Nazul Property Case: राजा भैया की पार्टी के नेता भी अवनीश के संपर्क में, पैसा क्यों दिया गया…पूछताछ की तैयारी
Kanpur News: जनसत्ता दल के कानपुर मंडल के संरक्षक रहे कारोबारी ने आनंदेश्वर फर्म बनाने की बात कबूली है। कहा है कि इस फर्म से हरेंद्र की संस्था को 25 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे, लेकिन अवनीश के बारे में उन्हें कुछ नहीं पता है।
विस्तार
नजूल संपत्ति मामले में फंसे अवनीश दीक्षित के संबंध राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल के नेताओं से भी हैं। पुलिस इस मामले में भी अवनीश से पूछताछ कर सकती है। पुलिस अफसरों ने बताया कि अवनीश के करीबी जितेश झा की कंपनी श्री आनंदेश्वर एसोसिएट्स एलएलपी में जनसत्ता दल के नेता अमित कुमार सिंह उर्फ मीतू साइलेंट पार्टनर हैं। इसी आनंदेश्वर एसोसिएट्स के खाते के जरिये हरेंद्र की संस्था को 25 लाख रुपये भेजे गए थे। काकादेव निवासी अमित सिंह उर्फ मीतू कारोबारी है।
उन्होंने कहा कि वे जनसत्ता दल के कानपुर मंडल के संरक्षक रहे हैं। चार माह पहले वकील के माध्यम से जितेश झा और शरद से मुलाकात हुई थी। जितेश झा के जरिये हरेंद्र मसीह से संपर्क हुआ। सभी ने मिलकर स्कूल और रियल स्टेट में काम करने के लिए श्री आनंदेश्वर एसोसिएट्स नाम से कंपनी बनाई थी। इसमें उन्हें साइलेंट पार्टनर रखा गया। कंपनी 50 लाख रुपये से बनाई गई थी, जिसमें उन्होंने 11.20 लाख रुपये दिए थे। इन्हीं रुपयों से हरेंद्र की संस्था यूनिइटेड फेलोशिप फॉर क्रिश्चियन सर्विस के खाते में 25 लाख रुपये भेजे गए थे। इस सौदे के बीच अवनीश दीक्षित कहां से आए, यह उन्हें नहीं पता।
कब्जे वाले दिन मौके पर मौजूद थे अमित सिंह
पुलिस के पास अमित सिंह की 28 जुलाई 2024 की वह फोटो है, जब मैरी एंड मेरी स्कूल कम्पाउंड पर कब्जा करने का प्रयास किया गया था। इस बारे में अमित सिंह ने कहा कि वे उधर से गुजर रहे थे और एसीपी कोतवाली को देखकर रुक गए थे।
कंपनी के अन्य साझेदारों को जारी होगा सफीना
डीसीपी ईस्ट श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि श्री आनंदेश्वर एसोसिएट्स में राम प्रताप सिंह, सुधांशु तिवारी, शरद कुमार शुक्ला, देश राज वर्मा, हरिओम गुप्ता, संदीप शुक्ला और जितेश झा साझीदार हैं। जितेश झा फरार है। बाकी साझेदारों को सफीना जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जाएगा। अवनीश से भी कंपनी को लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
अमित सिंह श्री आनंदेश्वर एसोसिएट्स में साइलेंट पार्टनर हैं। इसी कंपनी से हरेंद्र मसीह की संस्था को पैसा भी जा रहा है। पैसा लिखा-पढ़ी में है। नजूल की जमीन के लिए पैसा क्यों दिया गया? इसकी जांच की ही जाएगी। अमित सिंह से पूछताछ होगी। -हरीश चंदर, एडिशनल सीपी, कानून व्यवस्था