{"_id":"5c8406c2bdec22140b208e7b","slug":"nia-team-investigate-in-house-of-terrorist-kamruzzaman","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आतंकी कमरुज्जमा को लेकर कानपुर आई एनआईए, एके-47 का नहीं लगा कोई सुराग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आतंकी कमरुज्जमा को लेकर कानपुर आई एनआईए, एके-47 का नहीं लगा कोई सुराग
Sun, 10 Mar 2019 12:03 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 10 Mar 2019 12:03 AM IST
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आतंकी को शहर लेकर जांच के लिए पहुंची एनआईए की टीम
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हिजबुल मुजाहिददीन के आतंकी कमर उल-जमां उर्फ डॉ.हुरैरा उर्फ कमरुज्जमां को कस्टडी रिमांड पर लेकर एनआईए टीम शनिवार को कानपुर आई। दोपहर में चकेरी पहुंची टीम ने दो राजपत्रित अधिकारियों को स्वतंत्र गवाह के रूप में अपने साथ लिया। इसके बाद टीम कमरुज्जमां को शिव नगर अहिरवां स्थित मकान में ले गई, जहां वह किराये पर रहता था।
इसके बाद टीम उसे सुतरखाना स्थित सिद्धविनायक गणेश मंदिर और जेकेमंदिर समेत कई स्थानों पर ले गई। वहां कमरुज्जमा से पूछताछ की। रात में टीम उसे लेकर लखनऊ लौट गई। एनआईए की टीम दो गाड़ियों से कमरुज्जमां को लेकर चकेरी थाने पहुंची। वहां स्वतंत्र गवाह के रूप में डीएम की तरफ से नामित दो राजपत्रित अधिकारियों को साथ लिया।
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इसके बाद टीम उसे सुतरखाना स्थित सिद्धविनायक गणेश मंदिर और जेकेमंदिर समेत कई स्थानों पर ले गई। वहां कमरुज्जमा से पूछताछ की। रात में टीम उसे लेकर लखनऊ लौट गई। एनआईए की टीम दो गाड़ियों से कमरुज्जमां को लेकर चकेरी थाने पहुंची। वहां स्वतंत्र गवाह के रूप में डीएम की तरफ से नामित दो राजपत्रित अधिकारियों को साथ लिया।
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सिद्धि विनायक गणेश मंदिर को उड़ाने की थी साजिश
इसके बाद शिव नगर में उजियारी लाल के मकान में ले गई। इस मकान की पहली मंजिल पर कमरुज्जमां किराये पर रहता था। एटीएस ने पिछले साल 13 सितंबर को उसे इसी मकान से दबोचा था। मकान में रह रहे किरायेदारों से उसकी पहचान कराई। किरायेदारों ने कहा कि कमरुज्जमां यहां रहता था, लेकिन उन लोगों से मिलता-जुलता कम था।
इसके बाद टीम उसे लेकर सुतरखाना स्थित सिद्धि विनायक गणेश मंदिर पहुंची। मंदिर के पुजारी व आसपास के दुकानदारों से कमरुज्जमां का सामना कराया। मंदिर के सामने खड़ा करके कमरुज्जमां का फोटो खींचा। कमरुज्जमां ने बताया था कि वह सिद्धि विनायक गणेश मंदिर को उड़ाने की साजिश रच रहा ता। यहां से एनआईए उसे परमट घाट ले गई।
आनंदेश्वर मंदिर के आसपास घुमाया। जेके मंदिर लेकर पहुंची। वहां भी उससे पूछा कि इस मंदिर की भी उसने रेकी थी क्या। टीम ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी की। पिछले साल अप्रैल में कमरुज्जमां ने सोशल मीडिया पर एके-47 के साथ अपना फोटो अपलोड किया था, जिसके बाद वह सुर्खियों में आ गया था। कमरुज्जमां की गिरफ्तारी को छह महीने बीत गए हैं लेकिन एनआईए और एटीएस समेत अन्य जांच एजेंसियां एके-47 बरामद नहीं कर सकी हैं।
इसके बाद टीम उसे लेकर सुतरखाना स्थित सिद्धि विनायक गणेश मंदिर पहुंची। मंदिर के पुजारी व आसपास के दुकानदारों से कमरुज्जमां का सामना कराया। मंदिर के सामने खड़ा करके कमरुज्जमां का फोटो खींचा। कमरुज्जमां ने बताया था कि वह सिद्धि विनायक गणेश मंदिर को उड़ाने की साजिश रच रहा ता। यहां से एनआईए उसे परमट घाट ले गई।
आनंदेश्वर मंदिर के आसपास घुमाया। जेके मंदिर लेकर पहुंची। वहां भी उससे पूछा कि इस मंदिर की भी उसने रेकी थी क्या। टीम ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी की। पिछले साल अप्रैल में कमरुज्जमां ने सोशल मीडिया पर एके-47 के साथ अपना फोटो अपलोड किया था, जिसके बाद वह सुर्खियों में आ गया था। कमरुज्जमां की गिरफ्तारी को छह महीने बीत गए हैं लेकिन एनआईए और एटीएस समेत अन्य जांच एजेंसियां एके-47 बरामद नहीं कर सकी हैं।