जाजपुर गोवा निवासी धनीराम यादव उर्फ बाबा (58) पुत्र स्व. मुंशीलाल यादव व उनकी पत्नी मीना देवी उर्फ सत्यवती करीब 15 वर्ष पूर्व साधु हो गए थे। उनके एक बेटा प्रभात यादव उर्फ मुन्नू सिंह है। वह दिल्ली में परिवार के साथ रहता है। धनीराम व उनकी पत्नी इधर-उधर मंदिरों में घूमते रहते थे। इस बीच उनके भतीजे उनके मकान में ताला डाल देते थे उनके लौटने पर विवाद होता था।
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मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव जाजपुर गोवा निवासी धनीराम यादव उर्फ बाबा (58) पुत्र स्व. मुंशीलाल यादव व उनकी पत्नी मीना देवी उर्फ सत्यवती करीब 15 वर्ष पूर्व साधु हो गए थे। उनके एक बेटा प्रभात यादव उर्फ मुन्नू सिंह है। वह दिल्ली में परिवार के साथ रहता है। धनीराम व उनकी पत्नी इधर-उधर मंदिरों में घूमते रहते थे। इस बीच उनके भतीजे उनके मकान में ताला डाल देते थे उनके लौटने पर विवाद होता था।
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सुबह भी आरोपियों ने की थी मारपीट, बेटे के पास दिल्ली जाने को निकला था साधु
कभी-कभी वह गांव में होते थे तब भी भतीजे मकान में ताला डाल देते थे। करीब सात माह पूर्व धनीराम ने खेत में मंदिर बनवाना शुरू किया था। इस पर भी भतीजों ने विवाद कर दिया था और मंदिर का निर्माण नहीं हो सका था। इसके बाद पुलिस ने तीनों भतीजों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई भी की थी। कुछ दिन पूर्व धनीराम व उनकी पत्नी कहीं गए थे। सोमवार सुबह ही वापस आए।
तभी उनके भतीजों ने गांव के श्याम सिंह के मकान के पास घेर कर मारपीट कर दी। सूचना पर यूपी 100 पुलिस के पहुंचने पर आरोपी भाग गए। पुलिस कर्मी उनसे थाने में तहरीर देने की बात कहकर चले गए। शाम को करीब चार बजे धनीराम अपनी पत्नी को घर में छोड़कर दिल्ली अपने बेटे के पास जाने को नीबकरोरी स्टेशन पैदल जा रहे थे। तभी स्टेशन से करीब दो सौ मीटर पहले पड़े मैदान में उन्हें तीनों भतीजों ने घेर लिया और लाठी-डंडों व फावड़े से हमला कर दिया।
उन्हें पीट-पीटकर मार डाला। इस बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी वहां से भाग गए। जानकारी मिलने पर पतनी मीना उर्फ सत्यवती व उनके परिजन मौके पर पहुंच गए। इससे वहां चीत्कार मच गया। पुलिस ने शव उठाकर ट्रैक्टर में रख लिया। इसका परिजन विरोध करने लगे और शव उतारकर नीचे रख लिया। उनका कहना था कि आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए और उनके बेटे के आने पर ही शव उठेगा। पुलिस परिजनों को देर शाम तक समझाने के प्रयास में जुटी रही।
तभी उनके भतीजों ने गांव के श्याम सिंह के मकान के पास घेर कर मारपीट कर दी। सूचना पर यूपी 100 पुलिस के पहुंचने पर आरोपी भाग गए। पुलिस कर्मी उनसे थाने में तहरीर देने की बात कहकर चले गए। शाम को करीब चार बजे धनीराम अपनी पत्नी को घर में छोड़कर दिल्ली अपने बेटे के पास जाने को नीबकरोरी स्टेशन पैदल जा रहे थे। तभी स्टेशन से करीब दो सौ मीटर पहले पड़े मैदान में उन्हें तीनों भतीजों ने घेर लिया और लाठी-डंडों व फावड़े से हमला कर दिया।
उन्हें पीट-पीटकर मार डाला। इस बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी वहां से भाग गए। जानकारी मिलने पर पतनी मीना उर्फ सत्यवती व उनके परिजन मौके पर पहुंच गए। इससे वहां चीत्कार मच गया। पुलिस ने शव उठाकर ट्रैक्टर में रख लिया। इसका परिजन विरोध करने लगे और शव उतारकर नीचे रख लिया। उनका कहना था कि आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए और उनके बेटे के आने पर ही शव उठेगा। पुलिस परिजनों को देर शाम तक समझाने के प्रयास में जुटी रही।