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Kanpur News: सहजादपुर में नवीन यूपीएसआईडीसी उपकेंद्र बनकर तैयार
Fri, 04 Sep 2026 01:47 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 04 Sep 2026 01:47 AM IST
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कानपुर देहात। अकबरपुर के सहजादपुर में नवीन यूपीएसआईडीसी उपकेंद्र बनकर तैयार है। जल्द ही उपकेंद्र ऊर्जीकृत होने की उम्मीद है। इससे रनियां व जैनपुर उपकेंद्र का भार कम होगा। इससे फॉल्ट व ट्रिपिंग की समस्या दूर होगी। औद्योगिक क्षेत्र में रनियां व जैनपुर में निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
अकबरपुर के सहजादपुर में बीते साल नवीन यूपीएसआईडीसी उपकेंद्र निर्माण की शुरुआत हुई थी। अब यह उपकेंद्र बनकर तैयार है। फिलहाल उपकेंद्र की क्षमता पांच एमवी की होगी। बाद में जरूरत के अनुसार क्षमता वृद्धि की जा सकेगी। यार्ड में पॉवर ट्रांसफार्मर रखने के साथ कंट्रोल रूम में वीसीबी व अन्य उपकरण लगा दिए गए हैं। यह उपकेंद्र जैनपुर 132 केवी ग्रिड उपकेंद्र से जुड़ेगा। उपकेंद्र निर्माण में करीब छह करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कुछ जरूरी काम अभी शेष हैं लेकिन इन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 33 केवी लाइन ऊर्जीकृत की जाएगी।
मौजूदा समय में रनियां व जैनपुर उपकेंद्रों की क्षमता 25-25 एमवी है। अब इन उपकेंद्रों की और क्षमता नहीं बढ़ाई जा सकती है। रनियां उपकेंद्र से 370 फैक्टरी व 3200 अन्य कनेक्शन जुड़े हैं। वहीं, जैनपुर उपकेंद्र पर 59 फैक्टरियों और 1700 अन्य कनेक्शनों का भार है। जैनपुर व रनियां औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरियां बढ़ रही हैं। ऐसे में अब फैक्टरियों का लोड शिफ्ट करने की जरूरत है। ओवर लोड से ट्रिपिंग के चलते फैक्टरियों में काम प्रभावित होता है। नवीन उपकेंद्र संचालित होने से रनियां व जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
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बयान......
हाईवे किनारे सहजादपुर में नवीन यूपीएसआईडीसी उपकेंद्र बनकर तैयार है। यार्ड में भी काम लगभग पूरा है। कुछ उपकरण लगना शेष हैं। उन्हें जल्द लगवा दिया जाएगा। इसी माह उपकेंद्र संचालन की उम्मीद है। - राजीव कुमार शर्मा, अधीक्षण अभियंता विद्युत कार्यमंडल कानपुर
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नवीन उपकेंद्र की 33 केवी लाइन ऊर्जीकृत कराई जानी है। इसके बाद जैनपुर व रनियां औद्योगिक क्षेत्र का भार शिफ्ट किया जाएगा। ओवर लोड की स्थिति नहीं रहेगी और फॉल्ट रुकेंगे तो फैक्टरियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति होगी। - ब्रजेश कुमार, एक्सईएन रनियां खंड
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इस तरह से शिफ्ट होगा विद्युत भार
नवीन यूपीएसआईडीसी उपकेंद्र के करीब जैनपुर व बारा उपकेंद्र हैं। एसडीओ जैनपुर अंशुमान पांडेय ने बताया कि नवीन उपकेंद्र से जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र का भार शिफ्ट किया जाएगा। इसके साथ ही रनियां उपकेंद्र का भार कम किया जाना है। बारा उपकेंद्र पर रनियां क्षेत्र का भार शिफ्ट किया जाएगा। जबकि बारा उपकेंद्र से जुड़े कनेक्शनों का भार नवीन यूपीएसआईडीसी उपकेंद्र पर शिफ्ट होगा। इस तरह से रनियां व जैनपुर उपकेंद्र पर लोड कम कर निर्बाध बिजली आपूर्ति की जाएगी।
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दिन में कई बार ट्रिपिंग पर नाराजगी जता चुके उद्यमी
कानपुर देहात। रनियां में प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है। रनियां उपकेंद्र से 3200 अन्य कनेक्शन जुड़े हैं। ओवरलोड व फॉल्ट से ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है। बिजली गुल होने पर फैक्टरी में मशीनें बंद होने से नुकसान होता है। तिरपाल, धागे, पाइप, लैमिनेशन व मोल्डेड आइटम बनाने वाली करीब सौ फैक्टरियां हैं। ट्रिपिंग से कच्चा माल मशीन में फंसने से हर दिन नुकसान पर उद्यमी नाराजगी जा चुके हैं। सीमा संस्था के जोनल चेयरमैन हरदीप सिंह राखरा ने बताया कि बीते माह मुख्य अभियंता विद्युत के साथ रायपुर में बैठक हुई थी। इसमें दिन में कई-कई ट्रिपिंग की समस्या का मुद्दा उठाया गया था। पहले भी शिकायतें की जा चुकी हैं। बिजली निगम के अधिकारी आश्वासन देते रहे हैं। (संवाद)
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अकबरपुर के सहजादपुर में बीते साल नवीन यूपीएसआईडीसी उपकेंद्र निर्माण की शुरुआत हुई थी। अब यह उपकेंद्र बनकर तैयार है। फिलहाल उपकेंद्र की क्षमता पांच एमवी की होगी। बाद में जरूरत के अनुसार क्षमता वृद्धि की जा सकेगी। यार्ड में पॉवर ट्रांसफार्मर रखने के साथ कंट्रोल रूम में वीसीबी व अन्य उपकरण लगा दिए गए हैं। यह उपकेंद्र जैनपुर 132 केवी ग्रिड उपकेंद्र से जुड़ेगा। उपकेंद्र निर्माण में करीब छह करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कुछ जरूरी काम अभी शेष हैं लेकिन इन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 33 केवी लाइन ऊर्जीकृत की जाएगी।
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मौजूदा समय में रनियां व जैनपुर उपकेंद्रों की क्षमता 25-25 एमवी है। अब इन उपकेंद्रों की और क्षमता नहीं बढ़ाई जा सकती है। रनियां उपकेंद्र से 370 फैक्टरी व 3200 अन्य कनेक्शन जुड़े हैं। वहीं, जैनपुर उपकेंद्र पर 59 फैक्टरियों और 1700 अन्य कनेक्शनों का भार है। जैनपुर व रनियां औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरियां बढ़ रही हैं। ऐसे में अब फैक्टरियों का लोड शिफ्ट करने की जरूरत है। ओवर लोड से ट्रिपिंग के चलते फैक्टरियों में काम प्रभावित होता है। नवीन उपकेंद्र संचालित होने से रनियां व जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
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हाईवे किनारे सहजादपुर में नवीन यूपीएसआईडीसी उपकेंद्र बनकर तैयार है। यार्ड में भी काम लगभग पूरा है। कुछ उपकरण लगना शेष हैं। उन्हें जल्द लगवा दिया जाएगा। इसी माह उपकेंद्र संचालन की उम्मीद है। - राजीव कुमार शर्मा, अधीक्षण अभियंता विद्युत कार्यमंडल कानपुर
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नवीन उपकेंद्र की 33 केवी लाइन ऊर्जीकृत कराई जानी है। इसके बाद जैनपुर व रनियां औद्योगिक क्षेत्र का भार शिफ्ट किया जाएगा। ओवर लोड की स्थिति नहीं रहेगी और फॉल्ट रुकेंगे तो फैक्टरियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति होगी। - ब्रजेश कुमार, एक्सईएन रनियां खंड
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इस तरह से शिफ्ट होगा विद्युत भार
नवीन यूपीएसआईडीसी उपकेंद्र के करीब जैनपुर व बारा उपकेंद्र हैं। एसडीओ जैनपुर अंशुमान पांडेय ने बताया कि नवीन उपकेंद्र से जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र का भार शिफ्ट किया जाएगा। इसके साथ ही रनियां उपकेंद्र का भार कम किया जाना है। बारा उपकेंद्र पर रनियां क्षेत्र का भार शिफ्ट किया जाएगा। जबकि बारा उपकेंद्र से जुड़े कनेक्शनों का भार नवीन यूपीएसआईडीसी उपकेंद्र पर शिफ्ट होगा। इस तरह से रनियां व जैनपुर उपकेंद्र पर लोड कम कर निर्बाध बिजली आपूर्ति की जाएगी।
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दिन में कई बार ट्रिपिंग पर नाराजगी जता चुके उद्यमी
कानपुर देहात। रनियां में प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है। रनियां उपकेंद्र से 3200 अन्य कनेक्शन जुड़े हैं। ओवरलोड व फॉल्ट से ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है। बिजली गुल होने पर फैक्टरी में मशीनें बंद होने से नुकसान होता है। तिरपाल, धागे, पाइप, लैमिनेशन व मोल्डेड आइटम बनाने वाली करीब सौ फैक्टरियां हैं। ट्रिपिंग से कच्चा माल मशीन में फंसने से हर दिन नुकसान पर उद्यमी नाराजगी जा चुके हैं। सीमा संस्था के जोनल चेयरमैन हरदीप सिंह राखरा ने बताया कि बीते माह मुख्य अभियंता विद्युत के साथ रायपुर में बैठक हुई थी। इसमें दिन में कई-कई ट्रिपिंग की समस्या का मुद्दा उठाया गया था। पहले भी शिकायतें की जा चुकी हैं। बिजली निगम के अधिकारी आश्वासन देते रहे हैं। (संवाद)