फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   No investigation, no NOC, factories running in basement

Kanpur News: न जांच न एनओसी, बेसमेंट में चल रहे कारखाने

Fri, 13 Jun 2025 01:28 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 13 Jun 2025 01:28 AM IST
विज्ञापन
No investigation, no NOC, factories running in basement
बेसमेंट में दुकान। - फोटो : संवाद
कानपुर। शहर की घनी आबादी के बीच अपार्टमेंट व मकानों में धड़ल्ले से कारखाने और गोदाम संचालित हो रहे हैं। यहां करीब 570 गोदाम व कारखाने हैं, जिनकी वजह से आधा शहर एक तरह से बम के ढेर पर है। ये गोदाम और कारखाने आग लगने पर कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। खास बात यह है कि अधिकतर के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र भी नहीं है। ये लोग प्रेमनगर हादसे से भी सबक नहीं ले रहे हैं। वहां आग लगने पर परिवार के पांच सदस्यों की माैत हो गई थी। यहां भी बेसमेंट में जूते का काम होता था।
विज्ञापन


इस भीषण गर्मी में यह कारखाने और गोदाम विकराल आग लगने का कारण बनते हैं। शहर के चमनगंज, बेकनगंज, दलेलपुरवा, इख्तिखाराबाद, पटकापुर, नई सड़क, रेल बाजार, चकेरी, आनंदबाग, भन्नापुरवा, कर्नलगंज, कंघीमोहाल सहित कई इलाकों में अपार्टमेंट और मकानों में इस तरह के कारखाने व गोदाम हैं। इनमें कुछ तो किराये पर दिए गए हैं जबकि कई मकान मालिक खुद ही अपनी व्यावसायिक गतिविधियों में इनका उपयोग कर रहे हैं। रिहायशी व घनी आबादी में इस तरह के कारखानों व गोदामों में कन्फैक्शनरी, जूता-चप्पल, जनरल स्टोर, जूट के बोरे, इलेक्ट्रानिक्स सहित अन्य व्यवसाय किए जा रहे हैं। इन पर कार्रवाई करने की जरूरत केडीए, दमकल विभाग के अधिकारी नहीं समझते। बता दें कि बुधवार रात आनंदबाग स्थित रंजीत स्टोर में भीषण आग लग गई थी।
विज्ञापन





संकरी गलियों में नहीं जा पाती दमकल
कई इलाकों में कारखाने और गोदाम इतनी संकरी गलियों में चल रहे हैं कि आपात स्थिति में दमकल गाड़ियों का पहुंचना भी संभव नहीं है। प्रेमनगर में दानिश के अपार्टमेंट में हाल ही में आग लगने के बाद दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में रात से सुबह तक हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन




12 इमारतें की गईं थी सील

सीसामऊ उपचुनाव से पूर्व केडीए ने अभियान चलाया था। इस दौरान चमनगंज व अन्य इलाकों में ऐसी 12 इमारतें सील की गई थीं, जिनके बेसमेंट में कारखाने संचालित हो रहे थे। केडीए का कहना था कि ये इमारते अवैध हैं। उसके बाद से मामला ठंडे बस्ते में चला गया।


इस तरह हो रहा संचालन
कर्नलगंज, कंघीमोहाल : रेडीमेट कारखाने, गोदाम।
चमनगंज, बेकनगंज: चप्पल व बेकरी उत्पाद।
आनंदबाग, गांधीनगर: बेकरी प्रोडक्ट, कन्फेक्शनरी।
चकेरी, जाजमऊ: चमड़े के कारखाने, मार्केट।
काकादेव: बेसमेंट में चल रहे कोचिंग सेंटर।

जिम्मेदार कौन...


दमकल विभाग
पीड़ित परिवार ने लिखित में कुछ नहीं दिया है। होलसेल का कारोबार था। एक करोड़ के नुकसान की आशंका है। शार्ट सर्किट के कारण बेसमेंट में आग लगी थी। लाइसेंस की जानकारी नहीं है, लेकिन दुकान व गोदाम में फायर सिलिंडर थे। शहर की अवैध इमारतों के बेसमेंट में इस तरह के कारखाने व गोदाम संचालित होने के संबंध में केडीए को तीन बार लिखित में दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। - दीपक शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी




खाद्य व औषधि विभाग
परचून व जनरल स्टोर के सामान की बिक्री के लिए जीएसटी नंबर लेना होता है। वहीं पर इनकी बिक्री के हिसाब से टैक्स लिया जाता है। खाद्य विभाग से इसका कोई लेनादेना नहीं है। - संजय प्रताप, सहायक आयुक्त, खाद्य व औषधि


बेकनगंज, चमनगंज आदि मोहल्लों में बेसमेंट में चल रहे कारखाने सील किए जा चुके हैं। एक दिन तीन बिल्डिंग सील की गईं थीं। आनंदबाग के किराना गोदाम के मामले में भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। - सत शुक्ला, विशेष कार्याधिकारी, जोन-1, केडीए

----------------------------------------------------------

84 के दंगों में जलाई गई थी दुकान, अब आग से सब नष्ट

आनंदबाग स्थित रंजीत स्टोर में आग से सब जलकर राख हो गया। गुरुवार सुबह बेसमेंट से पानी निकालने के लिए मोटर लगाई गई। रंजीत के बेटों ठाकुर वीर सिंह उर्फ बंटी और अमरजीत सिंह उर्फ टोनी ने दस मजदूर लगवाकर जला माल बाहर निकलवाया। काउंटर व गोदाम में रखे सभी कंप्यूटर नष्ट हो गए हैं। बता दें कि रंजीत सिंह की पहले जनरल मर्चेंट की छोटी दुकान थी और 84 के दंगों में दंगाइयों ने जला दिया था। उसके बाद उन्होंने कड़ी मेहनत करते हुए यह मुकाम हासिल किया था, लेकिन बुधवार रात लगी आग से सबकुछ राख हो गया। हालांकि इस इमारत में तीन रास्ते होेने से पूरा परिवार सुरक्षित निकल गया। वहीं, प्रेमनगर वाली घटना में एक रास्ता होने से परिवार नहीं निकल पाया था, और पूरे परिवार की माैत हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed