जागरूकता अभियान: नवजात नाजुक फूल...उनकी सेहत का ध्यान बड़ी जिम्मेदारी, विशेषज्ञ बोले- आशा बहनों की अहम भूमिका
Etawah News: अमर उजाला और जॉनसन बेबी कंपनी की ओर से नारायण बैंक्वेट हॉल में सेमीनार का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने नवजात को नाजुक फूल बताते हुए उनकी विशेष देखभाल करने की सलाह दी।
विस्तार
शिशुओं की देखभाल के जागरूकता अभियान के तहत अमर उजाला के सहयोग से जॉनसन बेबी कंपनी ने गुरुवार को इटावा के नारायण बैंक्वेट हॉल में जॉनसन बेस्ट पहले पल से कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने नवजात को नाजुक फूल बताते हुए उनकी विशेष देखभाल करने की सलाह दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सामारंभा फाउंडेशन की अध्यक्ष समाजसेवी ऋचा राय, विशिष्ट अतिथि ग्लोबल पीस फाउंडेशन की अध्यक्ष सीमा सिंह, समाजसेवी अनीता यादव और जॉनसन कंपनी के विक्रम खान और सचिन जैन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
विक्रम खान ने एलईडी स्क्रीन के जरिए आशा कार्यकर्ताओं को जॉनसन के उत्पादों की गुणवत्ता और फायदों के बारे में बताया। सचिन जैन ने बच्चों के लिए उपयोग किए जाने वाले उत्पादों के बारे में बताया। ऋचा राय ने कहा कि बच्चे फूल समान होते हैं। उनकी देखभाल बड़ी जिम्मेदारी है।
आशा बहनों की अहम भूमिका
आशा कार्यकर्ताओं को भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सीमा सिंह ने कहा कि आशा हर मां और उसकी संतान की सबसे बड़ी सुरक्षाकर्मी हैं। जो हमेशा उनका ध्यान रखती हैं। अनीता यादव ने कहा कि मातृ शक्ति को ताकत देने में आशा बहनों की अहम भूमिका है। उनके सहारे ही बच्चे पौध से पेड़ बनते हैं। उन्होंने जिक्र करते हुए बताया कि उनका बेटा 13 वर्ष का है, वह जॉनसन के उत्पाद ही उपयोग करती हैं।
अमर उजाला और जाॅनसन बेबी कंपनी का यह संयुक्त प्रयास सराहनीय है। आशाओं को बुलाकर उन्हें सम्मान देना और उनके साथ इस तरह की चर्चाएं होना घर-घर तक सकारात्मक संदेश पहुंचाती हैं।
-ऋचा राय, अध्यक्ष सामारंभा फाउंडेशन
कार्यक्रम ने आशाओं में ऊर्जा भरने का काम किया है। नवजातों के जीवन से जुड़ीं बारीकियों को समझकर आशा बहनें अब घर-घर तक यह संदेश पहुंचाएंगी। इस तरह के कार्यक्रम होते रहने चाहिए।
-सीमा सिंह, अध्यक्ष ग्लोबल पीस फाउंडेशन
शहरों और मोहल्लों की गली-गली में नवजातों का ध्यान रखने के लिए प्रहरी बनकर घूमने वाली आशा बहनों के लिए अमर उजाला और जॉनसन बेबी कंपनी की ओर से किया गया कार्यक्रम सराहनीय है। इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। -अनीता यादव, समाजसेवी