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Kanpur News: सेंट्रल स्टेशन पर अब अपने चेहरे से पकड़े जाएंगे अपराधी
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कानपुर। सेंट्रल स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था अब और भी चाक-चौबंद होगी। यहां फेस रिक्गनाइजेशन सिस्टम (एफआरएस) कैमरे लगाने की तैयारी है। अगर कोई अपराधी रेलवे स्टेशन पर प्रवेश या निकासी करता है तो कैमरा उसे पहचान कर अलर्ट देगा। इससे अपराधी की पकड़ आसान हो सकेगी। आरपीएफ ने इसके लिए प्रस्ताव बनाकर मंडल को भेजा है।
अभी सेंट्रल स्टेशन पर करीब 130 से अधिक सीसीटीवी कैमरे परिसर व आउटर क्षेत्र में लगाए गए हैं। इनकी मदद से आरपीएफ पोस्ट पर बने कंट्रोल रूम से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाती है। अब इस व्यवस्था को और आधुनिक बनाने के लिए सेंट्रल स्टेशन पर एफआरएस तकनीक वाले कैमरों से लैस करने की तैयारी है। ये कैमरे रेलवे स्टेशन के सिटी व कैंट साइड के प्रवेश और निकास द्वार के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी लगाए जाएंगे। इनका कंट्रोल रूम भी आरपीएफ पोस्ट पर बनाया जाएगा। यात्री बनकर स्टेशन परिसर में आने या जाने वाले अपराधी की पहचान हो सकेगी। इन स्मार्ट कैमरों का काम संदिग्धों और अपराधियों को पहचान कर कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट करना है।
एफआरएस तकनीक वाले कैमरों में अपराधियों का डेटाबेस होगा जो उन्हें देखते ही ट्रैक कर लेगे। अपराधी के चेहरे से कंप्यूटर पर उसका पुराना आपराधिक इतिहास खुल जाएगा जिसके बाद आरपीएफ सक्रिय होकर उसे दबोच सकेगी। ये कैमरे वीडियो एनालिटिक्स और इंफ्रारेड तकनीक से लैस होंगे जो कम रोशनी में भी स्पष्ट फुटेज देंगे। हैदराबाद रेलवे स्टेशन पर हाल ही में इन्हीं कैमरों की मदद से एक कुख्यात अपराधी को पकड़ा गया था। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर इन कैमरों की मदद से उन 17 चोर दरवाजों पर भी नजर रखी जा सकेगी जो अभी तक खुले हुए हैं।
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एफआरएस तकनीक से लैस कैमरे लगाने के लिए प्रस्ताव बनाकर मंडल भेजा गया है। वहां से अनुमति मिलते ही इन्हें इंस्टाॅल कराने का कार्य शुरू किया जाएगा।
-विवेक वर्मा, सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ
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अभी सेंट्रल स्टेशन पर करीब 130 से अधिक सीसीटीवी कैमरे परिसर व आउटर क्षेत्र में लगाए गए हैं। इनकी मदद से आरपीएफ पोस्ट पर बने कंट्रोल रूम से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाती है। अब इस व्यवस्था को और आधुनिक बनाने के लिए सेंट्रल स्टेशन पर एफआरएस तकनीक वाले कैमरों से लैस करने की तैयारी है। ये कैमरे रेलवे स्टेशन के सिटी व कैंट साइड के प्रवेश और निकास द्वार के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी लगाए जाएंगे। इनका कंट्रोल रूम भी आरपीएफ पोस्ट पर बनाया जाएगा। यात्री बनकर स्टेशन परिसर में आने या जाने वाले अपराधी की पहचान हो सकेगी। इन स्मार्ट कैमरों का काम संदिग्धों और अपराधियों को पहचान कर कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट करना है।
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एफआरएस तकनीक वाले कैमरों में अपराधियों का डेटाबेस होगा जो उन्हें देखते ही ट्रैक कर लेगे। अपराधी के चेहरे से कंप्यूटर पर उसका पुराना आपराधिक इतिहास खुल जाएगा जिसके बाद आरपीएफ सक्रिय होकर उसे दबोच सकेगी। ये कैमरे वीडियो एनालिटिक्स और इंफ्रारेड तकनीक से लैस होंगे जो कम रोशनी में भी स्पष्ट फुटेज देंगे। हैदराबाद रेलवे स्टेशन पर हाल ही में इन्हीं कैमरों की मदद से एक कुख्यात अपराधी को पकड़ा गया था। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर इन कैमरों की मदद से उन 17 चोर दरवाजों पर भी नजर रखी जा सकेगी जो अभी तक खुले हुए हैं।
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एफआरएस तकनीक से लैस कैमरे लगाने के लिए प्रस्ताव बनाकर मंडल भेजा गया है। वहां से अनुमति मिलते ही इन्हें इंस्टाॅल कराने का कार्य शुरू किया जाएगा।
-विवेक वर्मा, सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ