फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   note ban effect public court proceedings handled 2.10 lakh

नोट बंदी का असर, लोक अदालत में 2.10 लाख मुकदमे निपटे

Sun, 13 Nov 2016 01:04 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 13 Nov 2016 01:04 AM IST
विज्ञापन
note ban effect public court proceedings handled 2.10 lakh
डेमो
राष्ट्रीय लोक अदालत में दो लाख दस हजार 746 मुकदमों का निस्तारण किए गए। 55 करोड़ 99 लाख 23 हजार 910 रुपये जुर्माना, प्रतिकर, उत्तराधिकार और दुर्घटना मुआवजा सुनाया गया। हालांकि लोक अदालत पर एक हजार और पांच सौ के नोट बंद होने का असर भी पड़ा। हालत यह रही कि कई बैंकों ने अपने स्टाल ही नहीं लगाए। लोक अदालत के उद्घाटन के दौरान हाईकोर्ट के प्रशासनिक जज जस्टिस एसएस चौहान ने कहा कि लोक अदालत में निस्तारित मुकदमों का जुर्माना, दुर्घटना क्लेम और अन्य धनराशि दस दिन में जमा कर सकते हैं।
विज्ञापन


उद्घाटन समारोह में जस्टिस ने कहा कि  लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा मुकदमें निस्तारित किए जाएं। लोक अदालत में मुकदमे निस्तारित होने से न किसी की हार होती है और न किसी की जीत। इस दौरान जिला जज इफाकत अली खान, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, एसएसपी आकाश कुलहरि, एडीएम सिटी अविनाश सिंह समेत सभी न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन


उधर, सैकेंड शनिवार की छुट्टी के कारण ज्यादातर लोगों ने पैसे बदलने और जमा करने को प्राथमिकता देते हुए बैकों में लाइन लगाई। बैंक कर्मचारियों की ड्यूटी लगी होने के कारण पीएनबी और ओवरसीज बैंक के काउंटर पर कोई नहीं दिखा। इन दोनों बैंकों के अफसरों को फोन किया जाता रहा लेकिन कोई नहीं पहुंच सका। मध्यस्थता केंद्र में भी सन्नाटा पसरा दिखा। लोक अदालत में न्यायिक अफसरों ने 16 हजार 905 और प्रशासनिक अफसरों ने एक लाख 93 हजार 661 मुकदमें निस्तारित किए। प्रीलिटिगेशन (मुकदमा पूर्व निस्तारण) के 178 और स्थायी लोक अदालत के दो मुकदमों का निस्तारण हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed