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ओएफसी ने तैयार की अपगन मार्क फोर तोप
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Sun, 25 Oct 2015 02:07 AM IST
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बोफोर्स के बाद पूरी तरह से भारत निर्मित अपगन मार्क फोर तोप ओएफसी ने तैयार कर ली है और इसका आखिरी परीक्षण बालासोर (ओडीसा) में किया जाएगा।
तोप को फाइनल परीक्षण के लिए शनिवार को ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड के अपर महानिदेशक आदित्य मिश्रा ने रवाना किया। सेना ने इस तोप के लिए ओएफसी को ऑर्डर भी दे दिए हैं। पहले साल 18, इसके बाद उसी अनुपात में साल दर साल यह संख्या दोगुनी हो जाएगी।
अपर महानिदेशक ने बताया कि अपगन तोप के 80 प्रतिशत पार्ट्स ओएफसी में ही बनाए गए हैं। इसके पहले वर्जन का निर्माण 15 साल पहले ही किया जा चुका था। तब से लगातार इसका परीक्षण जारी है। मैदान में करीब 45 किमी तक मार करने वाली इस तोप की खास बात यह है कि इसमें गोला लोड करने की आटोमैटिक क्षमता है।
उन्होंने बताया कि इस समय विश्व की महत्वपूर्ण तोपों में अपना स्थान बनाने वाली धनुष का निर्माण भी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में ही किया गया है। स्माल आर्म्स और फील्डगन फैक्ट्री को निजी हाथों में देने के सवाल पर अपर महानिदेशक ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। वहीं लाइसेंस प्रक्रिया ज्यादा जटिल होने की वजह से रायफल की डिमांड लोगों की तरफ से भी नहीं आ पा रही है।
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तोप को फाइनल परीक्षण के लिए शनिवार को ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड के अपर महानिदेशक आदित्य मिश्रा ने रवाना किया। सेना ने इस तोप के लिए ओएफसी को ऑर्डर भी दे दिए हैं। पहले साल 18, इसके बाद उसी अनुपात में साल दर साल यह संख्या दोगुनी हो जाएगी।
अपर महानिदेशक ने बताया कि अपगन तोप के 80 प्रतिशत पार्ट्स ओएफसी में ही बनाए गए हैं। इसके पहले वर्जन का निर्माण 15 साल पहले ही किया जा चुका था। तब से लगातार इसका परीक्षण जारी है। मैदान में करीब 45 किमी तक मार करने वाली इस तोप की खास बात यह है कि इसमें गोला लोड करने की आटोमैटिक क्षमता है।
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उन्होंने बताया कि इस समय विश्व की महत्वपूर्ण तोपों में अपना स्थान बनाने वाली धनुष का निर्माण भी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में ही किया गया है। स्माल आर्म्स और फील्डगन फैक्ट्री को निजी हाथों में देने के सवाल पर अपर महानिदेशक ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। वहीं लाइसेंस प्रक्रिया ज्यादा जटिल होने की वजह से रायफल की डिमांड लोगों की तरफ से भी नहीं आ पा रही है।
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