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क्वारंटीन सेंटर पर नर्स बोली तुम लोगों को कोई बीमारी नहीं है तो घर चले गए पांच युवक
Mon, 20 Apr 2020 07:45 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 20 Apr 2020 07:45 PM IST
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चित्रकूट में क्वारंटीन सेंटरों का निरीक्षण करते अधिकारी
- फोटो : amar ujala
चित्रकूट के भौंरी में बने क्वारंटीन सेंटर से पांच युवक गायब मिलने से सोमवार सुबह हडकंप मच गया। मामला एसडीएम मानिकपुर व सीओ तक पहुंचा तो भारी पुलिस फोर्स शेल्टर होम पहुंची। पांचों युवक की तलाश में पुलिस टीम सक्रिय हुई और शाम तक पांचों को गांव से ही पकड़कर फिर शेल्टर होम पहुंचा दिया गया है।
पांचों के लौटने की जानकारी के बाद सभी ने राहत की सांस ली। हरियाणा से आए रैपुरा गांव निवासी आशीष, आकाश व पंकज के अलावा बोडीपोखरी निवासी दीपक व रोहित को लगभग दस दिन पूर्व जिला प्रशासन की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण कराकर प्राथमिक विद्यालय गोहराखास में बनाए गए शेल्टर होम में 14 दिन के लिए क्वांटीन किया था।
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पांचों के लौटने की जानकारी के बाद सभी ने राहत की सांस ली। हरियाणा से आए रैपुरा गांव निवासी आशीष, आकाश व पंकज के अलावा बोडीपोखरी निवासी दीपक व रोहित को लगभग दस दिन पूर्व जिला प्रशासन की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण कराकर प्राथमिक विद्यालय गोहराखास में बनाए गए शेल्टर होम में 14 दिन के लिए क्वांटीन किया था।
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सोमवार को पांचों युवक शेल्टर होम से भाग निकले। भोजन व स्वास्थ्य विभाग की टीम जब पहुंची तो वहां कोई नहीं मिला। जानकारी होते ही पूरे क्षेत्र में हडकंप मच गया। आनन फानन में मानिकपुर एसडीएम संगमलाल व मऊ सीओ विज्येंद्र द्विवेदी को जानकारी दी गई। मौके पर पहुंचे रैपुरा थाने की टीम ने पांचों की तलाश शुरु की।
थानाप्रभारी रमेशचंद्र ने बताया कि दो युवकों को तो गांव के घर से पकड लिया गया लेकिन तीन नहीं मिले। शाम को अन्य तीनों को भी गांव के बाहर खेत के पास से पकड़ लिया गया है। पांचों को फिर से लिखापढ़ी कर शेल्टर होम में ठहराया गया। सभी का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया।
इस मामले में युवकों ने बताया कि वह सब क्षेत्र की एएनएम से पूछकर गए थे। एएनएम ने ही कहा था कि उन्हें कोई बीमारी नहीं है वह घर जा सकते हैं। इस मामले में एसडीएम व थाना प्रभारी ने भी यही बताया कि एएनएम के कहने पर ही पांचों युवक चले गए थे वह भागे नहीं थे। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है।
थानाप्रभारी रमेशचंद्र ने बताया कि दो युवकों को तो गांव के घर से पकड लिया गया लेकिन तीन नहीं मिले। शाम को अन्य तीनों को भी गांव के बाहर खेत के पास से पकड़ लिया गया है। पांचों को फिर से लिखापढ़ी कर शेल्टर होम में ठहराया गया। सभी का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया।
इस मामले में युवकों ने बताया कि वह सब क्षेत्र की एएनएम से पूछकर गए थे। एएनएम ने ही कहा था कि उन्हें कोई बीमारी नहीं है वह घर जा सकते हैं। इस मामले में एसडीएम व थाना प्रभारी ने भी यही बताया कि एएनएम के कहने पर ही पांचों युवक चले गए थे वह भागे नहीं थे। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है।