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Kanpur News: झींझक सीएचसी में तीन माह से एक्सरे फिल्म नहीं
Fri, 19 Jun 2026 01:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 19 Jun 2026 01:41 AM IST
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झींझक (कानपुर देहात)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इन दिनों एक्स-रे फिल्म का टोटा है। झीझक में तीन माह से फिल्म न होने से यहां आने वाले मरीजों को मोबाइल पर रिपोर्ट खींच कर डॉक्टर से परामर्श लेना पड़ रहा है। इससे मरीज व डॉक्टर दोनाें को परेशानी हो रही है।
सीएचसी झींझक में प्रतिदिन 150 से 200 तक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इनमें से 20 से 30 लोगों को डॉक्टर एक्स-रे की सलाह देते हैं। यहां अगस्त 2024 से किसी नियमित एक्सरे तकनीशियन की तैनाती नहीं है। वर्तमान में एक्सरे मशीन का संचालन जैसे-तैसे एक्सरे प्राविधिक सहायक रोहित कुशवाहा कर रहे हैं। मार्च 2026 से ही एक्सरे फिल्म का स्टॉक समाप्त हो चुका है।
इसके बाद से मरीजों को फिल्म मिलना बंद हो गई है। एक्स-रे होने के बाद प्राविधिक सहायक द्वारा मरीज या उनके तीमारदारों से मशीन की स्क्रीन पर दिख रही इमेज का मोबाइल से फोटो खींचने को कहा जा रहा है। जिनके पास स्मार्टफोन नहीं होता, उनके लिए खुद प्राविधिक सहायक अपने मोबाइल से फोटो खींचकर डॉक्टरों को रिपोर्ट दिखाते हैं।
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मरीजों का कहना है कि मोबाइल फोटो के माध्यम से रिपोर्ट दिखाने में कई बार स्पष्टता की बड़ी समस्या आती है। इससे डॉक्टरों को सटीक बीमारी पकड़ने में दिक्कत होती है। साथ ही मरीज के पास अपनी बीमारी का कोई परमानेंट रिकॉर्ड भी सुरक्षित नहीं रह पाता। नगर निवासी विनय प्रताप और अजय सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र की इस बदहाली को लेकर कई बार विभागीय उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि एक्सरे फिल्म खत्म होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। फिल्म आते ही मरीजों को पहले की तरह निशुल्क डिजिटल फिल्म दी जाने लगेगी। मोबाइल से फोटो नहीं खींचनी पड़ेगी।
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सीएचसी झींझक में प्रतिदिन 150 से 200 तक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इनमें से 20 से 30 लोगों को डॉक्टर एक्स-रे की सलाह देते हैं। यहां अगस्त 2024 से किसी नियमित एक्सरे तकनीशियन की तैनाती नहीं है। वर्तमान में एक्सरे मशीन का संचालन जैसे-तैसे एक्सरे प्राविधिक सहायक रोहित कुशवाहा कर रहे हैं। मार्च 2026 से ही एक्सरे फिल्म का स्टॉक समाप्त हो चुका है।
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इसके बाद से मरीजों को फिल्म मिलना बंद हो गई है। एक्स-रे होने के बाद प्राविधिक सहायक द्वारा मरीज या उनके तीमारदारों से मशीन की स्क्रीन पर दिख रही इमेज का मोबाइल से फोटो खींचने को कहा जा रहा है। जिनके पास स्मार्टफोन नहीं होता, उनके लिए खुद प्राविधिक सहायक अपने मोबाइल से फोटो खींचकर डॉक्टरों को रिपोर्ट दिखाते हैं।
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मरीजों का कहना है कि मोबाइल फोटो के माध्यम से रिपोर्ट दिखाने में कई बार स्पष्टता की बड़ी समस्या आती है। इससे डॉक्टरों को सटीक बीमारी पकड़ने में दिक्कत होती है। साथ ही मरीज के पास अपनी बीमारी का कोई परमानेंट रिकॉर्ड भी सुरक्षित नहीं रह पाता। नगर निवासी विनय प्रताप और अजय सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र की इस बदहाली को लेकर कई बार विभागीय उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि एक्सरे फिल्म खत्म होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। फिल्म आते ही मरीजों को पहले की तरह निशुल्क डिजिटल फिल्म दी जाने लगेगी। मोबाइल से फोटो नहीं खींचनी पड़ेगी।