फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   news about Coronas patient admitted to isolation ward of Kanshiram Hospital in kanpur

कांशीराम अस्पताल: आइसोलेशन में उड़ा रहे बिरयानी, यहां भर्ती कोरोना संक्रमितों को रास नहीं आ रहा सरकारी खाना

Wed, 06 May 2020 11:22 AM IST
शिखा पांडेय सुरजीत तिवारी, अमर उजाला, कानपुर
सुरजीत तिवारी, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 06 May 2020 11:22 AM IST
विज्ञापन
news about Coronas patient admitted to isolation ward of Kanshiram Hospital in kanpur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : गूगल
कानपुर में चकेरी के कांशीराम अस्पताल में कोरोना लेवल-टू के  मरीजों के लिए बना आइसोलेशन वार्ड पिकनिक स्पॉट में तब्दील हो चला है। फिलहाल यहां लेवल-वन के 88 कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती हैं। इनमें से करीब तीन दर्जन मरीजों को सरकारी खाना रास नहीं रहा है।
विज्ञापन


इनके लिए परिजन व अन्य करीबी बाहर से लजीज व्यंजन पहुंचा रहे हैं। नॉनवेज व बिरयानी की मांग के चलते रोज सरकारी खाना बर्बाद हो रहा है। अस्पताल प्रशासन की ढिलाई से आइसोलेशन वार्ड पिकनिक स्पॉट में तब्दील हो गया है।  
विज्ञापन


कई कोरोना संक्रमितों की रसूख के आगे अस्पताल प्रशासन नतमस्तक है। अफसर चाहकर भी बाहर से आ रहे खाने व अन्य समानों का विरोध नहीं कर पा रहे हैं। खुद अस्पताल का स्टाफ ही ये सामान संबंधित मरीजों तक पहुंचाने में जुटा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लग्जरी गाड़ियों से पहुंच रहे लोग
अस्पताल में सुबह से रात तक बाहरी लोगों का आनाजाना लगा रहता है। दो पहिया से लेकर लग्जरी कारों तक से लोग अपने-अपने मरीजों को खाने का सामान पहुंचाने आते हैं।

सरकारी खाने की बर्बादी
अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि यहां भर्ती कोरोना मरीजों की संख्या के अनुसार सीएमओ की ओर से खाने की आपूर्ति होती है। लेकिन इसमें से रोजाना काफी खाना बर्बाद हो रहा है। संक्रमण के डर से बचे खाने को अस्पताल से मेडिकल वेस्ट उठाने वाली कंपनी ठिकाने लगा रही है। बचे खाने को किसी सामान्य व्यक्ति या जानवर को भी नहीं दिया जा सकता है। बताया गया कि कई बार नॉनवेज खाने के बाद ये मरीज हड्डियां इधर-उधर फेंक देते हैं।  

क्या बोले सीएमएस
अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके पांडेय का कहना है कि कुछ मरीजों के नाम लिखे बंद पैकेट आते हैं। जिन्हें संबंधित तक पहुंचा दिया जाता है। इसके लिए किसी को मनाही नहीं है। यहां पूरे मरीजों का खाना आ रहा है। कुछ तो बर्बादी होती ही है। अस्पताल में कुछ समाजसेवी भी मरीजों को खाना देने आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed