{"_id":"60f879588ebc3e6ff1673196","slug":"no-attention-is-paid-to-the-maintenance-of-ventilators-and-equipment-akbarpur-news-knp6416145157","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेंटिलेटर व उपकरणों के रखरखाव पर नहीं ध्यान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेंटिलेटर व उपकरणों के रखरखाव पर नहीं ध्यान
विज्ञापन
कानपुर देहात। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में कोरोना की तीसरी लहर से बचाव की तैयारी पूरी होने का दावा किया जा रहा है। वहीं हकीकत कुछ और ही नजर आती है। जिला अस्पताल में बने कोविड एल-टू अस्पताल में वर्तमान में मरीज भर्ती नहीं होने से वेंटिलेटर व अन्य उपकरणों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अस्पताल में तैनात चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी भी ड्यूटी पर अधिकतर नजर नहीं आते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ जल्द ही कोरोना की तीसरी लहर का असर दिखने की बात कह रहे हैं। इसके बाद भी जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक व कर्मचारी इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में बनाए गए कोविड एल-टू अस्पताल में वर्तमान में कोई मरीज नहीं भर्ती है। इससे यहां पर वेंटिलेटर सहित अन्य उपकरणों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
यहां पर डॉक्टर व स्टाफ की हर रोज रोस्टर के अनुसार तीन शिफ्टों मेें ड्यूटी लगाई जा रही है। हकीकत में अस्पताल में न तो डॉक्टर आते और न स्टाफ कर्मी। बुधवार को कक्षों में वेंटिलेटर, बेड आदि उपकरण बेतरतीब ढंग से रखे मिले।
विज्ञापन
ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा कि कोरोना संक्रमित गंभीर मरीज आने पर उन्हें बेहतर उपचार कैसे मिल सकेगा। वहीं इस बाबत जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव गुप्ता का कहना है कि डॉक्टर व कर्मी अस्पताल में ही रहते हैं। जब मरीज आएगा तो वह तत्काल मौके पर पहुंच जाएंगे।
तीन दिन बाद ठीक हो सका विद्युत केबल
कानपुर देहात। कोविड एल-टू अस्पताल में रविवार को चिकित्सालय के बाहर लगी केबल में फाल्ट हो गया था। इससे पूरे अस्पताल में अंधेरा पसर गया और उपकरण आदि ठप पड़ गए। मंगलवार की देर शाम कर्मचारी सक्रिय हुए और केबल के फाल्ट को खोजा। इसके बाद फाल्ट को दुरुस्त कर अस्पताल में बिजली आपूर्ति बहाल कराई गई।
जिला अस्पताल के सीएमएस ने बताया कि अस्पताल के बाहर मुख्य केबल में फाल्ट हुआ था। जिसकी मरम्मत कराकर बिजली आपूर्ति बहाल करा दी गई है। अस्पताल में मरीज नहीं होने से कोई दिक्कत नहीं हुई है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विशेषज्ञ जल्द ही कोरोना की तीसरी लहर का असर दिखने की बात कह रहे हैं। इसके बाद भी जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक व कर्मचारी इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में बनाए गए कोविड एल-टू अस्पताल में वर्तमान में कोई मरीज नहीं भर्ती है। इससे यहां पर वेंटिलेटर सहित अन्य उपकरणों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
यहां पर डॉक्टर व स्टाफ की हर रोज रोस्टर के अनुसार तीन शिफ्टों मेें ड्यूटी लगाई जा रही है। हकीकत में अस्पताल में न तो डॉक्टर आते और न स्टाफ कर्मी। बुधवार को कक्षों में वेंटिलेटर, बेड आदि उपकरण बेतरतीब ढंग से रखे मिले।
विज्ञापन
ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा कि कोरोना संक्रमित गंभीर मरीज आने पर उन्हें बेहतर उपचार कैसे मिल सकेगा। वहीं इस बाबत जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव गुप्ता का कहना है कि डॉक्टर व कर्मी अस्पताल में ही रहते हैं। जब मरीज आएगा तो वह तत्काल मौके पर पहुंच जाएंगे।
तीन दिन बाद ठीक हो सका विद्युत केबल
कानपुर देहात। कोविड एल-टू अस्पताल में रविवार को चिकित्सालय के बाहर लगी केबल में फाल्ट हो गया था। इससे पूरे अस्पताल में अंधेरा पसर गया और उपकरण आदि ठप पड़ गए। मंगलवार की देर शाम कर्मचारी सक्रिय हुए और केबल के फाल्ट को खोजा। इसके बाद फाल्ट को दुरुस्त कर अस्पताल में बिजली आपूर्ति बहाल कराई गई।
जिला अस्पताल के सीएमएस ने बताया कि अस्पताल के बाहर मुख्य केबल में फाल्ट हुआ था। जिसकी मरम्मत कराकर बिजली आपूर्ति बहाल करा दी गई है। अस्पताल में मरीज नहीं होने से कोई दिक्कत नहीं हुई है।