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कॉपी चेकिंग में लापरवाही
अमर उजाला कानपुर
Updated Tue, 04 Aug 2015 01:50 AM IST
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छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी से संबद्ध डिग्री कॉलेजों में बीएससी सेकेंड ईयर की कॉपी जांचने में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत मिली कॉपी को देखने से पता चला है कि प्रश्नोत्तर जांचे गए हैं लेकिन उसके मार्क्स केज (कॉपी के ऊपरी हिस्से) पर नही चढ़े हैं।
इसी लापरवाही से बीएससी सेकेंड ईयर के केमिस्ट्री थर्ड पेपर (फिजिकल केमिस्ट्री) में तमाम छात्र-छात्राएं फेल हो गए हैं। रिजल्ट खराब आया है। यूनिवर्सिटी से संबद्ध डिग्री कॉलेजों के बीए, बीएससी और बीकॉम 2014-15 के रिजल्ट घोषित हो गए लेकिन कॉपी जांचने में लापरवाही के आरोप का सिलसिला थमा नहीं है। अब तक 2000 से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने स्क्रूटनी के फार्म भरे हैं।
इतने ही छात्रों ने आरटीआई के तहत कॉपी दिखाने की मांग की है। डीबीएस कॉलेज की बीएससी सेकेंड ईयर की छात्रा प्रज्ञा चौहान (रोल नंबर 5083642) ने आरटीआई के तहत केमिस्ट्री थर्ड पेपर की कॉपी निकलवाई है। पेपर कोड-142 एन की जो कॉपी निकली है, उसमें खंड-ब का प्रश्नोत्तर नंबर 4-अ हल किया गया है। टीचर कोड टी-124 की शिक्षिका ने प्रश्नोत्तर देखा भी है लेकिन मार्क्स नहीं दिया है।
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सही का निशान लगाकर पूरा प्रश्नोत्तर सादा छोड़ दिया है। कॉपी जांचने वाले शिक्षक ने प्रश्न संख्या 9-अ में अतिरिक्त लिखावट का तर्क दिया है। इसके बावजूद एक मार्क्स देकर पल्ला झाड़ लिया है। प्रज्ञा ने ये कॉपी यूनिवर्सिटी प्रशासन को देने का फैसला किया है। डीजी कॉलेज में बीएससी सेकेंड ईयर की छात्रा राधिका तिवारी की कॉपी में भी सही मार्किंग नहीं की गई है। तमाम प्रश्नोत्तर ऐसे हैं, जिनके मार्क्स केज पर नहीं चढ़े हैं। डीएवी, वीएसएसडी, डीबीएस, पीपीएन, क्राइस्ट चर्च सहित तमाम पीजी कॉलेजों में बीएससी सेकेंड ईयर के छात्र-छात्राओें की कॉपियां सही ढंग से नहीं जांची गई है।
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इसी लापरवाही से बीएससी सेकेंड ईयर के केमिस्ट्री थर्ड पेपर (फिजिकल केमिस्ट्री) में तमाम छात्र-छात्राएं फेल हो गए हैं। रिजल्ट खराब आया है। यूनिवर्सिटी से संबद्ध डिग्री कॉलेजों के बीए, बीएससी और बीकॉम 2014-15 के रिजल्ट घोषित हो गए लेकिन कॉपी जांचने में लापरवाही के आरोप का सिलसिला थमा नहीं है। अब तक 2000 से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने स्क्रूटनी के फार्म भरे हैं।
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इतने ही छात्रों ने आरटीआई के तहत कॉपी दिखाने की मांग की है। डीबीएस कॉलेज की बीएससी सेकेंड ईयर की छात्रा प्रज्ञा चौहान (रोल नंबर 5083642) ने आरटीआई के तहत केमिस्ट्री थर्ड पेपर की कॉपी निकलवाई है। पेपर कोड-142 एन की जो कॉपी निकली है, उसमें खंड-ब का प्रश्नोत्तर नंबर 4-अ हल किया गया है। टीचर कोड टी-124 की शिक्षिका ने प्रश्नोत्तर देखा भी है लेकिन मार्क्स नहीं दिया है।
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सही का निशान लगाकर पूरा प्रश्नोत्तर सादा छोड़ दिया है। कॉपी जांचने वाले शिक्षक ने प्रश्न संख्या 9-अ में अतिरिक्त लिखावट का तर्क दिया है। इसके बावजूद एक मार्क्स देकर पल्ला झाड़ लिया है। प्रज्ञा ने ये कॉपी यूनिवर्सिटी प्रशासन को देने का फैसला किया है। डीजी कॉलेज में बीएससी सेकेंड ईयर की छात्रा राधिका तिवारी की कॉपी में भी सही मार्किंग नहीं की गई है। तमाम प्रश्नोत्तर ऐसे हैं, जिनके मार्क्स केज पर नहीं चढ़े हैं। डीएवी, वीएसएसडी, डीबीएस, पीपीएन, क्राइस्ट चर्च सहित तमाम पीजी कॉलेजों में बीएससी सेकेंड ईयर के छात्र-छात्राओें की कॉपियां सही ढंग से नहीं जांची गई है।