फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   No contract was signed for the fodder procurement scheme, and cattle are receiving dry straw.

Kanpur News: चारा खरीद योजना में नहीं हुआ एक भी अनुबंध, गोवंश को मिल रहा सूखा भूसा

Sun, 03 May 2026 02:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sun, 03 May 2026 02:01 AM IST
विज्ञापन
No contract was signed for the fodder procurement scheme, and cattle are receiving dry straw.
कानपुर देहात। किसी गोशाला में इस समय संरक्षित गोवंशों को हरा चारा नहीं मिल रहा है। केवल भूसा के साथ दाना व चोकर दिया जा रहा है। यह तब है जबकि चारा उत्पादक किसानों से हरा चारा खरीदने की योजना है। एक माह बीतने पर अब तक कोई अनुबंध नहीं हो सका है।
विज्ञापन

जिले में ग्रामीण क्षेत्र में 76 गोशालाएं हैं। वहीं नगरीय क्षेत्र में 13 गोशालाओं का संचालन हो रहा है। करीब 10 हजार से अधिक गोवंश इन गोशालाओं में संरक्षित है। मौजूदा समय में गोशालाओं में हरा चारा का टोटा है। ऐसे में संरक्षित गोवंशों को केवल भूसा ही दिया जा रहा है। इसके साथ दाना व चोकर आदि देने का दावा जिम्मेदार कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति खराब है। अधिकारियों के निरीक्षण में भी गोशालाओं की चरही में सूखा भूसा मिल रहा है।
विज्ञापन

पूरे साल गोवंशों को हरा चारा मिले और किसानों को भी फायदा हो इसके लिए शुरू की गई हरा चारा खरीद योजना परवान नहीं चढ़ सकी है। योजना में वृहद गोआश्रय स्थल या फिर गोशाला के करीब चारा उगाने वाले किसानों से अनुबंध किया जाना था। ये किसान गोशालाओं की जरूरत का हरा चारा उपलब्ध कराते और इसके एवज में उन्हें तय मूल्य मिलता। योजना लांच हुए एक माह से अधिक हो चुका है लेकिन इसपर अमल नहीं हो सका है। इसकी वजह से एक भी अनुबंध नहीं हो सका है। सूखा भूसा खाने से संरक्षित गोवंश कमजोर हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed