{"_id":"69ed1d45eef01e8a38055ef2","slug":"new-age-soldier-a-strong-hold-on-books-law-and-computers-kanpur-news-c-362-1-ka11002-146353-2026-04-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए जमाने के सिपाही : किताब, कानून और कंप्यूटर तीनों पर पकड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए जमाने के सिपाही : किताब, कानून और कंप्यूटर तीनों पर पकड़
विज्ञापन
कानपुर। पुलिस महकमे में रविवार को शामिल हो रहे नए सिपाही अब सिर्फ डंडे तक सीमित नहीं हैं। किताब, कानून और कंप्यूटर, तीनों पर उनकी मजबूत पकड़ दिख रही है। आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती में इस बार आई बड़ी खेप ने पुलिसिंग की तस्वीर बदलने के संकेत दे दिए हैं। खास बात यह है कि इन रंगरूटों में महज 10 फीसदी ही इंटरमीडिएट पास हैं जबकि अधिकांश एमसीए, बीटेक, बीएससी, एमएससी और बीएड डिग्रीधारक हैं।
प्रशिक्षण के दौरान भी इस बदलाव की झलक साफ देखने को मिली। रंगरूटों को सुबह चार बजे से शुरू होने वाली कठोर शारीरिक ट्रेनिंग के साथ-साथ साइबर क्राइम, डिजिटल पुलिसिंग, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और आधुनिक जांच तकनीकों की भी जानकारी दी गई। कई रंगरूट पहले से ही कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, डाटा एनालिसिस और तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल में दक्ष हैं जिससे पुलिसिंग और अधिक प्रभावी बनने की उम्मीद है।
अधिकारियों का मानना है कि उच्चशिक्षित युवाओं की यह नई खेप थानों में कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ जटिल मामलों की जांच को भी आसान बनाएगी। खासकर साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण में इनकी भूमिका बेहद अहम होगी। इससे पुलिस की जांच प्रक्रिया तेज और सटीक होने की संभावना है। इसके साथ ही कानून की पढ़ाई पर भी विशेष जोर दिया गया है। इन नए सिपाहियों को नए आपराधिक कानूनों, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और प्रक्रिया संबंधी प्रावधानों की जानकारी देकर अपडेट किया गया है, ताकि मौके पर ही सही और कानूनी कार्रवाई की जा सके।
विज्ञापन
कोट:::
यह बदलाव भविष्य की जरूरत है। तकनीकी रूप से दक्ष और पढ़े-लिखे सिपाही न सिर्फ कानून-व्यवस्था को मजबूत करेंगे, बल्कि आम जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर पुलिस की छवि को भी सकारात्मक बनाएंगे।
रघुबीर लाल,पुलिस कमिश्नर
विज्ञापन
प्रशिक्षण के दौरान भी इस बदलाव की झलक साफ देखने को मिली। रंगरूटों को सुबह चार बजे से शुरू होने वाली कठोर शारीरिक ट्रेनिंग के साथ-साथ साइबर क्राइम, डिजिटल पुलिसिंग, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और आधुनिक जांच तकनीकों की भी जानकारी दी गई। कई रंगरूट पहले से ही कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, डाटा एनालिसिस और तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल में दक्ष हैं जिससे पुलिसिंग और अधिक प्रभावी बनने की उम्मीद है।
विज्ञापन
अधिकारियों का मानना है कि उच्चशिक्षित युवाओं की यह नई खेप थानों में कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ जटिल मामलों की जांच को भी आसान बनाएगी। खासकर साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण में इनकी भूमिका बेहद अहम होगी। इससे पुलिस की जांच प्रक्रिया तेज और सटीक होने की संभावना है। इसके साथ ही कानून की पढ़ाई पर भी विशेष जोर दिया गया है। इन नए सिपाहियों को नए आपराधिक कानूनों, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और प्रक्रिया संबंधी प्रावधानों की जानकारी देकर अपडेट किया गया है, ताकि मौके पर ही सही और कानूनी कार्रवाई की जा सके।
विज्ञापन
कोट:::
यह बदलाव भविष्य की जरूरत है। तकनीकी रूप से दक्ष और पढ़े-लिखे सिपाही न सिर्फ कानून-व्यवस्था को मजबूत करेंगे, बल्कि आम जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर पुलिस की छवि को भी सकारात्मक बनाएंगे।
रघुबीर लाल,पुलिस कमिश्नर