UP: कानपुर में नया पुलिसिया खेल…पहले पकड़ो लुटेरा फिर दर्ज करो एफआईआर, पढ़ें कब-कब किए पुलिस ने खेल
Kanpur News: लूट के मामलों में कानपुर पुलिस तहरीर लेकर जांच भले शुरू कर दे, लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखती है। आरोपियों का सुराग लगने या गिरफ्तारी के बाद ही रिपोर्ट दर्ज करने का नया चलन शुरू हो गया है।
विस्तार
कानपुर में कमिश्नरी पुलिस अपने अजब-गजब रवैये के लिए जानी जाती है। इन दिनों पुलिस ने अपराध नियंत्रण के लिए नया पैंतरा अपनाया है। इसके तहत अपराधी को पकड़ने तक एफआईआर ही दर्ज नहीं की जा रही। न रिपोर्ट दर्ज होगी, न ही अधिकारियों से डाट पड़ेगी और उन्हें जवाब भी नहीं देना होगा। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष के पास लूट का एक चार महीने पुराना मामला पहुंचा तो उन्होंने पुलिस कर्मियों को जमकर फटकार लगाई। डपटे जाने और कार्रवाई की चेतावनी पर आनन-फानन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
दरअसल, पीड़ितों संग हुई लूट की रिपोर्ट दर्ज कर लुटेरों को ढूंढने का तरीका अब पुराना हो गया है। पुलिस अब पीड़ित से तहरीर लेकर पहले रिपोर्ट दर्ज नहीं करती बल्कि घटनास्थल के आसपास के कैमरे खंगालना शुरू कर देती है। फुटेज से आरोपियों का सुराग मिलने पर उनकी धरपकड़ की जाती है। सफलता मिलने पर पीड़ित को थाने बुलाकर उसकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली जाती है। भले लूट होने से लेकर आरोपी की गिरफ्तारी तक महीनों का वक्त लग जाए, लेकिन इससे पुलिस को फर्क नहीं पड़ता। लुटेरा हाथ न लगे तो रिपोर्ट दर्ज न होने से थाने का रिकार्ड खराब होने का भी खतरा नहीं रहता।
कब-कब किए पुलिस ने खेल
केस एक
28 मई की शाम पनकी में बेखौफ लुटेरों ने एसीपी कार्यालय से चंद कदम दूर प्रतिरक्षा कर्मी की बेटी से तमंचा लगाकर चेन लूट की। पीड़िता मां संग थाने पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए तहरीर लेकर टरका दिया। पीड़िता के पूछने पर आरोपी की पहचान होने के बाद ही रिपोर्ट दर्ज होने की बात कही। पुलिस 20 दिन घटना दबाए रही। वहीं, अचानक मंगलवार तड़के गोविंदनगर में मुठभेड़ में लुटेरे अनुज तिवारी के पकड़े जाने के महज दस घंटे पहले रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
केस दो
25 जून को बर्रा के दामोदरनगर इलाके में बाइक सवार लुटेरे भूसाटोली कछियाना मोहाल निवासी दयाशंकर साहू आयकर अधिवक्ता की पत्नी स्वीटी से मोबाइल लूट ले गए थे। महिला की शिकायत के बावजूद पुलिस ने उन्हें दस दिन टरकाया। हालांकि छह जुलाई को रिपोर्ट दर्ज की और उसके कुछ घंटे बाद ही मुठभेड़ में दो लुटेरों को धर दबोचा गया।
किसी भी घटना की सूचना को तत्काल दर्ज किया जाना चाहिए। लूट जैसी घटनाओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। रिपोर्ट दर्ज करने में देरी करने वालों से जवाब तलब किया जाण्गा। -आशुतोष कुमार, जेसीपी