Agriculture Workshop: मंत्री शाही बोले- गंगा किनारे होगी प्राकृतिक खेती, कृषि उद्योगों काे मिल रहा है बढ़ावा
बिधनू में आयोजित प्राकृतिक खेती एवं कृषि नवाचार कार्यशाला में कृषि मंत्री शाही ने कहा कि सरकार कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। गंगा के पांच किमी के दायरे में प्राकृतिक खेती कराई जाएगी।
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कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि गंगा किनारे के पांच किलोमीटर के दायरे में बसे गांवों में सरकार जैविक व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देगी। शुक्रवार को वह विकासखंड बिधनू के पलरा ढोंढर गांव स्थित विकल्प कृषि फार्म में एक दिवसीय प्राकृतिक खेती एवं कृषि नवाचार कार्यशाला व किसान मेले के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।
उन्होंने बताया कि सरकार कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा देने के कार्य कर रही है। कृषि मंत्री बताया कि यह कार्य नमामि गंगे योजना के तहत कराया जाएगा। यह योजना गंगा से जुड़े सभी राज्यों में संचालित की जा रही है। कृषि आधारित उद्योगों से किसानों की आय में कई गुना बढ़ोतरी होगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने किसानों से गो आधारित प्राकृतिक एवं जैविक खेती पर जोर देने को कहा। इसके लिए किसानों को सरकार से अनुदान और आर्थिक मदद की जाएगी। उन्होंने किसानों से समस्याएं और सुझाव देने को कहा है। इस कार्यशाला में गोबर, गोमूत्र, पानी, गुड़, बेसन और मिट्टी से बनी जैविक खाद, जैविक खेती से उपजाई फल और सब्जियों के स्टाल भी लगाए गए।
इसके साथ ही योजनाओं के स्टाल भी लगे। इस अवसर पर विकल्प फार्म के संस्थापक विवेक चतुर्वेदी ने कृषि मंत्री और मुख्य सचिव को स्वविकसित कृषि यंत्रों बैल चालित डिस्क हैरो, बैल चालित ट्रैक्टर, बैट्री वीडर विद ब्रश कटर, हस्तचालित वीडर, ब्रश कटर, ई-बाइक, सोलर पम्प सहित अनेक यंत्रों को दिखाया।
समाज को पोषित करने में महिलाओं की भूमिका अहम
आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती, धात्री, कुपोषित, अति कुपोषित बच्चों व किशोरियों को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व दिए जाते हैं। कार्यकर्ता घर-घर जाकर पोषण देने का काम कर रही हैं। समाज को पोषित करने में महिलाओं की भूमिका अहम है। ये जानकारी शुक्रवार को मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने बिधनू ब्लॉक में आयोजित गोद भराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम में दी।
पोषण माह के तहत आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पौष्टिक आहार के सेवन को जरूरी बताया। कृषि मंत्री और मुख्य सचिव ने दो गर्भवती महिलाओं अंजलि और रिंकी को फूलों की माला, चुनरी ओढ़ाकर और पोषण युक्त वस्तुओं की टोकरी देकर गोद भराई की रस्म अदा की। टोकरी में गुड़, चना, हरी पत्तेदार सब्जियां, आयरन की गोली, पोषाहार, फल आदि थे।
साथ ही छह माह की परी और श्रेयांश को खीर खिलाते हुए अन्नप्राशन कराया। उन्होंने कहा कि बच्चे को जन्म के बाद छह माह तक केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए, लेकिन छह माह बाद शिशुओं को अतिरिक्त आहार का भी सेवन कराना चाहिए। कमजोर बच्चों को जिला अस्पताल के एनआरसी में भिजवाएं। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह, विधायक अभिजीत सिंह सांगा आदि रहे।