Kanpur News: सड़कों पर नहीं...मस्जिदों में पढ़ी गई नमाज, शांति का पैगाम देते हुए उड़ाए सफेद गुब्बारे और कबूतर
ईद उल अजहा यानी बकरीद पर्व के मौके पर कानपुर की अलग-अलग मस्जिदों, और ईदगाहों में मुल्क में अमन चैन की दुआ की गई। इस मौके पर शांति का पैगाम देने के लिए हवा में सफेद गुब्बारे और कबूतर उड़ाए गए।
विस्तार
कानपुर में बेनाझाबर स्थित बड़ी ईदगाह पर पहली बार ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज सड़क पर नहीं पढ़ी गई। नमाज शुरू होते ही ईदगाह भरने के बाद लोग सड़क के एक छोर पर बैठने लगे। इस दौरान वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच लोगों ने नमाज अदा की। इस दौरान ईदगाहों व मस्जिदों के आस पास भारी पुलिस फोर्स मौजूद रहा।
नमाज समाप्त होने के बाद पुलिस अधिकारियों और नमाजियों ने देश में शांति का पैगाम देने के लिए हवा में सफेद गुब्बारे और कबूतर भी उड़ाए। बड़ी ईदगाह में सुबह आठ बजे से नमाज पढ़ी जानी थी। इसके चलते सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी। इसके चलते ईदगाह का परिसर पूरी तरह से भर गया। भीतर जगह न होने पर करीब 50 से 60 लोग गेट के बाहर सड़क पर नमाज पढने की कोशिश करने लगे।
इस बीच वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने नियमों का पालन करने का हवाला देते हुए नमाजियों को रोक दिया। नमाजियों की भीड़ अधिक होने के चलते मस्जिदों में दो बार नमाज अदा कराई गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने वीडियोग्राफी भी कराई। नमाज मौलाना मोहम्मद शकील ने अदा कराई। यही स्थिति शहर के अधिकांश मस्जिदों में रहीं।
ईदगाह में बाहर नहीं लगे लाउडस्पीकर
ईदगाह परिसर के अंदर ही लाउडस्पीकर लगाए गए। लाउडस्पीकर की आवाज भी इतनी रखी गई कि दूर तक उसका विस्तार न हो सके। ईदगाह परिसर में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे। इसके साथ ही एलआईयू की टीम भी सक्रिय रही।
नमाज का समय में होगा बदलाव
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि वर्ष 2023 में बकरीद की नमाज केसमय में कुछ बदलाव किया जाएगा। इससे कि लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।