{"_id":"5fd9bfb88ebc3e3b9b100e00","slug":"new-system-to-stop-fraud-from-cheque","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेक से फ्रॉड रोकने के लिए एक जनवरी से नई व्यवस्था, आरबीआई ने जारी किए निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चेक से फ्रॉड रोकने के लिए एक जनवरी से नई व्यवस्था, आरबीआई ने जारी किए निर्देश
Wed, 16 Dec 2020 01:37 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 16 Dec 2020 01:37 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चेक के जरिये होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए आरबीआई एक जनवरी से नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। 50 हजार या इससे अधिक राशि की चेक लगाने पर रि-चेकिंग व्यवस्था के तहत ग्राहक से एसएमएस और ऐप के जरिये जानकारी ली जाएगी।
शुरूआत में इसे ग्राहकों के लिए स्वैच्छिक रखा गया है। हालांकि जानकारों का कहना है कि व्यवस्था को अनिवार्य भी किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीयकृत बैंकों में नकली चेक की पहचान के लिए अलग-अलग तरीके हैं।
कहीं पर पानी की मार्किंग की जाती है तो कहीं पर अलग-अलग निशान के जरिये पहचान की जाती है। इसके बाद भी चेक के जरिये होने वाले फ्रॉड कम नहीं हो रहे हैं। यह भी देखा गया है कि मैटीरियल अल्ट्रेशन (चेक में लिखे शब्द को मिटाना या जोड़ना) से भी फ्रॉड होते हैं।
विज्ञापन
इन सबको रोकने के लिए आरबीआई ने निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत यदि 50 हजार या इससे अधिक का चेक बैंक में जमा किया गया है तो चेक लगाने वाले व्यक्ति से चेक की तिथि, भुगतान करने वाले व्यक्ति, रकम आदि की जानकारी दोबारा ली जाएगी। वहां से सहमति मिलने के बाद चेक को क्लीयर किया जाएगा। नेशनल कंफेडरेशन आफ बैंक इंप्लाइज के सचिव राजेंद्र अवस्थी ने बताया कि व्यवस्था से फ्रॉड रोकने में बड़ी सहायता मिलेगी।
बैंक स्तर पर होगी व्यवस्था
आरबीआई की ओर जारी निर्देश में यह कहा गया है कि रि-चेकिंग की व्यवस्था बैंक स्तर पर होगी। बैंक अपने स्तर पर संबंधित को एसएमएस या फिर मोबाइल ऐप के जरिये चेक की फोटो भेज सकेंगे।
विज्ञापन
शुरूआत में इसे ग्राहकों के लिए स्वैच्छिक रखा गया है। हालांकि जानकारों का कहना है कि व्यवस्था को अनिवार्य भी किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीयकृत बैंकों में नकली चेक की पहचान के लिए अलग-अलग तरीके हैं।
विज्ञापन
कहीं पर पानी की मार्किंग की जाती है तो कहीं पर अलग-अलग निशान के जरिये पहचान की जाती है। इसके बाद भी चेक के जरिये होने वाले फ्रॉड कम नहीं हो रहे हैं। यह भी देखा गया है कि मैटीरियल अल्ट्रेशन (चेक में लिखे शब्द को मिटाना या जोड़ना) से भी फ्रॉड होते हैं।
विज्ञापन
इन सबको रोकने के लिए आरबीआई ने निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत यदि 50 हजार या इससे अधिक का चेक बैंक में जमा किया गया है तो चेक लगाने वाले व्यक्ति से चेक की तिथि, भुगतान करने वाले व्यक्ति, रकम आदि की जानकारी दोबारा ली जाएगी। वहां से सहमति मिलने के बाद चेक को क्लीयर किया जाएगा। नेशनल कंफेडरेशन आफ बैंक इंप्लाइज के सचिव राजेंद्र अवस्थी ने बताया कि व्यवस्था से फ्रॉड रोकने में बड़ी सहायता मिलेगी।
बैंक स्तर पर होगी व्यवस्था
आरबीआई की ओर जारी निर्देश में यह कहा गया है कि रि-चेकिंग की व्यवस्था बैंक स्तर पर होगी। बैंक अपने स्तर पर संबंधित को एसएमएस या फिर मोबाइल ऐप के जरिये चेक की फोटो भेज सकेंगे।