ओला कार लूटकांड: हेड कांस्टेबल के बेटे समेत पांच गिरफ्तार, आरोपी बोला- परखना था बड़ी लूट कर सकता हूं या नहीं
Kanpur News: सचेंडी थाना क्षेत्र में ओला कार लूटकांड में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गैंग लीडर के पिता कौशांबी में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। पुलिस ने एक स्विफ्ट डिजायर कार और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
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कानपुर में सचेंडी पुलिस ने चालक को फेंककर ओला कार लूटने वाले कौशांबी में तैनात हेड कांस्टेबल के बेटे समेत पांच आरोपियों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई स्विफ्ट डिजायर कार व दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए उनका गिरोह छोटी वारदातों को अंजाम देता था।
पुलिस की पूछताछ में कबूला कि खुद को परखने के लिए गैंग के साथ मिलकर लूट की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। डीसीपी पूर्वी विजय ढुल ने पत्रकारवार्ता में बताया कि नौबस्ता के आवास विकास निवासी विमल बाथम ने अपनी स्विफ्ट डिजायर कार ओला कंपनी से जोड़ रखी है।
13 जनवरी की रात नौबस्ता बाईपास से भौंती बाईपास के लिए कैब बुक कराई गई। नौबस्ता बिहारी ढाबा के सामने बुकिंग कराने वाली सवारी व उसके साथ चार साथी कार में बैठ गए। कार को भौंती बाईपास से पहले पहुंची तो पांचों ने गाड़ी किनारे लगाने के लिए कहा। कार रोकते ही पांचों ने मिलकर पीटना शुरू कर दिया।
ओवर ब्रिज के पास चालक को पीटते हुए बाहर फेंका
दो एन्ड्रॉयड मोबाइल फोन व 300 रुपये छीन लिए और उसे पीछे वाली सीट पर बैठा लिया। एक बदमाश ड्राइविंग सीट पर बैठ गया और गाड़ी रनियां की तरफ लेकर चल दिए। रनियां के पहले ओवर ब्रिज के पास चालक को पीटते हुए बाहर फेंककर कार समेत फरार हो गए।
हेड कांस्टेबल के बेटे समेत पांच गिरफ्तार
वारदात में शामिल गैंग लीडर कौशांबी में तैनात हेड कांस्टेबल रामकुमार गौतम के बेटे तरुण गौतम समेत पांचों आरोपियों (फतेहपुर के राधानगर निवासी अनुज गुप्ता, यहीं के आकाश कुमार दुबे, लखनऊ गुडंबा, वारसी रेजीडेंसी निवासी नुमान खान व मूलरूप से फर्रुखाबाद के जलालाबाद महारई निवासी अर्पित शर्मा) को फतेहपुर से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस इस तरह पहुंची शातिरों तक
डीसीपी ने बताया कि खुलासे के लिए सर्विलांस टीम के साथ ओला कंपनी से भी सहयोग लिया गया। शातिरों ने ओला कंपनी से कार बुक कराने के लिए कार्तिक नाम की फर्जी मेल आईडी बनाई थी। कंपनी से मेल आईडी वाले मोबाइल नंबर को लेकर उसका आईपी एड्रेस निकलवाया गया तो वह तरुण गौतम का निकला। साथ ही नौबस्ता क्षेत्र से कुछ सीसीटीवी फुटेज भी हाथ लगे थे। इन्हीं के आधार पर पुलिस टीम ने पांचों आरोपियों को फतेहपुर से गिरफ्तार किया है।
कैमरों से बचने के लिए बदला रूट
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने रनियां में कार चालक को सड़क पर फेंका था। इसके बाद उन्होंने कैमरों से बचने के लिए रूट बदल दिया। पूछताछ में बताया कि अगर अकबरपुर की तरफ से जाते तो टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरे में कार कैद हो जाती। इसलिए बिना टोल प्लाजा वाले रूट को चुना। वहीं, कार को बेचने के लिए शातिरों ने फजल नाम के एक शख्स से डील भी कर ली थी।
पढ़ाई के दौरान हुई थी दोस्ती
पुलिस के मुताबिक आरोपी तरुण और आकाश एक साथ ही पढ़ते थे। दोनों की तभी से थी। आकाश दिल्ली में नौकरी करता था। उसी दौरान नुमान खान व अन्य से उसकी दोस्ती हो गई थी। इसके बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे सभी आरोपियों ने गैंग बनाकर लूट की वारदात की साजिश रची थी। वारदात के पहले दोनों गुजैनी के एक होटल में रुके थे।